T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल या फाइनल में क्या भारत के खिलाफ नहीं खेलेगा पाकिस्तान? पूर्व खिलाड़ी ने अपनी ही सरकार को धो डाला
भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार पर दानिश कनेरिया ने कहा कि इससे पाकिस्तान की ही छवि खराब होगी. यही लगेगा कि टीम भारत से डर रही है.;
Pakistan boycott match against India in T20 World Cup 2026: भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार के फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने खुलकर नाराज़गी जताई है. कनेरिया का मानना है कि यह फैसला भारत को नहीं, बल्कि खुद पाकिस्तान क्रिकेट को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाएगा. इससे दुनिया में गलत संदेश जाएगा कि पाकिस्तान भारत से खेलने से डर रहा है.
दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने 1 फरवरी को टीम को ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने की अनुमति तो दे दी, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर न उतरने का निर्देश दिया. यह मैच श्रीलंका में होना था, यानी न्यूट्रल वेन्यू पर...
कनेरिया ने पाकिस्तान सरकार के फैसले पर क्या कहा?
- पाकिस्तान पहले ही भारत आने से इनकार कर चुका था, जिसे स्वीकार करते हुए ICC ने उनके मैच न्यूट्रल वेन्यू पर शिफ्ट कर दिए थे. ऐसे में अब भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार की कोई ठोस वजह नहीं बनती.
- पाकिस्तान यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह बांग्लादेश के समर्थन में ऐसा कर रहा है, जबकि बांग्लादेश पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है. पाकिस्तान को दूसरों की राजनीति छोड़कर अपने क्रिकेट और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए.
- इस फैसले से यही संदेश जाएगा कि पाकिस्तान भारत से खेलने से डर रहा है. यह पाकिस्तान की 'बहुत बड़ी रणनीतिक गलती' है, क्योंकि इससे सेमीफाइनल या नॉकआउट में पहुंचने का रास्ता और मुश्किल हो गया है.
भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता पर क्या बोले कनेरिया?
कनेरिया ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हाल में हुए कई वर्ल्ड कप में भारत ने हर बड़े मंच पर पाकिस्तान को हराया है. ऐसे में अगर पाकिस्तान यह मानता है कि भारत-पाक मैच अब भी सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेट करने वाला मुकाबला है, तो यह हकीकत से दूर है.
क्या सेमीफाइनल या फाइनल में भारत के खिलाफ नहीं खेलेगा पाकिस्तान?
कनेरिया ने भावनाओं में लिए गए फैसलों के खतरे भी गिनाए. उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान का सामना भारत से सेमीफाइनल या फाइनल में होता है, तो क्या तब भी टीम मैदान में उतरने से मना कर देगी? असली जवाब और बदला मैदान पर लड़कर जीतने से मिलता है, बहिष्कार से नहीं. आखिर में कनेरिया ने इशारा किया कि कई पाकिस्तानी खिलाड़ी इस फैसले से नाखुश होंगे, लेकिन वे खुलकर बोलने की स्थिति में नहीं हैं.