1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड : Nitish पहुंचे Lalu-Rabri के पड़ोस, दोस्ती; दूरी या नई डील का संकेत?
1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड शिफ्ट हो रहे नीतीश कुमार का कदम बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. लालू-राबड़ी के पड़ोस में नया ठिकाना कई सियासी सवाल खड़े कर रहा है.
पटना की सियासत में इन दिनों सिर्फ बयान नहीं, बल्कि तस्वीरें भी कहानी कह रही हैं. वर्षों तक बिहार की सत्ता का केंद्र रहा 1 अणे मार्ग अब धीरे-धीरे खाली होने लगे हैं. यह एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विदाई की तैयारी के संकेत हैं तो दूसरी तरफ वह, उस सरकारी बंगले 7 सर्कुलर रोड स्थित नए ठिकाने में शिफ्ट होंगे. यह बदलाव महज घर बदलने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस सियासी राजनीतिक दौर के अंत का संकेत माना जा रहा है, जिसने बिहार की राजनीति को लंबे समय तक दिशा दी.
खास बात यह है कि नीतीश कुमार का नया ठिकाना राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेता लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पड़ोस में है. यानी कुछ दिनों अंदर नीतीश कुमार लालू के पड़ोसी हो जाएंगे. यही वो वजह है जो आवास शिफ्टिंग के मसले को कुछ ज्यादा सियासी बना रही है.
1 अणे मार्ग छोड़ना औपचारिक है या परिवर्तन का संकेत?
बिहार की राजनीति में 1 अणे मार्ग सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि वहां की सत्ता का प्रतीक रहा है. यहां से लिए गए फैसलों ने राज्य की राजनीति को आकार दिया. अब जब नीतीश कुमार का सामान यहां से हट रहा है, तो इसे एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. 14 अप्रैल को संभावित इस्तीफे की चर्चाओं के बीच यह शिफ्टिंग संकेत दे रही है कि सत्ता का केंद्र बदलने वाला है.
लालू-राबड़ी के पड़ोस में रहना नया सियासी संकेत?
पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड का नया ठिकाना सीधे तौर पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के आवास के करीब है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या यह सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई सियासी संदेश छिपा है. बिहार की राजनीति में रिश्ते अक्सर बदलते रहे हैं. कभी सहयोग, कभी टकराव. ऐसे में यह नजदीकी भविष्य की राजनीति के नए समीकरणों की ओर इशारा कर सकती है.
14 अप्रैल का इस्तीफा तय है या सस्पेंस बाकी?
बिहार के सियासी गलियारों में नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से आवास खाली हो रहा है, उसने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया है.
7 सर्कुलर रोड नया ‘पावर सेंटर’ बनेगा?
जिस बंगले में नीतीश कुमार शिफ्ट हो रहे हैं, वह पहले भी उनके उपयोग में रहा है और हाल के समय में मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में इस्तेमाल होता रहा है. इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस एक सशक्त प्रशासनिक परिसर माना जाता है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या आने वाले समय में यही जगह बिहार की नई सियासी गतिविधियों का केंद्र बनेगी?
बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत?
बिहार की राजनीति हमेशा से चौंकाने वाली रही है. 1 अणे मार्ग से 7 सर्कुलर रोड तक का यह सफर सिर्फ लोकेशन का बदलाव नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेतों से भरा हुआ है. जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार का यह कदम क्या नई रणनीति का हिस्सा है, या फिर बदलते हालात का नतीजा. यह आने वाले दिनों में साफ होगा. फिलहाल, इतना तय है कि इस शिफ्टिंग ने बिहार की सियासत का तापमान बढ़ा दिया है और हर नजर अब अगले कदम पर टिकी हुई है.