Kiss Day 2026: माथे पर चूमना और मेरी दुनिया का थम जाना! वो मोहब्बत का सबसे हसीन पल
कभी-कभी मोहब्बत शोर नहीं करती, बस एक हल्का सा स्पर्श सब कुछ बदल देता है. उसके होंठ जैसे ही मेरे माथे से लगे, वक्त ठहर गया और दिल को यकीन हो गया कि यही पल मेरी कहानी का सबसे खूबसूरत हिस्सा बन जाएगा.
उस रात की याद आज भी मेरे भीतर किसी पुराने गीत की तरह बज उठती है. धीमी, मीठी, और दिल की धड़कनों से ताल मिलाती हुई. हम दोनों साथ थे, लेकिन शब्द कम थे. शायद कुछ लम्हे ऐसे होते हैं जिन्हें बातों की जरूरत नहीं होती. हल्की पीली रोशनी सड़क पर बिखरी थी, ठंडी हवा गालों को छूकर जा रही थी, और मैं अपने दुपट्टे के कोने से खेलते हुए बस खुद को संभालने की कोशिश कर रही थी. दिल मानो सीने से बाहर आ जाना चाहता था.
वो मेरे बहुत करीब खड़ा था. इतना करीब कि उसकी सांसों की गर्माहट मेरे चेहरे को छू रही थी. हम दोनों हंस भी रहे थे, पर उस हंसी के पीछे एक झिझक थी, एक अनकहा इंतज़ार. जैसे कोई सीन फिल्म में आगे बढ़ने वाला हो और बैकग्राउंड में म्यूज़िक धीरे-धीरे तेज हो रहा हो.
अचानक उसने मेरा नाम लिया. बस मेरा नाम. और पता नहीं क्यों, उस एक शब्द में दुनिया भर की मोहब्बत सुनाई दी. मैंने नजरें उठाईं, और उससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती, उसकी उंगलियां मेरे चेहरे के पास आकर ठहर गईं.
वो किस कोई फिल्मी स्टाइल का बड़ा ड्रामा नहीं था. न बारिश थी, न हवा का तेज झोंका. लेकिन मेरे भीतर जैसे आतिशबाज़ी हो गई. माथे पर उसके होंठों का वो हल्का सा स्पर्श मेरे दिल तक उतर गया. ऐसा लगा जैसे उसने मुझे भरोसा दिया हो, सुरक्षा दी हो, एक वादा किया हो-बिना कुछ कहे.
मैंने आंखें बंद कर लीं. शायद इसलिए क्योंकि उस पल को हमेशा के लिए सहेज लेना चाहती थी. और फिर… उसने मेरी पलकों पर अपने होंठ रख दिए.
कहते हैं, आंखें दिल का आईना होती हैं. शायद इसलिए वो मेरे दिल को छूना चाहता था. उस एक पल में मुझे लगा कि उसने मेरी सारी बेचैनियां पढ़ ली हैं. मेरी घबराहट, मेरी उम्मीदें, मेरा डर-सब कुछ. मेरी सांसें अटक गईं. उंगलियां ठंडी पड़ गईं. लेकिन दिल… दिल को पहली बार घर जैसा महसूस हुआ.
मैंने धीरे से उसकी शर्ट पकड़ ली, जैसे कह रही हूं-“ये पल कहीं चला न जाए.”समय आगे बढ़ गया. जिंदगी बदलती रही. हम भी बदले. लेकिन वो पहली बार, जब किसी ने मेरे माथे और आंखों को इतनी इज्जत, इतनी नर्मी से छुआ था, वो एहसास आज भी वैसा ही ताजा है.
कभी-कभी आईने में खुद को देखती हूं, तो लगता है जैसे वो स्पर्श अब भी वहां मौजूद है. जैसे किसी ने प्यार से कह दिया हो-“तुम सुरक्षित हो, तुम अपनी हो, तुम खास हो.” और शायद मोहब्बत यही होती है. शोर नहीं करती, बस दिल के किसी कोने में चुपचाप हमेशा के लिए रह जाती है.





