Chaitra Navratri 2026: Breastfeeding के दौरान व्रत रखना सही या गलत? भूलकर भी न करें ये गलतियां

Chaitra Navratri 2026: प्रेग्नेंच और ब्रेस्टफीडिंग वाली महिलाओं के लिए व्रत रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि उन पर अपने साथ-साथ बच्चे की सेहत का भी जिम्मा होता है. इसलिए कुछ जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.

( Image Source:  AI SORA )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 19 March 2026 1:07 PM IST

चैत्र नवरात्रि शुरू हो गए हैं. ऐसे में अक्सर प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं व्रत रखने का सोचती हैं. हालांकि, इन कंडीशन में व्रत रखना आसान नहीं होता है, क्योंकि छोटी सी भी लापरवाही बच्चे की सेहत पर असर डाल सकती है. व्रत के दौरान कुछ रूल्स फॉलो करने होते हैं. अगर नियम तोड़े जाए, तो अच्छा नहीं माना जाता है.

अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रही हैं या व्रत रखने का सोच रही हैं, तो पहले आपको कुछ जरूरी बातें जानना चाहिए. जैसे व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए क्या नहीं. डाइट कैसी होनी चाहिए.

क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान व्रत रखना सही?

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां व्रत रख सकती है, लेकिन यह पूरी तरह उसनकी फिजिकल कंडीशन, एनर्जी लेवल और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है. अगर मां को कमजोरी, चक्कर या दूध की मात्रा कम होने जैसी समस्या हो, तो व्रत रखने से बचना बेहतर होता है. ध्यान रखें कि इस समय शरीर को एक्सट्रा कैलोरी और पानी की जरूरत होती है. इसलिए व्रत में पूरा दिन भूखा न रहें. 

व्रत के दौरान कैसे होनी चाहिए डाइट?

  • अगर आप बच्चे को दूध पिलाती हैं, तो व्रत के दौरान हल्का लेकिन न्यूट्रिशन से भरपूर डाइट लें. व्रत में फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा और सूखे मेवे जैसे पौष्टिक ऑप्शन शामिल करें. ये शरीर को एनर्जी देने के साथ दूध की क्वालिटी बनाए रखने में मदद करते हैं.
  • लंबे समय तक खाली पेट रहने से कमजोरी और दूध की कमी हो सकती है. कोशिश करें कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार खाएं.
  • पानी की कमी से शरीर जल्दी थक जाता है और दूध बनने के प्रोसेस पर भी असर डालता है.
  • व्रत के दौरान हाइड्रेशन का खास ध्यान रखें. पूरा दिन नारियल पानी, छाछ और फ्रूट जूस जैसे हेल्दी ड्रिंक लें
  • सबसे जरूरी जिन ड्रिंक्स में कैफीन होता है. उनसे दूरी बनाए रखें.

व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान

  • अगर आपको चक्कर आना, अत्यधिक थकान, सिरदर्द या कमजोरी महसूस हो, तो यह संकेत है कि आपका शरीर व्रत को सही तरीके से हैंडल नहीं कर पा रहा है.ऐसी स्थिति में व्रत तोड़ना बेहतर है, क्योंकि मां की सेहत सीधे बच्चे पर असर डालती है.
  • व्रत के दौरान अगर आपको लगे कि बच्चे को दूध कम मिल रहा है या वह बार-बार भूखा हो रहा है, तो तुरंत अपनी डाइट में सुधार करें. जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें.
  • व्रत के दौरान शरीर जल्दी थक सकता है, इसलिए पर्याप्त आराम लें. भारी काम या ज्यादा शारीरिक मेहनत से बचें, ताकि शरीर की ऊर्जा बनी रहे.

डॉक्टर की सलाह लेना क्यों है जरूरी?

हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होती है. इसलिए व्रत रखने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. इससे आप अपनी सेहत के अनुसार सही फैसला ले पाएंगी.

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