एक ओवर, एक गेंद…और पलट जाता है इतिहास, जानें T20 WC में IND-PAK मैचों का अब तक का हाल

भारत बनाम पाकिस्तान मैचों में अकसर देखा गया है कि एक ओवर, एक गेंद या फिर ओवर एक्साइटमेंट से पूरा गेम बदल जाता है. आज दोनों टीमें फिर से कोलंबों में भिड़ने वाली हैं, जिसपर पूरे भारत की निगाहें टिकी हुई हैं.;

( Image Source:  X- @CSyncing )
Edited By :  समी सिद्दीकी
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IND vs PAK T20 World Cup: टी20 वर्ल्ड कप में भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला ऐसा नहीं होता जो धीरे-धीरे आगे बढ़े. यह अचानक उछाल लेता है. एक फेज, एक ओवर, कभी-कभी एक गेंद और पूरा मैच पलट जाता है. ऐसा इसलिए नहीं कि कोई टीम अचानक बदल जाती है, बल्कि इसलिए क्योंकि इस मुकाबले में हर फैसला दबाव की परीक्षा बन जाता है.

बार-बार यही बात साबित हुई है कि जीत उसी की होती है, जो मैच के असामान्य और तनावपूर्ण पलों में अपनी स्पष्टता बनाए रखता है. आइये इसे समझने के लिए उन मुकाबलों को देखें जिन्होंने मैच को खास बना दिया.

2007 में फाइनल, जोहान्सबर्ग मैच में क्या हुआ?

उसी टूर्नामेंट का फाइनल इस प्रतिद्वंद्विता का अहम अध्याय है. पाकिस्तान को आखिरी ओवर में जीत के लिए रन चाहिए थे और मुकाबला अंत तक गया. यह मैच इस बात से तय हुआ कि दबाव में किसने बेहतर फैसले लिए- किस गेंद पर शॉट लगाना है, किसे छोड़ना है, कब सिंगल लेना है. भारत पांच रन से जीता और यही छोटा अंतर इस प्रतिद्वंद्विता का सबक बन गया कि यहां मैच अक्सर दबदबे से नहीं, बल्कि कम गलतियां करने से जीते जाते हैं.

2007- ग्रुप मैच, डरबन भारत बनाम पाकिस्तान में मैच में क्या हुआ?

टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान का पहला मुकाबला टाई रहा और बॉल-आउट से फैसला हुआ. यह मैच इसलिए अहम है क्योंकि इसने दिखाया कि यह मुकाबला आपको ऐसी स्थिति में ले जा सकता है जिसके लिए आपने तैयारी नहीं की होती. यह मैच किसी बड़ी रणनीति से नहीं, बल्कि सीधे एग्जीक्यूशन से तय हुआ. यानी सीधे स्टंप पर गेंद मारो. भारत ने तीन बार स्टंप हिट किए, पाकिस्तान तीनों बार चूक गया. आमतौर पर छोटी मानी जाने वाली स्किल यहां निर्णायक बन गई.

कोलंबो (2012) में 'कंट्रोल' कैसे बन गया मिसाल?

2012 का मैच याद दिलाता है कि अगर आप मुकाबले के दौरान कंट्रोल्ड रहें तो इसे बिना ड्रामा के भी जीता जा सकता है. पाकिस्तान कम स्कोर पर आउट हुआ और भारत ने बिना घबराहट के टारगेट हासिल कर लिया. यह मैच दो फेज में तय हुआ. पहला अनुशासित गेंदबाजी और संतुलित रन चेज. भारत ने एक ओवर में जीतने की कोशिश नहीं की, बल्कि धीरे-धीरे मैच अपने नाम किया.

2014 का मीरपुर IND vs PAK मैच कैसे है बड़ा उदाहरण?

मीरपुर 2014 उस पैटर्न का उदाहरण है जिसमें भारत ने पाकिस्तान को हराया. पाकिस्तान ने मिडिल स्कोर बनाया, भारत ने विकेट बचाकर और सही समय पर रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया. यहां जीत की वजह एकदम साफ थी- विकेट बचाना, स्ट्राइक रोटेट करना और मौके पर हमला करना. पाकिस्तान की कोशिश हमेशा संदेह पैदा करने की रहती है, लेकिन भारत ने उन्हें वह मौका नहीं दिया.

2016 में कोलकाता में हुआ इंडिया-पाकिस्तान मैच पिच के लिहाज़ से कैसे अहम?

कोलकाता 2016 की पिच आसान नहीं थी. ऐसे हालात में खिलाड़ी खुद को साबित करने की कोशिश में गलती कर सकते हैं. भारत ने पिच को पहले समझा और उसी हिसाब से पेशेंटली खेला. यहां डिसिप्लिन काफी अहम रहा. पाकिस्तान यहां परफॉर्म नहीं कर पाया और भारत ने बिना जोखिम टारगेट हासिल कर लिया.

2021 दुबई का मैच कैसे बना अपवाद?

2021 में दुबई में हुआ इंडिया बनाम पाकिस्तान मैच अलद था. पाकिस्तान ने पहली बार वर्ल्ड कप में भारत को हराया और जीत एकतरफा रही. यह मैच पावरप्ले में कंट्रोल्ड और बिना दबाव के रन चेज से तय हुआ. पाकिस्तान ने पहले छह ओवर में भारत को सीमित स्कोर तक रोका, फिर टारगेट का पीछा करते समय कोई घबराहट नहीं दिखाई.

2022 में विराट कोहली ने कैसे दिखाया जलवा?

मेलबर्न 2022 दिखाता है कि मुकाबला कब पलट सकता है. पाकिस्तान ने प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया. भारत की पारी मुश्किल में थी, लेकिन कुछ ओवरों में मैच पलट गया. यह सिर्फ बड़े शॉट्स से तय नहीं हुआ, बल्कि धैर्य से भारत ने जीत हासिल की. अंत तक मैच में बने रहना और आखिरी ओवर में संयम रखना निर्णायक रहा.

2024- न्यूयॉर्क में क्या हुआ?

न्यूयॉर्क 2024 लो-स्कोरिंग मुकाबला था. भारत 119 पर ऑलआउट हो गया, लेकिन पाकिस्तान टारगेट तक नहीं पहुंच सका. यह मैच दबाव में अनुशासन से तय हुआ. कम स्कोर के चेज में बल्लेबाज सोचते हैं कि समय उनके साथ है, लेकिन डॉट गेंदें बढ़ने पर घबराहट बढ़ती है. भारत ने संयम बनाए रखा और पाकिस्तान को जाल में फंसा दिया.

इन सभी मुकाबलों से साफ पता लगता है कि पावर प्ले में कंट्रोल काफी अहम है, क्योंकि पहले छह ओवर मैच के मूड और डायरेक्शन तय करते हैं और मडिल ओवर में डॉट गेंदों की वजह से स्कोर रुक जाता है और दबाव बनता है.

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