Valentines Day : इश्क, इनकार और आग! इटली से फ्रांस तक वैलेंटाइन डे के अनसुने किस्से, ‘लव रिवेंज’ से जन्मा नया ट्रेंड?

वैलेंटाइन डे को हम रोमांस का दिन मानते हैं, लेकिन इसकी जड़ें प्राचीन रोम के उग्र उत्सव Lupercalia और फ्रांस की ‘लव रिवेंज’ परंपराओं से भी जुड़ी हैं. आज सोशल मीडिया पर ‘Ex Burning Trend’ जैसी चर्चाएं फिर इस इतिहास को नए अंदाज में जगा रही हैं.;

By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 13 Feb 2026 9:20 PM IST

वैलेंटाइन डे… नाम सुनते ही दिमाग में लाल गुलाब, दिल के आकार की चॉकलेट और 'आई लव यू' की फुसफुसाहट गूंजने लगती हैं, लेकिन क्या 14 फरवरी हमेशा से इतना मासूम और रोमांटिक था? इतिहास की परतें उठाइए तो तस्वीर कुछ और भी कहानी सुनाती है. कहीं प्राचीन रोम में उग्र रस्में निभाई जा रही थीं, तो कहीं यूरोप में ठुकराए गए प्यार का सार्वजनिक हिसाब चुकाया जा रहा था. इटली के Lupercalia से लेकर फ्रांस की ‘एक्स की तस्वीर जलाने’ वाली परंपरा तक - वैलेंटाइन डे का सफर सिर्फ इश्क का नहीं, इंकार और भावनाओं के विस्फोट का भी रहा है.

आज जब सोशल मीडिया पर ‘लव रिवेंज’ जैसे ट्रेंड्स चर्चा में हैं, तो सवाल उठता है, क्या यह सब इतिहास की उसी छाया का आधुनिक रूप है? क्या वैलेंटाइन डे सिर्फ रोमांस है या इसमें छुपी है रिश्तों की कड़वी-मीठी सच्चाई? आइए, 14 फरवरी की चमकदार सतह के नीचे छुपी उन कहानियों को जानें, जो प्यार को एक अलग नजरिए से देखने पर मजबूर कर देती हैं.

Valentines Day: सिर्फ प्यार नहीं, इतिहास में छुपा है इश्क और इंकार

आज का Valentine's Day दिल के आकार की चॉकलेट, कैंडल लाइट डिनर और रोमांटिक फिल्मों से जुड़ा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की जड़ें कहीं ज्यादा जटिल और विवादित परंपराओं में छुपी हैं? कभी यह प्राचीन रोम का उग्र उत्सव था, तो कभी यह प्रेम में ठुकराई गई भावनाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन बन गया.

इटली का Lupercalia: प्यार या उग्र परंपरा?

वैलेंटाइन डे की जड़ों को अक्सर प्राचीन रोमन त्योहार Lupercalia से जोड़ा जाता है, जो फरवरी के मध्य में मनाया जाता था. यह एक फर्टिलिटी फेस्टिवल था, जिसमें पशु बलि दी जाती थी और महिलाओं को पशु की खाल से हल्के प्रहार किए जाते थे. माना जाता था कि इससे प्रजनन क्षमता और स्वास्थ्य बेहतर होगा. बाद में चर्च ने इस परंपरा को खत्म कर Saint Valentine से जुड़ी कहानियों को बढ़ावा दिया और 14 फरवरी को प्रेम का प्रतीक बना दिया.

फ्रांस की ‘लव रिवेंज’: जब एक्स की तस्वीरें जलाई जाती थीं

मध्यकालीन France में एक रस्म थी, Drawing for लव, जिन महिलाओं को कोई साथी नहीं चुनता था, वे उन पुरुषों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से जलाती थीं जिन्होंने उन्हें ठुकराया था. यह परंपरा इतनी उग्र हो गई कि बाद में सरकार को इसे बैन करना पड़ा. आज सोशल मीडिया पर Ex Burning Trend जैसी चर्चाएं उसी मनोविज्ञान की झलक देती हैं. इश्क, इंकार और भावनात्मक प्रतिक्रिया का यह प्रतीक था.

जापान: यहां महिलाएं देती हैं चॉकलेट

Japan में वैलेंटाइन डे पर महिलाएं पुरुषों को चॉकलेट देती हैं. गिरी-चोको: औपचारिक चॉकलेट, होन्ग-चोको: सच्चे प्यार की चॉकलेट. एक महीने बाद 14 मार्च को व्हाइट डे पर पुरुष जवाब देते हैं.

फिलीपींस: एक दिन, हजारों शादियां

फिलीपींस में यह दिन रोमांस से ज्यादा शादी का प्रतीक बन गया है. सरकार की ओर से मास वेडिंग कराई जाती है, जहां सैकड़ों जोड़े एक साथ विवाह करते हैं.

जर्मनी: प्याज से भविष्य का पति

जर्मनी में युवतियां प्याज लगाकर उस पर लड़कों के नाम लिखती थीं, जिस प्याज का पौधा पहले उगता, वही भविष्य का पति माना जाता.

इंग्लैंड : नमक वाला अंडा और सपनों में दूल्हा

ब्रिटेन में नमक वाला अंडा और सपनों में दूल्हा इंग्लैंड में महिलाएं वैलेंटाइन से पहले नमक भरा उबला अंडा खाती थीं, वो भी बिना पानी पिए. ऐसा माना जाता था कि इससे सपने में होने वाले पति का चेहरा दिखेगा.

आज का ट्रेंड: ‘Love Revenge’ या Emotional Closure?

आज सोशल मीडिया पर कई लोग मजाकिया अंदाज में एक्स की तस्वीरें डिलीट करने या जलाने की बात करते हैं. हालांकि, एक्सपर्ट मानते हैं कि यह इमोशनल क्लोजर का एक तरीका हो सकता है, लेकिन इसे प्रतीकात्मक और सुरक्षित दायरे में ही रखना चाहिए. वैलेंटाइन डे का असली संदेश आखिरकार प्रेम, सम्मान और सकारात्मक रिश्तों का ही है.

प्यार का दिन, लेकिन इतिहास की परतें गहरी

वैलेंटाइन डे सिर्फ गुलाब और गिफ्ट का त्योहार नहीं है. इसकी जड़ें उग्र परंपराओं, सामाजिक बदलाव और प्रेम की जटिल कहानियों में छुपी हैं. यानी वैलेंटाइन डे इश्क, इंकार और रिवेंज के बीच 14 फरवरी हमें याद दिलाता है कि प्यार जितना खूबसूरत है, उतना ही संवेदनशील भी.

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