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क्या रसगुल्ला खाने से हो सकती है किसी की मौत? जमशेदपुर में शख्स की मौत से उठे कई सवाल, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स

झारखंड के जमशेदपुर में शादी समारोह के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने लोगों को चौंका दिया. रसगुल्ला खाते समय एक शख्स के गले में मिठाई फंस गई, जिससे उसकी सांस की नली बंद हो गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई.

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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 16 March 2026 6:30 PM IST

झारखंड के जमशेदपुर से सामने आई एक घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है. एक फंक्शन में मिठाई खाते समय 41 साल के व्यक्ति की अचानक मौत हो गई. दरअसल रसगुल्ला शख्स के गले में फंस गया था, जिसके कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और कुछ ही मिनटों में उनकी हालत गंभीर हो गई.

यह घटना सुनकर कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सच में रसगुल्ला या कोई भी खाना गले में फंसने से जान जा सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर खाना सांस की नली को पूरी तरह ब्लॉक कर दे, तो ऐसी कंडीशन बेहद खतरनाक हो सकती है. आइए जानते हैं पूरा मामला और ऐसी कंडीशन में क्या करना चाहिए.

क्या है पूरा मामला?

यह घटना सोमवार सुबह झारखंड के जमशेदपुर के मालियांता गांव में हुई. 41 साल के ललित सिंह शादी में गए थे. इसी दौरान उन्होंने रसगुल्ला खाया, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी. इसके बाद आसपास खड़े लोगों ने रसगुल्ला निकालने की कोशिश भी की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

कैसे हुई मौत?

इस मामले में डॉक्टर ने बताया कि रसगुल्ला उनके गले में इस तरह फंस गया था कि उसने सांस की नली (एयरवे) को पूरी तरह बंद कर दिया. इससे शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो गया और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई. एक्सपर्ट के मुताबिक इस कंडीशन को चोकिंग कहा जाता है. जब कोई बड़ी या नरम चीज गले में अटककर सांस की नली को बंद कर देती है, तो व्यक्ति को तुरंत सांस लेने में परेशानी होने लगती है. अगर समय पर मदद न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है.

गले में खाना फंस जाए तो क्या करें

अगर किसी व्यक्ति के गले में खाना फंस जाए तो तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है. इस कंडीशन में सबसे पहले खांसना जरूरी है. खांसने से गले में फंसे हुए खाने के बाहर निकलने की संभावना ज्यादा होती है. अगर यह तरीका भी काम न आए, तो पीड़ित को आगे की तरफ झुकाकर उसके पीठ पर मजबूती से लगभग पांच बार थपकी देने से फायदा हो सकता है.

क्या है हाइमलिक मैन्युवर

अगर कंडीशन फिर भी ठीक न हो तो हाइमलिक मैन्युवर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें पीड़ित व्यक्ति के पीछे खड़े होकर उसके पेट के ऊपरी हिस्से पर तेज दबाव डाला जाता है. इससे गले में फंसी चीज निकल सकती है.

सावधानी भी है जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि खाने के दौरान जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. खासकर मुलायम और बड़े आकार वाली चीजें जैसे रसगुल्ला, मिठाई या बड़े टुकड़ों में खाना खाते समय अच्छी तरह चबाकर खाना जरूरी है.

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