बिहार के बाद अब झारखंड में शराबबंदी की बारी! मंत्री बोले, केंद्र सरकार पूरी करें ये शर्तें, फिर लगा देंगे बैन
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि केंद्र से बकाया राशि मिलने पर राज्य में शराबबंदी पर विचार किया जा सकता है. साथ ही सरकार ने नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का भी ऐलान किया है.
झारखंड सरकार ने हाल ही में विधानसभा में कुछ महत्वपूर्ण बातें कही हैं, खासकर शराबबंदी, केंद्र सरकार से बकाया पैसा, नशे के खिलाफ कार्रवाई और कुछ अन्य मुद्दों पर. झारखंड के उत्पाद और मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विधानसभा में कहा कि राज्य में पूरी तरह शराबबंदी लागू करने के बारे में सरकार सोचेगी, लेकिन इसके लिए एक बड़ी शर्त है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले राज्य के विभिन्न विभागों का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का बकाया पैसा दे दे. यह पैसा कई योजनाओं जैसे जल-जीवन-हरियाली, नल का जल आदि के लिए केंद्र से मिलना चाहिए था, लेकिन अभी तक नहीं मिला है.
मंत्री ने बताया कि केंद्र के पास अभी भी 6270 करोड़ रुपये का बकाया है. उन्होंने कहा कि वे खुद चार बार केंद्रीय मंत्रियों से मिल चुके हैं, लेकिन पैसा नहीं मिल रहा. वहीं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में कहा कि कुल मिलाकर केंद्र का 13 हजार करोड़ रुपये का बकाया है. अगर यह पैसा समय पर मिल जाता, तो राज्य का बजट का 90-95% तक खर्च हो चुका होता और विकास कार्य तेजी से होते.
शराबबंदी पर क्या बोले मंत्री योगेंद्र प्रसाद?
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने यह भी कहा कि अगर यह सारा बकाया पैसा मिल जाए, तो झारखंड में बिहार की तरह सख्ती से शराबबंदी लागू करने पर विचार किया जा सकता है. उन्होंने शराब घोटाले के मामले में चार्जशीट तैयार होने की बात भी कही. इसके अलावा, जेलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल रोकने के लिए फोर-जी जैमर (सिग्नल जाम करने वाली मशीन) लगाने का काम एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। सरकार ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ भी एमओयू (समझौता) करने वाली है.
नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
राज्य में नशे (ड्रग्स) का कारोबार और युवाओं में बढ़ती लत को लेकर भी मंत्री ने बड़ा ऐलान किया. विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन में सवाल उठाया कि हजारीबाग, रामगढ़ (पतरातू, बड़कागांव, केरेडारी आदि इलाकों) में नशीले पदार्थों का धंधा तेजी से फैल रहा है. इससे युवा भटक रहे हैं और अपराध भी बढ़ रहा है. मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब में कहा कि नशे की वजह से पूरी युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है. इसलिए सरकार ने फैसला लिया है कि हर जिले में एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी. यह टीम नशे के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाएगी और बड़े अभियान चलाएगी.
उन्होंने आंकड़े भी दिए:
- साल 2026 में अब तक सिर्फ 17 केस दर्ज हुए हैं, यानी नशे पर कुछ हद तक काबू पाया गया है
- लेकिन हाल में हजारीबाग और आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपये के ड्रग्स बरामद हुए हैं, जो दिखाता है कि माफिया अभी भी सक्रिय हैं
- 2019 से 2023 तक एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थों से जुड़ा कानून) के तहत 2396 मामले दर्ज हुए थे
कुल मिलाकर, सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और युवाओं को बचाने के लिए सख्त कदम उठा रही है. यह सब विधानसभा के बजट सत्र में हुआ, जहां कई मुद्दों पर गर्मागर्म बहस हुई.




