आखिर क्यों दोस्तों और पार्टनर का साथ छोड़ Solo Date पर जा रहे लोग? 2026 में फिर ट्रेंड में ये डेटिंग
रेस्टोरेंट की टेबल पर एक कुर्सी, सामने कॉफी का कप, मोबाइल साइलेंट और चेहरा बिल्कुल रिलैक्स-ये अकेलापन नहीं, बल्कि 2026 का नया डेटिंग ट्रेंड है. आज लोग दोस्तों और पार्टनर के साथ वक्त बिताने से सोलो डेट पर जाना पसंद कर रहे हैं.;
solo dating trend
(Image Source: AI SORA )कभी डेट का मतलब दो लोग, कॉफी, बातचीत और थोड़ा सा रोमांस हुआ करता था. लेकिन 2026 आते-आते डेटिंग का मतलब बदल गया है. अब लोग रेस्टोरेंट में अकेले बैठकर पिज़्ज़ा खा रहे हैं, मूवी अकेले देख रहे हैं, ट्रिप पर अकेले जा रहे हैं और इसे बड़े गर्व से कह रहे हैं ' मैं सोलो डेट पर हूं.'
सोशल मीडिया पर इसे “मास्टरडेटिंग” का नाम दिया गया है. दिलचस्प बात ये है कि लोग कह रहे हैं कि 2026 का ये ट्रेंड 2016 की याद दिला रहा है, जब लोग सोशल मीडिया की दिखावट से थोड़ा दूर, खुद के साथ समय बिताना पसंद करते थे. फर्क सिर्फ इतना है कि अब इसे नाम मिल गया है. चलिए जानते हैं आखिर क्यों बढ़ रहा सोलो डेटिंग का ट्रेंड.
डेटिंग ऐप्स से थकान
स्वाइप, मैच, घोस्ट, रिपीट- इस साइकिल से लोग बुरी तरह थक चुके हैं. बातचीत शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाती है. ऐसे में लोगों ने सोचा “क्यों न थोड़ा वक्त खुद को दिया जाए?” सोलो डेट इस डिजिटल डेटिंग बर्नआउट का जवाब बनकर उभरा है.
सेल्फ केयर
पहले अकेले बाहर जाना अजीब माना जाता था. अब यही ‘मी टाइम’ बन चुका है. पसंदीदा कैफे, पसंदीदा किताब, पसंदीदा खाना-बिना किसी समझौते के. यह खुद को ट्रीट करने का नया तरीका है. इसे अब सेल्फ केयर कहा जाता है.
खुद को समझने का नया तरीका
सोलो डेट सिर्फ घूमना-फिरना नहीं है. यह खुद से सवाल पूछने का समय है कि मुझे क्या पसंद है? मुझे क्या नहीं चाहिए? मेरी सीमाएं क्या हैं? यह सेल्फ-डिस्कवरी का एक खूबसूरत प्रोसेस बन गया है. TikTok और Instagram पर लोग अपने सोलो डेट व्लॉग शेयर कर रहे हैं-म्यूजियम विज़िट, सोलो डिनर, सोलो ट्रिप्स. इसे देखकर दूसरों को भी इंस्पिरेशन मिल रही है कि अकेले जाना अबनॉर्मल नहीं, बल्कि कूल है.
रिश्तों की बदलती परिभाषा
लोग अब समझ रहे हैं कि अगर आप खुद के साथ खुश नहीं हैं, तो किसी और के साथ भी लंबे समय तक खुश नहीं रह सकते. सोलो डेट एक तरह से खुद के साथ रिश्ता मजबूत करने का जरिया बन रहा है. 2016 वो दौर था जब लोग लाइफ को थोड़ी स्लो स्पीड में जीते थे. कैफे में बैठकर घंटों किताब पढ़ना, अकेले घूमना, खुद के साथ समय बिताना आम बात थी. 2026 में वही आदतें लौट रही हैं, लेकिन अब इसे ट्रेंड, टैग और थ्योरी मिल गई है.