T20 World Cup 2026: साउथ अफ्रीका से 76 रन की हार के बाद कैसे सेमीफाइनल में पहुंचेगी टीम इंडिया? जानिए पूरा समीकरण
साउथ अफ्रीका से 76 रन की करारी हार ने टीम इंडिया की सेमीफाइनल राह मुश्किल कर दी है. अब भारत को बचे दोनों सुपर-8 मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे.
आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही. रविवार (22 फरवरी) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका ने 76 रन से करारी शिकस्त दी. 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 18.5 ओवर में सिर्फ 111 रन पर सिमट गई. इस हार ने न सिर्फ भारत की लय तोड़ी, बल्कि सेमीफाइनल की राह भी मुश्किल कर दी है.
इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका की कप्तानी एडन मारक्रम कर रहे थे, जबकि भारत की अगुआई सूर्यकुमार यादव के हाथों में थी. भारी अंतर से मिली हार के कारण भारत का नेट रन रेट (NRR) बुरी तरह गिर गया है, जो अब क्वालीफिकेशन की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है.
भारत की राह कितनी मुश्किल?
अब टीम इंडिया को अपने बचे हुए दोनों सुपर-8 मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे - और वह भी बड़े अंतर से. भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा. इसके बाद 1 मार्च को वेस्ट इंडीज से भिड़ंत कोलकाता के में होगी.
अगर भारत इन दोनों मैचों में से एक भी हारता है, तो टूर्नामेंट से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है. लेकिन केवल जीत काफी नहीं होगी - भारत को इतना बड़ा अंतर बनाना होगा कि उसका नेट रन रेट बाकी टीमों से बेहतर हो सके.
साउथ अफ्रीका के खिलाफ क्यों ढह गई बल्लेबाजी?
188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह फ्लॉप रहा. ओपनर इशान किशन चार गेंद खेलकर खाता भी नहीं खोल सके. नंबर तीन पर उतरे तिलक वर्मा सिर्फ 2 गेंदों पर 1 रन बनाकर आउट हो गए. दुनिया के नंबर-1 T20I बल्लेबाज अभिषेक शर्मा से उम्मीदें थीं, लेकिन वह भी 12 गेंदों पर 15 रन बनाकर लौट गए. उनका कैच कॉर्बिन बॉश ने शानदार तरीके से लपका, हालांकि इस दौरान उनकी टक्कर केशव महाराज से हो गई थी. कप्तान सूर्यकुमार यादव, वाशिंगटन सुंदर, और हार्दिक पंड्या को अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन कोई भी इसे बड़ी पारी में नहीं बदल सका.
साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों का कहर
प्रोटियाज टीम की जीत के हीरो रहे मार्को यानसेन, जिन्होंने 3.5 ओवर में 22 रन देकर 4 विकेट झटके. वहीं केशव महाराज ने भी 3 भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. भारतीय बल्लेबाज उनके सामने पूरी तरह बेबस नजर आए.
सेमीफाइनल का गणित क्या कहता है?
अब भारत की किस्मत तीन बातों पर टिकी है:
- ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों मैच जीतना.
- जीत का अंतर इतना बड़ा रखना कि नेट रन रेट सुधर सके.
- बाकी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखना, ताकि अंक तालिका में भारत टॉप-2 में जगह बना सके.
क्या सेमीफाइनल का टिकट कटा पाएगी टीम इंडिया?
इस हार के बाद भारत पर मानसिक दबाव भी बढ़ गया है. सुपर-8 का हर मैच अब ‘करो या मरो’ जैसा हो चुका है. कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए सबसे बड़ी चुनौती टीम को इस झटके से उबारना और बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता लाना होगा. अब सबकी निगाहें चेन्नई और कोलकाता में होने वाले मुकाबलों पर हैं. सवाल यही है - क्या टीम इंडिया इस करारी हार से उबरकर सेमीफाइनल का टिकट कटा पाएगी, या फिर मौजूदा चैंपियन का सफर सुपर-8 में ही थम जाएगा? जवाब अगले दो मैचों में मिलेगा.