सर्दियों में हाथ लगाते ही करंट! इंसान के अंदर बिजली नहीं तो क्यों लगता है झटका? जानें इसके पीछे छुपा साइंस
सर्दियां आ गई हैं. ऐसे में ठंड के अलावा अक्सर इस मौमस के किसी इंसान और चीज को छूते ही करंट लग जाता है, लेकिन क्या आप सोचा है कि ऐसा क्यों होता है. इंसान के अंदर जब बिजली नहीं है, तो फिर ये झटका कहां और कैसे लगता है.;
सर्दियों में अक्सर ऐसा होता है कि किसी से हाथ मिलाते ही या दरवाज़ा, कुंडी या किसी धातु की चीज़ को छूते ही अचानक करंट जैसा झटका महसूस होता है. पल भर के लिए सुई चुभने जैसा एहसास हमें चौंका देता है और मन में सवाल उठता है कि जब इंसान के अंदर बिजली होती ही नहीं, तो फिर ये करंट आखिर आता कहां से है?
क्या यह सच में बिजली का झटका है या सिर्फ एक भ्रम? असल में इसके पीछे बिजली नहीं, बल्कि साइंस और स्टैटिक एनर्जी का खेल होता है. चलिए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों होता है?
क्यों किसी को छूने से लगता है करंट?
हमारी दुनिया की हर चीज चाहे इंसान हो, कुर्सी हो या कपड़े एटम से बनी है. एटम के अंदर तीन चीजें होती हैं. इलेक्ट्रॉन (निगेटिव चार्ज), प्रोटॉन (पॉजिटिव चार्ज), न्यूट्रॉन (चार्ज नहीं). आमतौर पर हमारे शरीर में इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन का संतुलन बना रहता है. लेकिन कभी-कभी ये संतुलन बिगड़ जाता है और इलेक्ट्रॉनों की संख्या ज्यादा हो जाती है, तो करंट लगता है.
बिना छुए भी क्यों लगता है झटका?
कई बार आपने महसूस किया होगा कि चीज़ को छूने से पहले ही झटका लग जाता है. ऐसा तब होता है, जब आपके शरीर में इलेक्ट्रॉनों की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. सामने वाली चीज़ पास आते ही चार्ज को अट्रैक्ट कर लेती है. यानी सीधा कॉन्टैक्ट होने से पहले ही इलेक्ट्रॉन जंप कर जाते हैं.
सर्दियों में ही क्यों ज्यादा लगता है करंट?
अक्सर करंट लगने की समस्या सर्दियों में बढ़ जाता है. इसका कारण सूखी हवा है. गर्मियों में हवा में नमी होती है, जो चार्ज को धीरे-धीरे खत्म कर देती है. वहीं, सर्दियों में हवा सूखी होती है, जिससे स्टैटिक चार्ज लंबे समय तक जमा रहता है इसीलिए सर्दियों में झटके ज्यादा महसूस होते हैं.
किन चीजों को छूने पर ज्यादा लगता है करंट?
- कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो खराब इंसुलेटर होती हैं, यानी चार्ज को आसानी से जमा कर लेती हैं:
- ऊनी कपड़े
- नायलॉन और पॉलिएस्टर
- कालीन
- पालतू जानवरों का फर
- इंसान के बाल