अगरकर के कंधे पर रखकर गंभीर ने चलाई बंदूक! यू ही नहीं रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाया गया; जानें पूरा मामला
रोहित शर्मा अब टीम इंडिया के कप्तान नहीं हैं. वे नए कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रहे हैं. जब टेस्ट के बाद रोहित को वनडे की कप्तानी से भी हटाया गया तो फैंस ने हेड कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई पर काफी सवाल उठाए थे. वहीं अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान ने भारतीय क्रिकेट में कप्तान बदलने को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. तिवारी का मानना है कि रोहित शर्मा को भारत की वनडे कप्तानी से हटाने के फैसले के पीछे हेड कोच गौतम गंभीर की अहम भूमिका रही है.;
रोहित शर्मा अब टीम इंडिया के कप्तान नहीं हैं. वे नए कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रहे हैं. जब टेस्ट के बाद रोहित को वनडे की कप्तानी से भी हटाया गया तो फैंस ने हेड कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई पर काफी सवाल उठाए थे. वहीं अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान ने भारतीय क्रिकेट में कप्तान बदलने को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.
तिवारी का मानना है कि रोहित शर्मा को भारत की वनडे कप्तानी से हटाने के फैसले के पीछे हेड कोच गौतम गंभीर की अहम भूमिका रही है. उन्होंने आशंका जताई कि गंभीर ने चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को इस फैसले के लिए प्रभावित किया होगा.
रोहित को लेकर क्या बोले मनोज तिवारी?
मनोज तिवारी का कहना है कि 'मुझे नहीं पता कि इसका मुख्य कारण क्या है. लेकिन अजीत अगरकर को जानते हुए, वह एक प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं. वह निर्णय लेने वाले व्यक्ति हैं. ऐसे कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन क्या उन्हें किसी ने प्रभावित किया था जिसके कारण उन्होंने यह फैसला लिया, यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें गौर करने की जरूरत है. पर्दे के पीछे बहुत कुछ होता है, जिससे मामला पेचीदा हो जाता है. हो सकता है कि यह फैसला मुख्य चयनकर्ता ने लिया हो और उन्होंने इस बारे में खुलकर अपनी राय रखी हो. स्वाभाविक रूप से, कोच की भी इसमें भूमिका रही होगी. कोई भी व्यक्ति अकेले यह फैसला नहीं ले सकता. जो भी फैसला लिया गया है, उसके लिए दोनों बराबर जिम्मेदार हैं.'
रोहित के बिना वनडे में रुचि हुई कम
तिवारी ने स्वीकार किया कि रोहित के कप्तान न रहने के बाद उनकी वनडे क्रिकेट में दिलचस्पी घट गई है. उनके मुताबिक, विराट कोहली जैसे दिग्गज की मौजूदगी के बावजूद टीम में वह ऊर्जा नजर नहीं आती जो रोहित की कप्तानी में दिखती थी. उनका मानना है कि चयनकर्ताओं की मंशा और फैसलों में स्पष्टता की कमी रही है. गिल को कप्तानी देना भविष्य की जरूरत हो सकती है, लेकिन यह बदलाव बेहतर ढंग से किया जा सकता था.
2027 विश्व कप को लेकर संदेह क्यों?
आगे मनोज तिवारी ने कहा 'इससे यह फैसला और भी तर्कसंगत हो जाता, क्योंकि रोहित एक सिद्ध कप्तान हैं. उन्होंने दो आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं. हम 2023 में लगभग चूक गए थे. मुझे लगता है कि ट्रैविस हेड भाग्यशाली थे. वह उनका दिन था. अगर हम वह ट्रॉफी जीत जाते, तो रोहित के पास तीन ट्रॉफी हो जातीं. मुझे बस यह समझ नहीं आ रहा कि आपको रोहित के 2027 विश्व कप खेलने पर संदेह क्यों था. इसका मतलब है कि आपको उनकी क्षमताओं पर संदेह था. आप ऐसा क्यों करेंगे?'
आगे तिवारी ने कहा 'जब उन्होंने तीन दोहरे शतक बनाए हैं, तो उन पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं उठता. एक बड़ा खिलाड़ी हमेशा रन बनाता है. जिस मानसिकता के साथ उन्होंने 2023 में खेला, वह इतने निस्वार्थ क्रिकेटर हैं, वह अपनी काबिलियत साबित करना चाहते थे उनकी क्षमताओं पर संदेह करना एक बड़ी गलती थी, और फिर उन्हें कप्तानी से हटाना भी एक बड़ी गलती थी. मुझे लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था. उन्हें कप्तानी से हटाने के पीछे क्रिकेट का कोई तर्क नहीं हो सकता.'