ग्लिसरीन नहीं, अब 'Tear Stick’ से रोते हैं एक्टर्स, वायरल वीडियो में हुआ खुलासा

फिल्मों और टीवी सीरियल में रोने के सीन अब ग्लिसरीन से नहीं, बल्कि Tear Stick से शूट किए जाते हैं। वायरल वीडियो में निर्देशक ने बताया कि ये स्टिक कैसे लाती है असली जैसे आंसू।;

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Edited By :  रूपाली राय
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फिल्मों के इमोशनल सीन कभी दर्शकों को रुला देते है, ये जानते हुए भी कि वह एक्टर्स है एक्टिंग कर रहे है उनके आंसू भी नकली है. लेकिन कुछ सीन्स इतनी इमोशनल होती है कि आपके असली आंसू निकालने में मजबूर कर देती है. हालांकि आधे से ज्यादा दर्शक जानते है कि एक्टर्स ग्लिसरीन की वजह से नेचुरल आंसू बहाते है. लेकिन अब ऐसा नहीं रहा.

आजकल इसका असली राज है एक छोटी सी चीज टियर स्टिक (Tear Stick). हाल ही में निर्देशक अमित कुमार झा ने एक छोटा सा 55 सेकंड का वीडियो शेयर किया, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वो खुद बताते हैं कि स्क्रीन पर रोने के सीन कैसे शूट किए जाते हैं. वीडियो की शुरुआत में वो कहते हैं 'दिखने में ये आपको सफेद लिपस्टिक जैसी लगेगी, लेकिन सफेद लिपस्टिक तो कोई आंखों के नीचे लगाता है भला?' फिर वो 'तोड़ कर दिल मेरा' सीरियल की एक्ट्रेस अनुरीमा चक्रवर्ती को दिखाते हैं. वो उनकी आंखों के ठीक नीचे ये स्टिक लगाते हैं. एक्ट्रेस मुस्कुराते हुए कहती हैं- 'ये लिपस्टिक नहीं, आंसू की स्टिक है.'

टियर स्टिक आखिर है क्या?

ये एक छोटी, सफेद रंग की स्टिक होती है, जो बिल्कुल लिपस्टिक की तरह दिखती है और पैकेजिंग भी वैसी ही होती है. लेकिन इसका इस्तेमाल होंठों पर नहीं, बल्कि आंखों के ठीक नीचे स्किन पर किया जाता है. पहले एक्टर्स को रोने के लिए ग्लिसरीन ड्रॉप्स आंखों में डालने पड़ते थे, जिससे आंखों में जलन, लाल होना और काफी असुविधा होती थी. कई बार तो आंखें सूज भी जाती थी. लेकिन टियर स्टिक आने के बाद ये पुरानी तकलीफ खत्म हो गई है. ये पूरी तरह से सुरक्षित, आसान और प्राकृतिक तरीके से आंसू लाने का तरीका है.

ये स्टिक कैसे काम करती है?

स्टार प्लस के एक सीरियल के एक्टर आशीष राघव ने बताया है कि ये स्टिक मेंथॉल (menthol) युक्त मोम से बनी होती है. जब इसे आंखों के नीचे लगाया जाता है, तो शरीर की गर्मी से ये मोम पिघलता है. इससे हल्की-सी मेंथॉल की भाप निकलती है, जो ऊपर की तरफ आंखों तक पहुंचती है. ये भाप आंखों में हल्की ठंडक और मामूली जलन जैसा एहसास पैदा करती है. नतीजा? आंखें खुद-ब-खुद प्राकृतिक आंसू बहाने लगती हैं बिना किसी नुकसान के, बिना दर्द के और बहुत ही सहज तरीके से. ये आंसू बिल्कुल असली लगते हैं, इसलिए दर्शकों को भी लगता है कि एक्टर सच में भावुक होकर रो रहे हैं. अगर जरूरत हो तो एक से ज्यादा लेयर लगा सकते हैं, जिससे असर और तेज हो जाता है. इस्तेमाल के बाद साबुन-पानी या मेकअप रिमूवर से आसानी से साफ हो जाती है.

सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन

इस वीडियो को देखकर लोग हैरान रह गए. कमेंट बॉक्स में ढेर सारे इमोजी और मजेदार कमेंट्स भरे पड़े हैं. कोई लिख रहा है- 'अरे वाह! अब तो समझ आया फिल्मों में रोना इतना आसान कैसे लगता है.' एक ने तो मजाक में लिखा, 'मुझे लगता है जब भी मेरे पति से झगड़ा होगा, तो मुझे भी ये स्टिक चाहिए होगी.' दूसरा कमेंट था, 'बवाल कर रहे हो आप. ऐसे तो सब डायरेक्टर बन जाएंगे.' लोग इस खुलासे से काफी एक्साइटेड हैं और पर्दे के पीछे की ऐसी छोटी-छोटी ट्रिक्स जानकर मज़ा ले रहे हैं।

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