असम कांग्रेस में बढ़ी तकरार, उम्मीदवार चयन को लेकर भड़के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई, पार्टी छोड़ने की दी धमकी
असम कांग्रेस में उम्मीदवार चयन को लेकर अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है. नगांव से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने लाहोरीघाट विधानसभा सीट के उम्मीदवार को लेकर नाराजगी जताते हुए पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी है.
असम की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब नगांव लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पत्र लिख अपनी ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ बोला. उन्होंने आगामी असम विधानसभा चुनाव से पहले लाहोरीघाट विधानसभा सीट के उम्मीदवार चयन को लेकर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई है.
बोरदोलोई ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पार्टी से इस्तीफा भी दे सकते हैं. इस पत्र में उन्होंने पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं पर आरोप लगाया कि आंतरिक बैठकों के दौरान उनके साथ अपमानजनक बर्ताव किया गया और उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया.
प्रद्युत बोरदोलोई ने पत्र में क्या कहा?
बोरदोलोई ने अपने पत्र में कहा कि लाहोरीघाट विधानसभा सीट के लिए मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले से वह बेहद आहत हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर उनकी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई तथा उत्तर प्रदेश के सांसद इमरान मसूद पर भी आरोप लगाया कि आंतरिक चर्चा के दौरान उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया. बोरदोलोई के मुताबिक यह अनुभव उनके लिए बेहद निराशाजनक और अपमानजनक रहा.
2025 में प्रद्युत के साथ क्या हुआ था?
अपने पत्र में बोरदोलोई ने अप्रैल 2025 में हुए एक हमले का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि 27 अप्रैल 2025 को धिंग इलाके के डूमडूमिया क्षेत्र में उनकी गाड़ी पर करीब 20 लोगों के समूह ने हमला किया था. हमलावर लोहे की रॉड और अन्य हथियारों से लैस थे. उस समय उनके साथ विधायक सिबामोनी बोरा भी मौजूद थे. इस मामले में नगांव पुलिस ने एमदादुल इस्लाम नाम के शख्स को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी. बोरदोलोई ने इमदादुल को लाहोरीघाट का "हिस्ट्री-शीटर" (अपराधी) और विधायक आसिफ नज़र का करीबी सहयोगी बताया.
आरोपी को सम्मान मिलने पर उठाए सवाल
बोरदोलोई ने यह भी आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद आरोपी का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया गया. उन्होंने कहा कि लाहोरीघाट के विधायक आसिफ नजर ने आरोपी को रिहा होने के बाद सम्मानित किया और उसे पार्टी के कार्यक्रमों में भी शामिल किया गया. सांसद के अनुसार एक कार्यक्रम के दौरान आरोपी को मंच पर भी बैठाया गया था, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा. उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व को तुरंत इसकी जानकारी दी और आरोपी के कथित आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज भी साझा किए.
पार्टी की बैठक में हुआ विवाद
बोरदोलोई ने यह भी बताया कि उन्होंने 2026 विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन से पहले पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी के सामने भी अपनी आपत्तियां रखीं. यह कमेटी कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की अध्यक्षता में काम कर रही है. हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च को नई दिल्ली में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान उनके दावों को गलत और मनगढ़ंत बताया गया. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और अन्य बड़े नेता भी मौजूद थे.