भारत में Nipah Virus फैलने का कितना है खतरा? WHO ने दिया अपडेट, जानें बीमारी के बारे में सब कुछ

भारत में Nipah Virus के अब तक दो केस सामने आ चुके हैं. ऐसे में इस बीमारी को लेकर लोगों के बीच कई तरह की अफवाह हैं, लेकिन अब WHO ने इस वायरस को लेकर अपडेट दिया है.;

WHO update on Nipah virus

(Image Source:  META AI )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 30 Jan 2026 1:54 PM IST

भारत में इन दिनों निपाह वायरस के केस सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर लोग डरे हुए हैं. साथ ही, इस बीमारी को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिसके कारण लोगों के बीच बीमारी को लेकर अलग-अलग अफवाहें फैल रही है. ऐसे में अब बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरह से अपडेट सामने आया है. 

WHO ने बताया कि भारत में इस बीमारी के फैलने का खतरा कितना ज्यादा है. साथ ही, इस बीमारी के बचाव से लेकर लक्षण तक के बारे में बताया है. 

WHO ने क्या कहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि फिलहाल इंसान से इंसान में इस वायरस के तेज़ी से फैलने काे कोई साइन नहीं मिले हैं. इसी वजह से किसी देश में आने-जाने पर पाबंदी लगाने की कोई जरुरत नहीं है. यानी कंडीशन कंट्रोल में है और और स्वास्थ्य टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं.

सरकार की अपील

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि निपाह वायरस के मामले में केवल सरकारी या प्रमाणित सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए. मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर फैल रही अफवाहों या गलत आंकड़ों पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं. 

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस एक गंभीर फैलने वाली बीमारी है, जो अक्सर फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलती है. यह वायरस जानवरों से इंसानों में आ सकता है और कुछ कंडीशन में इंसान से इंसान में भी फैलने की संभावना रहती है. पहली बार यह वायरस 1998 में मलेशिया में पाया गया था. भारत में भी निपाह वायरस के मामले कई बार सामने आ चुके हैं. 

कैसे फैलता है संक्रमण

निपाह वायरस उन लोगों में फैलता है जो इंफेक्टेड चमगादड़ों के कॉन्टैक्ट में आते हैं या इन जानवरों के खाए हुए फलों को कंज्यूम कर लेते हैं. कुछ मामलों में सूअर जैसे अन्य जानवर भी इस बीमारी का कारण बन सकते हैं. इसलिए उन जगहों में खास सावधानी जरूरी होती है, जहां चमगादड़ों की संख्या ज्यादा होती है और लोगों का उनके संपर्क में आने का खतरा रहता है. 

लक्षण और खतरे

निपाह संक्रमण के लक्षण सामान्य बुखार और सिरदर्द से शुरू होकर गंभीर दिमागी सूजन (एन्सेफलाइटिस) तक पहुंच सकते हैं. सांस लेने में दिक्कत, उलझन, और बेहोशी जैसी स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं. यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए शुरुआती पहचान और इलाज बेहद जरूरी है.

WHO के अनुसार फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है. जागरूकता, स्वच्छता और सही जानकारी ही निपाह जैसे वायरस से बचाव का सबसे बड़ा साधन है.

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