2010 के डोपिंग टेस्ट में फेल, आज कैफे–फिटनेस क्लब का मालिक; कौन है नाबालिग शूटर से रेप का आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज?

डोपिंग में फेल हो चुका शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर अब POCSO और रेप केस का आरोप लगा है. वह शूटिंग में गोल्ड मेडल तक जीत चुहा है, लेकिन उसके कुकर्मों की वजह से एनआरएआई (NRAI) ने उसे कोच पद से सस्पेंड कर दिया है. जानिए कौन है अंकुश भारद्वाज और कैसे इस मामले ने भारतीय खेल प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है?;

( Image Source:  Eshani Verma @eshaniverma809 )
Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 9 Jan 2026 11:58 AM IST

डोपिंग से रेप तक, यह सिर्फ युवा और चर्चित शूटिंग कोच की कहानी नहीं, बल्कि उस सिस्टम की तस्वीर है जो मेडल की चमक में नैतिकता और सुरक्षा जैसे मुद्दों को नजरअंदाज करता है. शायद इसी की नतीजा है कि कभी शूटिंग रेंज पर देश का नाम रोशन करने वाला शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज आज POCSO एक्ट और रेप के गंभीर आरोपों में घिरा है. नाबालिग महिला शूटर द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद एनआरएआई ने उसे सस्पेंड कर दिया है, जबकि पुलिस जांच जारी है. यह मामला अब केवल अपराध नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की परीक्षा बन चुका है.

एक ऐसा कोच जो पहले डोप टेस्ट में फेल हो चुका था, उस पर अब खेल की आड़ में नाबालिग शूटर के साथ जबरन रेप जैसे संगीन आरोप लगना भारतीय खेल तंत्र की निगरानी, जवाबदेही और खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. हालांकि, रेप की अभी पुष्टि नहीं हुई. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. आखिर कौन है अंकुश भारद्वाज, कैसे बना वह राष्ट्रीय स्तर का कोच, और किन चूकों ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया?

कौन है अंकुश भारद्वाज?

शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज मूल रूप से हरियाणा के अंबाला (Ambala, Haryana) का रहने वाले है. वर्तमान में मोहाली (Punjab) में रहता था. अंकुश भारद्वाज कैफे–फिटनेस क्लब का मालिक भी है. नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय पिस्टल शूटर है, जिसने 2007-08 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते और बाद में नेशनल कोच के रूप में काम किया. उसे 2010 में डोप टेस्ट में फेल होने पर बीटा ब्लॉकर के उपयोग के कारण SAI द्वारा बैन किया गया था, लेकिन बाद में उसने शूटिंग में वापसी की थी.

पीड़िता की शिकायत पर इन धाराओं में FIR

जनवरी 2026 में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड में 17 वर्षीय राष्ट्रीय-स्तर की नाबालिग महिला शूटर ने उन पर रेप और यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया. पीड़िता का आरोप है कि कोच ने उसे खेल में परफार्मेंस की चर्चा के बहाने होटल के कमरे में बुलाया और उसका रेप किया. पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है.

एनआरएआई ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद पुलिस ने अंकुश भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मोहाली निवासी भारद्वाज पर पॉस्को अधिनियम की धारा छह (गंभीर यौन उत्पीड़न) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (धमकी देने से संबंधित) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

NRAI ने किया सस्पेंड

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यह मामला सामने आने के बाद नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भारद्वाज को नैतिक आधारों पर तुरंत प्रभाव से सभी कोचिंग ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया है. उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी किया है. जबकि जांच पूरी होने तक उन्हें किसी भी प्रशिक्षण कार्य से अलग रखा गया है. एनआरएआई ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद में भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

खेल में सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने भारतीय खेल समुदाय में खिलाड़ियों की सुरक्षा, कोच-एथलीट स्नेह संबंध और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपी अंकुश भारद्वाज को कभी भारतीय शूटिंग में एक होनहार युवा खिलाड़ी माना जाता था. उसने 2008 में 18 साल की उम्र में शूटिंग की दुनिया में तब मशहूर हुए, जब उन्होंने पुणे में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में 50 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. अंकुश को 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुने जाने की उम्मीद थी. यूथ गेम्स के मेडल और घरेलू प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन की वजह से उनकी इज्जत और बढ़ गई थी. एनआरएआई की सिफारिश पर उसे शूटिंग कोच बनाया गया था.

कोच को साबित करना होगा खुद को निर्दोष

एनआरएआई के सचिव राजीव के मुताबिक अंकुश भारद्वाज को नैतिक आधार पर निलंबित किया गया है. अब उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा. जांच पूरी होने तक वह किसी भी तरह की कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़े रहेंगे.

क्या है मामला?

नाबालिग शूटिंग महिला खिलाड़ी के अनुसार पिछले महीने करणी सिंह रेंज में शूटिंग अभ्यास  सत्र में भाग लेने के लिए कोच ने उसे बुलाया था. उसके बाद अंकुश भारद्वाज ने होटल में पहुंचने को कहा. उनसे बताया कि उसे परफार्मेंस के बारे में डिस्कस करनी है. वहां पहुंचने के बाद कोच ने उसका यौन उत्पीड़न किया.

पिछले साल अगस्त से भारद्वाज के साथ प्रशिक्षण ले रही इस युवा निशानेबाज ने बताया कि वह इस घटना से सदमे में है. उन्होंने बार-बार पूछे जाने पर एक जनवरी को अपनी मां को इसकी जानकारी दी. अपनी एफआईआर में 17 वर्षीय खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि भारद्वाज उसे मोहाली, पटियाला, देहरादून और दिल्ली जैसे स्थानों पर प्रशिक्षण के लिए बुलाते थे, लेकिन वह हमेशा उसी दिन घर लौट आती थी, लेकिन घटना वाले दिन कोच ने उसे फरीदाबाद के होटल में धोखे में रखकर पहुंचने के लिए मजबूर किया था.

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