असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सवाल यह है कि क्या कांग्रेस और उसके सहयोगी इस बार बीजेपी को सत्ता से बाहर कर पाएंगे या मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होंगे. पिछले कुछ वर्षों में बीजेपी ने असम में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है, वहीं कांग्रेस अब अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को मजबूत करना, पुराने गठबंधनों को फिर से सक्रिय करना और अलग-अलग सामाजिक वर्गों को एकजुट करना है. वहीं वोटबैंक की राजनीति, स्थानीय मुद्दे और धार्मिक-सामाजिक समीकरण चुनावी गणित को और जटिल बना रहे हैं. ऐसे में 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि असम की राजनीति की दिशा तय करने वाला मुकाबला साबित हो सकता है.