फर्जी आधार और विदेशी हैंडलर्स, क्या दिल्ली को दहलाने की थी तैयारी? पुलिस ने तमिलनाडु और वेस्टबंगाल से 8 लोगों को दबोचा

दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। राजधानी में लगे भड़काऊ पोस्टरों से शुरू हुई जांच ने एक ऐसे संदिग्ध आतंकी नेटवर्क तक पहुंचा दिया, जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेश स्थित चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 22 Feb 2026 10:38 AM IST

Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और बांग्लादेश स्थित चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने की आशंका है. गिरफ्तारियां तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चलाए गए ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान की गईं.

पुलिस का शक है कि यह ग्रुप विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था. तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में गारमेंट यूनिट्स से छह आरोपियों- मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल को हिरासत में लिया गया है. वहीं दो अन्य संदिग्धों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है.

जांच एजेंसियों ने क्या कहा?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्तियों में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं. आरोप है कि वे अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. सभी आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए दिल्ली लाया जा रहा है.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने बताया कि यह कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आतंक समर्थक पोस्ट की जांच के बाद शुरू हुई. जांच के दौरान टीम स्थानीय पुलिस की मदद से तिरुप्पुर पहुंची. वहां पता चला कि छह आरोपी क्षेत्र की गारमेंट फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे और उनके पास नकली आधार कार्ड मिले.

आरोपियों के पास से क्या सामान बरामद हुआ?

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आठ मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं. इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि डिजिटल सबूतों और अन्य संभावित नेटवर्क से जुड़े सुराग मिल सकें.

कैसे हुई इस मॉड्यूल की पहचान?

इस मॉड्यूल पर पहली नजर तब गई जब हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजधानी के 10 से अधिक स्थानों पर भड़काऊ पोस्टर लगाए गए. इनमें दिल्ली मेट्रो परिसर के अंदर भी पोस्टर पाए गए थे. इन पोस्टरों में कश्मीर से जुड़े संदर्भ और 'फ्री कश्मीर' जैसे नारे लिखे थे. पोस्टरों के सोर्स की जांच करते-करते स्पेशल सेल एक नेटवर्क तक पहुंची, जिसका संचालन तमिलनाडु से हो रहा था. इसी जांच के आधार पर ये गिरफ्तारियां हुईं.

इससे पहले आ चुका है ऐसा मामला?

यह मामला हाल ही में सामने आए एक अन्य संदिग्ध मॉड्यूल से मिलता-जुलता है. उस मामले में जम्मू-कश्मीर में लगे पोस्टरों की जांच के बाद एजेंसियां फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी तक पहुंची थीं. वहां कुछ लोग डॉक्टर के रूप में कार्यरत पाए गए, जिनका नाम बाद में रेड फोर्ट विस्फोट मामले में सामने आया था.

दिल्ली पुलिस ने अलर्ट में क्या कहा था?

इन गिरफ्तारियों से एक दिन पहले सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी में हाई अलर्ट जारी किया था. खुफिया इनपुट में आशंका जताई गई थी कि पाकिस्तान स्थित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) भीड़भाड़ वाले धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बना सकता है. सूत्रों के मुताबिक, चांदनी चौक क्षेत्र के एक मंदिर को संभावित टारगेट बताया गया था. साथ ही रेड फोर्ट के आसपास संवेदनशील इलाकों में आईईडी हमले की साजिश की भी आशंका जताई गई थी.

अधिकारियों ने रविवार की कार्रवाई को संभावित आतंकी साजिश को नाकाम करने की दिशा में बड़ी सफलता बताया है. मामले में आगे की जांच जारी है, ताकि अन्य संदिग्धों, फंडिंग नेटवर्क और सीमा पार संबंधों का पता लगाया जा सके.

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