सुबह-सुबह किसका आया फोन और बन गए टीम इंडिया के हेड कोच? गौतम गंभीर ने खुद बताया किस्सा
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें हेड कोच की जिम्मेदारी कैसे मिली. उन्होंने कहा कि आईपीएल मैच के दौरान उनके पास सुबह-सुबह फोन आया और उन्होंने कहा कि आपके पास नहीं कहने का कोई ऑप्शन नहीं है.
Gautam Gambhir: भारत की पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में उस पल को याद किया जब उन्हें टीम इंडिया का हेड कोच बनने का प्रस्ताव मिला था. उन्होंने बताया कि यह ऑफर उन्हें उस समय मिला था जब वह मुंबई में आईपीएल का एक मैच खेल रहे थे और सुबह-सुबह उनके पास फोन आया था.
गंभीर के अनुसार, उस समय कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच आईपीएल का मुकाबला चल रहा था. इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के चेयरमैन जय शाह का उन्हें फोन आया. गंभीर ने बताया कि उस वक्त वह इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार भी नहीं थे, क्योंकि इससे पहले उन्होंने किसी भी टीम या फ्रेंचाइजी के साथ हेड कोच के तौर पर काम नहीं किया था.
क्या बोले गौतम गंभीर?
गौतम गंभीर ने एएनआई को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें हेड कोच के रूप में कोई अनुभव नहीं था. उन्होंने बताया कि अपने करियर में वह हमेशा मेंटर की भूमिका में रहे थे, लेकिन किसी टीम के मुख्य कोच के रूप में काम करने का मौका पहले कभी नहीं मिला था. इसके बावजूद जब उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई, तो यह उनके लिए एक बड़ा भरोसा था.
गंभीर ने कहा कि उन्हें इस भूमिका के लिए चुनना जय शाह का भरोसा था और वह मानते हैं कि उन्होंने उस भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की है. उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है.
इंटरव्यू में गंभीर ने बताया कि उन्हें जय शाह ने सुबह-सुबह फोन किया था जो कि उनके लिए काफी सरप्राइज़िंग था. इस दौरान जय शाह ने उनके कहा कि हम आपको ये ऑफर दे रहे हैं और आप इसके लिए मना नहीं कर सकते हैं. मेरे लिए टीम इंडिया का हेड कोच होना काफी इज्जत की बात है. इसके बाद मैंने अपने परिवार से बात की, इसके लिए मैं परिवार का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं.
मुश्किल परिस्थियों के बारे में क्या बोले गंभीर?
गंभीर ने बताया कि उनके कोचिंग कार्यकाल के दौरान कुछ ऐसे पल भी आए जब परिस्थितियां आसान नहीं थीं. ऐसे समय में जय शाह ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने उन्हें फोन किया और उनका हालचाल जाना. गंभीर के मुताबिक, उस दौरान जय शाह का समर्थन उनके लिए काफी मायने रखता था.
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े पद पर काम करते समय उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. ऐसे समय में किसी वरिष्ठ का साथ और भरोसा मिलना बहुत महत्वपूर्ण होता है. गंभीर ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके कार्यकाल के कठिन समय में जय शाह ने उनसे संपर्क किया और उनका हौसला बढ़ाया.
गौतम गंभीर July 9, 2024 को भारत के हेड कोच बने थे. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान बताया कि सही वक्त जब चलता है तो सब आपको पूछते हैं, लेकिन बुरे वक्त में अगर आपको कोई कॉल करे ये बडडी बात है.