पावर, पैसा और पुल! विकास की सौगातों के साथ असम से पीएम मोदी का Double Attack

Narendra Modi के असम दौरे में पावर, पैसा और पुल ही केंद्र में रहे. करोड़ों की परियोजनाओं की सौगात देकर उन्होंने एक तरफ विकास का संदेश दिया, तो दूसरी ओर पड़ोसी देशों से मिलने वाली चुनौतियों पर भी सख्त रुख दिखाया.;

Edited By :  प्रवीण सिंह
Updated On : 14 Feb 2026 4:35 PM IST

पावर, पैसा और पुल. आज सब दिखा पीएम नरेंद्र मोदी के असम दौरे पर. करोड़ों की सौगात देकर नमो ने जहां एक तरफ चुनावी निवेश किया वहीं दूसरी तरफ पड़ोसियों से समय समय पर मिलने वाली चुनौतियों को ELF (Emergency Landing Facility) के जरिए चोटिल किया.

नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्ठ लक्ष्मी है. ऐसा पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी स्पीच की शुरुआत में कहा. 11 साल में हमने असम को 5.5 लाख करोड़ दिए. कांग्रेस के समय में ये राज्य पाई पाई के लिए मोहताज था. पर अब देखिए- यहां के हाइवे भी रनवे मोड में आ चुके हैं. ये सब भी नरेंद्र मोदी ने ही कहा. दिनदहाड़े मोबाइल की लाइट जलवाकर असमियों को प्राउड भी फील कराया और पड़ोसी देशों के पसीने भी छुड़वाए. फिर बोला- एक दौर वो भी था (कांग्रेस) और एक दौर आज का है (बीजेपी). तब सीमाएं असुरक्षित थी और आज का भारत देखिये घर में घुसकर मारता है.

असम को अब पांच गुना फंड मिल रहा है. ये बात तो साफ़-साफ़ पीएम मोदी से स्पीच के दौरान सुनी गई पर इसमें एक हिडेन मैसेज भी था- कि अगले पांच साल यदि कॉन्टिनुइटी चाहिए तो वो बीजेपी की सरकार ही दे सकती है. कांग्रेस केवल बयानबाज़ी में ही माहिर है. उनके राज में लोग ब्रह्मपुत्र पार नहीं कर पाते थे. उन्होंने दशकों में तीन पुल बनवाये और हमने 10 वर्षों में पांच पुल की सौगात दी. उन्होंने समस्याएं दी और हमने समाधान. ऐसा बताकर उन्होंने अपनी विरोधी पार्टी कांग्रेस की खिंचाई करते हुए जनता को उनके कांडों की यादें भी ताज़ा कराईं.

गिनने और गिनाने का सिलसिला भी चला. जैसे कांग्रेस ने घोटाले किये और हमने पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन दी. कांग्रेस ने देश को हमेशा खतरे में रखा और हमने आतंकियों के मन में खौफ पैदा किया. कांग्रेस फिर से बांटने में जुटी है और हम रणनीतिक मजबूती देने में. हमने IIM दिया और उन्होंने हिंसा-अलगाव. इसी लय में उन्होंने ये वादा भी किया कि आप जो मुझे प्यार दे रहे हैं वो सब ब्याज के साथ वापस करूंगा. मोदी ने कहा- एक समय जो असम बम धमाकों से गूंजता था आज वहां सिर्फ शान्ति ही शान्ति है.

बिना कांग्रेसी नेता पवन खेड़ा के उस ट्वीट की परवाह किये जिसमें उन्होंने कहा कि असम से ज्यादा दूर मणिपुर नहीं है, रैली में मोदी ने कहा- 10 साल ये लोग सत्ता से क्या दूर हो गए और भी जहरीले हो गए हैं. ऊपर से नीचे तक सब जहर बोल रहे हैं. यहां से दिल्ली तक के नेता सब घुसपैठियों को बचाने में लग गए हैं. ये सब मिलकर आपको मिटाना चाहते हैं. बातें थोड़ी दिल की भी हुई. असमिया लोगों के दिल जीतने की. न की उनके सिर्फ वोट हासिल करने की. तकरीबन 44 मिनट की स्पीच का लब्बोलुवाब यही था कि अगर विकास की रफ़्तार देखनी है तो डबल इंजन की सरकार चाहिए ही होगी.

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