आर्टिकल पढ़ें, हेडलाइन नहीं; Vaibhav Sooryavanshi पर Anil Kumble ने क्यों दिया Bihar के नेता को जवाब?
15 साल के वैभव सूर्यवंशी के टीम इंडिया डेब्यू को लेकर संजय कुमार झा और अनिल कुंबले आमने-सामने हैं. संजय झा ने कहा कि टैलैंट उम्र की मोहताज नहीं होती, जबकि कुंबले का कहना है कि सूर्यवंशी को समय देना चाहिए.
Vaibhav Sooryavanshi Team India Debut Debate: जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा (Sanjay Kumar Jha) ने 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के टीम इंडिया डेब्यू को लेकर चल रही बहस में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. इतिहास में कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं, जहां खिलाड़ियों ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुकाम हासिल किया. यह बात उन्होंने दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले के एक आर्टिकल को शेयर करते हुए कही.
संजय कुमार झा ने X पर कहा कि सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. वहीं फुटबॉल के दिग्गज पेले और लियोनेल मेसी ने भी 16 साल की उम्र में क्रमशः ब्राज़ील और एफसी बार्सिलोना के लिए खेलना शुरू कर दिया था. उन्होंने आगे कहा कि टेनिस स्टार बोरिस बेकर ने 17 साल की उम्र में विंबलडन जीत लिया था, जबकि तैराकी के महान खिलाड़ी माइकल फेल्प्स ने 15 साल की उम्र में सिडनी ओलंपिक 2000 के लिए क्वालीफाई कर लिया था.
संजय झा ने और क्या कहा?
संजय कुमार झा ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जो बताते हैं कि प्रतिभा को उम्र के आधार पर रोका नहीं जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को टालने या जल्दबाज़ी न करने की बात तर्क और वास्तविक उदाहरणों दोनों के खिलाफ है. संजय के इस पोस्ट पर रिप्लाई देते हुए अनिल कुंबले ने कहा, "हेडलाइन नहीं, पूरी खबर पढ़िए."
दरअसल, अनिल कुंबले ने एक आर्टिकल में कहा था कि वैभव सूर्यवंशी को जल्दबाज़ी में टीम इंडिया में शामिल नहीं करना चाहिए. उन्हें समय देना जरूरी है.इसी बयान पर संजय झा ने कहा, "टैलेंट उम्र का मोहताज़ नहीं होता है."
अनिल कुंबले ने वैभव सूर्यवंशी पर क्या कहा?
बिहार के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाज़ी कर सबका ध्यान खींचा है, लेकिन भारत के पूर्व कप्तान, कोच और दिग्गज स्पिनर रहे अनिल कुंबले का मानना है कि उन्हें जल्दबाज़ी में टीम इंडिया में शामिल नहीं किया जाना चाहिए. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' में लिखे अपने एक आर्टिकल में कुंबले ने कहा कि 15 साल के खिलाड़ी को बहुत जल्दी टीम में लाने से उस पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि हालांकि चयनकर्ताओं की नजर सूर्यवंशी पर है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए.
कुंबले ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर से भी की. उन्होंने कहा कि जब सचिन 14-15 साल के थे, तब भी वे लगातार शतक बना रहे थे और असाधारण प्रतिभा दिखा रहे थे. कुंबले के मुताबिक, वैभव भी उसी तरह की प्रतिभा दिखा रहे हैं, लेकिन हर खिलाड़ी की यात्रा अलग होती है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी उम्मीदें थोपना युवा खिलाड़ी के लिए मुश्किल हो सकता है.
कुंबले ने और क्या कहा?
- कुंबले ने कहा, "अगर हम 15 साल के खिलाड़ी से कहें कि दो महीने में भारत के लिए खेलना है, तो यह उसके ऊपर बहुत बड़ा दबाव डाल सकता है." उन्होंने आगे कहा कि सूर्यवंशी इस साल, अगले साल या कुछ साल बाद टीम इंडिया के लिए खेल सकते हैं. चयनकर्ता निश्चित रूप से उनकी बल्लेबाज़ी पर नज़र बनाए हुए हैं.
- पूर्व कोच ने कहा, "हर खिलाड़ी की अपनी यात्रा होती है. कोई 15 साल में शुरू करता है तो कोई 28 साल में, लेकिन जिस तरह से वैभव बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, वह जल्द ही टीम इंडिया के लिए खेलेंगे."
- हाल ही में वैभव सूर्यवंशी खबरों में तब आए थे, जब उन्होंने आईपीएल की तैयारी के लिए अपनी 10वीं बोर्ड परीक्षा छोड़ दी थी. इस पर कुंबले ने कहा कि पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. उन्होंने कहा, "अगर 15 साल का खिलाड़ी दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज़ों की धुनाई कर रहा है, तो उसे पढ़ाई के लिए रोकना मुश्किल हो जाता है. यही वास्तविकता है."
- कुंबले ने यह भी कहा कि अब इंटर-यूनिवर्सिटी और इंटर-स्कूल क्रिकेट पहले जितना महत्वपूर्ण रास्ता नहीं रहा है. सीधे प्रोफेशनल क्रिकेट में प्रवेश करने के मौके बढ़ गए हैं. उन्होंने अंत में कहा कि वैभव सूर्यवंशी के पास समय है. यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
- दिग्गज स्पिनर ने कहा कि 10 साल बाद भी वैभव सिर्फ 25 साल के होंगे, और यही किसी 15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी की सबसे बड़ी खूबी है.