Shani Sade Sati 2026: साल 2026 में इन राशियों पर रहेगी साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव, पूरे साल इस राशि में विराजमान रहेंगे शनिदेव
ज्योतिष के अनुसार साल 2026 में शनि मीन राशि में पूरे वर्ष विराजमान रहेंगे, जिससे कई राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव जारी रहेगा. कुंभ पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण, मीन पर दूसरा और मेष पर पहला चरण पड़ेगा. वहीं सिंह और धनु राशि पर ढैय्या का असर रहेगा. इस दौरान नौकरी, धन-संपत्ति, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं, इसलिए जातकों को वर्ष भर सतर्क रहकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है.;
ज्योतिष में शनि एकलौते ऐसे ग्रह हैं जिनके पास साढ़ेसाती और ढैय्या का अधिकार मिला हुआ. शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं, यह एक राशि में करीब ढ़ाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में जाते है. ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे शक्तिशाली ग्रह माना गया है. शनि न्याय ,कर्म, आयु, रोग, दुख और सेवक के कारक ग्रह हैं.
शनि के प्रभाव से जातकों के जीवन में बहुत ही ही गहरा प्रभाव पड़ता है. अगर किसी जातक की कुंडली में शनि शुभ तो यो उस व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचा देते हैं. लेकिन वही अगर कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी नहीं तो व्यक्ति राजा से रंक बनने में तनिक भी देर नहीं होती.
जब-जब शनि की स्थिति में बदलाव होता है तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से जरूर पड़ता है. शनि के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव देखने को मिलता है. शनि की ढ़ैय्या और साढ़ेसाती को बहुत ही कष्टकारी माना जाता है. जिन लोगों के ऊपर साढ़ेसाती और ढैय्या होती है उनको जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
आपको बता दें न्याय और कर्मफलदाता शनि 29 मार्च 2025 को राशि परिवर्तन करके मीन राशि में प्रवेश कर चुके थे और यह इसी राशि में साल 2027 तक रहेंगे. शनि के मीन राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों को कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में आने वाले नए साल 2026 में कुछ राशि वालों को बहुत ही सतर्क रहना होगा. आइए जानते हैं साल 2026 में किन राशियों पर साढ़ेसाती और किन पर ढैय्या का साया बरकरार रहेगा.
साल 2026 में शनि की साढ़ेसाती और ढ़ैय्या किन-किन राशियों पर
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण
साल 2026 में शनि के मीन राशि में गोचरस्थ स्थिति के अनुसार, कुंभ राशि के दूसरे भाव में विराजमान होंगे. कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. साढ़ेसाती का अंतिम चरण चलने के कारण इस राशि के जातकों के जीवन में कुछ लाभ और राहत मिलने के संकेत है. शनि जब किसी राशि में अंतिम चरण में होते हैं तो कुछ देकर जाते हैं तो कुछ छीन भी लेते हैं. ऐसे में इस साल कार्यो में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. कार्यक्षेत्र और सेहत में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण
साल 2026 में मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चलेगा. न्याय और कर्मफलदाता शनि मीन राशि में लग्न भाव में विराजमान रहेंगे. ऐसे में साढ़ेसाती का दूसरा चरण चलेगा. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे खतरनाक चरण होता है. इसमें शनि जातकों को बहुत ही ज्यादा कष्ट देते हैं. साल 2026 में मीन राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति, करियर-कारोबार और सेहत में बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा. आपके ऊपर शत्रु हावी रहेंगे. धन हानि और मानसिक स्थितियों बुरा प्रभाव देखने को सकता है.
मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण
साल 2026 में मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण रहेगा. ऐसे में शनि का सबसे ज्यादा प्रभाव मेष राशि के जातकों पर दिखाई देगा. साल 2026 में मेष राशि के जातकों को नौकरी में बदलाव के संकेत है. आर्थिक परेशाानियों का सामना करना पड़ेगा. सेहत में इस साल उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है.
सिंह राशि पर शनि की आठवीं ढैय्या
साल 2026 में सिंह राशि वालों पर शनि की ढैय्या चलेगी. शनि के मीन राशि में रहते हुए आपकी राशि के आठवें भाव में शनि विराजमान हैं. ऐसे में आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
धनु राशि पर शनि की चौथी ढैय्या
धनु राशि पर साल 2026 में शनि की ढैय्या रहेगी. इस राशि में शनि चौथे भाव में विराजमान रहेंगे. ऐसे में पूरे साल धनु राशि वालों के जातकों के जीवन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. धन हानि होने की संभावना है. संपत्ति के वाद-विवाद में बढ़ोतरी होगी. इस साल घर-परिवार में कलह बनी रहेगी.