पूजा घर में न करें ऐसी 6 गलतियां, भगवान की कृपा पाने में मिल सकती है असफलता

हिंदू धर्म में पूजा घर का विशेष स्थान होता है. पूजा घर से सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा और शांति मिलती है. पूजाघर में स्थापित देवी-देवताओं के मूर्तियां बहुत ही भक्ति, श्रद्धा और भाव रहता है. जिन घरों में पूजा स्थान बना हुआ होता है और नियमित रूप से पूजा-आराधना होती है. उस घर का वातावरण बहुत ही शुद्ध और शांति से भरा हुआ होता है. लेकिन शास्त्रों में पूजा घर में रखी मूर्तियों के संबंध में कुछ नियम बनाए गए हैं. जिनका पालन करना अनिवार्य होता है.;

( Image Source:  AI: Sora )
Edited By :  State Mirror Astro
Updated On : 11 Jan 2026 7:30 AM IST

हिंदू धर्म में पूजा घर का विशेष स्थान होता है. पूजा घर से सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा और शांति मिलती है. पूजाघर में स्थापित देवी-देवताओं के मूर्तियां बहुत ही भक्ति, श्रद्धा और भाव रहता है. जिन घरों में पूजा स्थान बना हुआ होता है और नियमित रूप से पूजा-आराधना होती है. उस घर का वातावरण बहुत ही शुद्ध और शांति से भरा हुआ होता है.

लेकिन शास्त्रों में पूजा घर में रखी मूर्तियों के संबंध में कुछ नियम बनाए गए हैं. जिनका पालन करना अनिवार्य होता है. पूजा घर में कुछ मूर्तियों को रखना वर्जित होता है. आइए जानते हैं पूजा घर में किस तरह की मूर्तियों को नहीं रखा जा सकता है.

1. खंडित मूर्तियां

खंडित मूर्तियों में पूजा नहीं करनी चाहिए. माना जाता है कि टूटी या क्षतिग्रस्त मूर्ति में दिव्य ऊर्जा पूर्ण रूप से स्थापित नहीं हो पाती. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी मूर्तियां घर में तनाव, बाधा और अशांति का कारण बन सकती हैं. यदि कोई मूर्ति टूट जाए तो उसे सम्मानपूर्वक बहते जल में विसर्जित कर देना चाहिए.

2. उग्र स्वरूप वाली मूर्तियां

तांडव मुद्रा में शिव, काली माता और अत्यंत उग्र रूप वाले भैरव या चामुंडा जैसे स्वरूप घर के पूजा कक्ष के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते. धार्मिक मान्यता के अनुसार ये स्वरूप तपस्या और साधना के लिए होते हैं, न कि गृहस्थ जीवन के लिए. वास्तु के अनुसार ऐसे स्वरूप घर में मानसिक असंतुलन और कलह को बढ़ा सकते हैं.

3.युद्ध या हिंसा वाली वाली मूर्तियां

देवी-देवताओं के ऐसे स्वरूप जिनमें युद्ध, वध या हिंसा दिखाई देती हो जैसे राक्षस वध की मूर्तियां उन्हें पूजा घर में नहीं रखना चाहिए. वास्तु मान्यता के अनुसार ऐसी मूर्तियां घर में आक्रामक ऊर्जा को सक्रिय कर सकती हैं, जिससे पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ता है.

4. कई मूर्तियां रखना वर्जित

पूजा घर में एक ही देवी या देवता की कई मूर्तियां रखना भी उचित नहीं माना जाता. धार्मिक दृष्टि से इससे पूजा में एकाग्रता भंग होती है और वास्तु के अनुसार यह ऊर्जा असंतुलन पैदा करता है. विशेष रूप से गणेश, लक्ष्मी या शिव की एक से अधिक मूर्तियां रखने से पूजा का प्रभाव कम हो जाता है.

5. शयन मुद्रा या लेटी हुई मूर्तियां

पूजा घर में भगवान की शयन मुद्रा वाली मूर्तियां, जैसे शेषनाग पर लेटे विष्णु, घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए. मान्यता है इससे घर में आलस्य, निष्क्रियता और कार्यों में विलंब बढ़ता है.

6. पूर्वजों की प्रतिमा

पूजाघर में कभी भी पूर्वजों की तस्वीरों को नहीं लगाना चाहिए. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

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