IND vs PAK T20: अभिषेक शर्मा क्यों है पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा? स्पिन जाल को बना देते हैं रनफेस्ट

आज भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 मुकाबला है और ऐसे में अभिषेक शर्मा पर सबकी निगाह टिकी हुई है. ये ऐसा प्लेयर है जो कुछ ही गेंदों में मैच की दिशा बदल देता है.;

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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IND vs PAK T20 Match: भारत-पाकिस्तान मुकाबले को किसी परिचय की जरूरत नहीं है. लेकिन शोर और रोमांच से परे एक रणनीतिक सच्चाई भी है- ये मैच अक्सर वही टीम जीतती है जो खेल की रफ्तार तय करती है. इस वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा भारत के सबसे प्रभावशाली हथियार के रूप में उभरे हैं. वजह सिर्फ यह नहीं कि वह टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ हैं, बल्कि इसलिए कि उनके पास पाकिस्तान की रणनीति को संकट में बदल देने की दुर्लभ क्षमता है.

टूर्नामेंट में पाकिस्तान का तरीका अब तक कंट्रोल पर आधारित रहा है. नई गेंद से आक्रामक शुरुआत और फिर मिडिल ओवरों में स्पिन के जरिए विपक्ष को जकड़ना. यह सिर्फ थ्योरिटिकल बात नहीं है, बल्कि टीम सेलेक्शन में भी साफ दिखता है. तेज गेंदबाज नसीम शाह, जिन्हें प्रीमियम पेसर माना जाता है, शुरुआती दोनों मैचों में नहीं खेले. जब आप लगातार ऐसे गेंदबाज को बाहर रखते हैं तो यह मैसेज है कि पाकिस्तान विरोधी टीम को दबाकर जीतना चाहता है.

अभिषेक क्यों हैं पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा?

पारंपरिक बल्लेबाज़ पारी बनाते हैं, लेकिन अभिषेक मैच की दिशा बदल देते हैं. वह शुरुआती 12 गेंदों को, जो आमतौर पर गेंदबाजों के आकलन का समय होती हैं, रणनीति पर सवाल में बदल देते हैं. अगर वह शुरुआती टकराव जीत जाते हैं तो पाकिस्तान की पूरी पारी रक्षात्मक हो जाती है. फील्डिंग जल्दी पीछे करनी पड़ती है, स्पिनर विकेट लेने की बजाय बचाव में आ जाते हैं और कप्तान आक्रामकता की जगह ओवर बचाने की सोचने लगता है.

एशिया कप 2025 में कैसा था अभिषेक का प्रदर्शन?

पाकिस्तान ने यह खुद महसूस किया है. एशिया कप 2025 के सुपर फोर में अभिषेक ने 39 गेंदों पर 74 रन बनाए. यह सिर्फ 172 रन के टारगेट का सफल पीछा करने में मदद नहीं थी, बल्कि पावरप्ले की तस्वीर बदल देने वाला प्रदर्शन था. भारत ने छह ओवर में बिना विकेट खोए 69 रन बना लिए. शाहीन शाह अफरीदी, जो पाकिस्तान के प्रमुख नई गेंद के गेंदबाज हैं, मैच में दबदबा कायम नहीं कर सके. यह सिर्फ एक खराब ओवर नहीं था, बल्कि ऐसा स्पेल था जिसमें नियंत्रण स्थापित ही नहीं हो पाया.

कहां कमज़ोर पड़ जाते हैं अभिषेक?

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में कंट्रोल बेहद अहम होता है. जब शाहीन जैसे गेंजबाज़ को बचाव की मुद्रा में आना पड़ता है, तो पाकिस्तान की सबसे मजबूत शुरुआत कमजोर पड़ जाती है. सतही विश्लेषण कहता है कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज का एंगल बाएं हाथ के बल्लेबाज को परेशान कर सकता है, और अभिषेक ने ऐसे गेंदबाजों के खिलाफ कुछ कमजोरी भी दिखाई है.

पाकिस्तान का मौजूद स्ट्रक्चर कैसे है भारत के लिए मौका?

अगर पाकिस्तान अपनी मौजूदा स्ट्रक्चर पर कायम रहता है- शाहीन से शुरुआत और फिर स्पिन से जकड़न- तो अभिषेक के बल्ले का रोब देखने को मिल सकता है. शाहीन के पहले ओवर में थोड़ी भी चौड़ाई या हिट करने योग्य लेंथ उन्हें बेहतरीन मौके दे सकती है. इसके बाद स्पिनर अगर सतर्कता से गेंदबाजी शुरू करते हैं तो शुरुआती ओवर में ही 14 रन निकल सकते हैं.

यह मुकाबला सिर्फ व्यक्तिगत आंकड़ों से बड़ा है. पाकिस्तान चाहता है कि यह वर्ल्ड कप कंट्रोल और दबाव की कहानी बने, जहां बल्लेबाज पहले गलती करें. अभिषेक ऐसे बल्लेबाज हैं जो पलक नहीं झपकाते. वह विपक्ष को चुनौती देते हैं कि स्कोरबोर्ड तेजी से बढ़ने के बावजूद संयम बनाए रखें.

उनका असली खतरा यह नहीं कि वह 70 रन बना सकते हैं, बल्कि यह है कि अगर वह 13 गेंदों पर 30 रन बना दें तो अगले 14 ओवर पाकिस्तान उस मैच के पीछे भागता रहेगा जिसे वह अपनी शर्तों पर खेलना चाहता था, जबकि भारत अपनी पसंद का मैच खेल रहा होगा.

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