असम में 1.7 लाख अवैध विदेशी घोषित, लेकिन डिपोर्ट हुए सिर्फ 467; गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल ने हिमंता सरकार की खोल दी पोल
असम में 1.7 लाख से अधिक अवैध विदेशी घोषित किए गए हैं, जिनमें से अब तक सिर्फ 467 का ही निर्वासन हो पाया. वहीं, 4.35 लाख मामले विदेशी न्यायाधिकरणों को भेजे गए. हालांकि, नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में असम देश में नंबर-1 रहा. अपराध और महिलाओं के खिलाफ अपराध में तेज गिरावट दर्ज की गई.;
असम में 1.7 लाख अवैध विदेशी घोषित, लेकिन सिर्फ 467 का ही निर्वासन: राज्यपाल
(Image Source: Sora_ AI )Illegal Immigration Crisis in Assam: असम में अवैध विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. राज्य में अब तक 1.7 लाख से ज्यादा लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया है, लेकिन इनमें से सिर्फ 467 लोगों को ही उनके देश वापस भेजा जा सका है. यह जानकारी असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को दी.
राज्यपाल ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर खानापारा में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में बताया कि असम में अवैध नागरिकता के मामलों का बोझ बेहद बड़ा है. उन्होंने कहा, “विदेशी न्यायाधिकरणों (Foreigners Tribunals) की स्थापना के बाद से अब तक करीब 4.35 लाख संदिग्ध नागरिकता मामलों को भेजा गया है. इनमें से 3.5 लाख से अधिक मामलों का निपटारा हो चुका है, जिसके बाद करीब 1.7 लाख लोगों को अवैध विदेशी घोषित किया गया है.”
हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर पहचान के बावजूद निर्वासन की प्रक्रिया बेहद धीमी बनी हुई है. राज्यपाल ने कहा, “अब तक सिर्फ 467 अवैध विदेशियों को ही डिपोर्ट किया जा सका है.”
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत
राज्यपाल ने कहा कि अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने के लिए असम सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत किया है. उन्होंने बताया कि कछार, श्रीभूमि, धुबरी और दक्षिण सलमारा जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास 14 बॉर्डर आउट पोस्ट (BOPs) और 14 पेट्रोल पोस्ट काम कर रहे हैं. ये सभी पोस्ट बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे असम की दूसरी सुरक्षा पंक्ति मजबूत हुई है.
नए आपराधिक कानूनों में असम नंबर-1
राज्यपाल आचार्य ने बताया कि असम देश का ऐसा राज्य बनकर उभरा है जिसने तीन नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), को सबसे प्रभावी तरीके से लागू किया है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के आकलन के अनुसार, इन कानूनों के क्रियान्वयन में असम देश में पहले स्थान पर है.
अपराध दर में बड़ी गिरावट
राज्यपाल ने नवंबर 2025 में हुई 29वीं राज्य स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए बताया कि असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध दर 2021 में 379 और 2025 में 121.6 रही. वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध के 2024 में 10546 और 2025 में 4426 मामले सामने आए.
हाई-सिक्योरिटी जेल का निर्माण
राज्यपाल ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय की जेल आधुनिकीकरण परियोजना के तहत कामरूप जिले के हाजो में एक हाई-सिक्योरिटी जेल बनाई जा रही है, जिसकी क्षमता 150 कैदी की है. यह परियोजना निर्माणाधीन है.