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Navratri 2026: क्या नवरात्रि व्रत में चाय या कॉफी पी सकते हैं? जानें धर्म और सेहत क्या कहती है

नवरात्रि के व्रत में लोग खान-पान को लेकर कई सवालों में उलझ जाते हैं, खासकर चाय और कॉफी को लेकर. यहां जानिए क्या व्रत में चाय-कॉफी पीने से व्रत टूट जाता है और सेहत के लिहाज से क्या सही माना जाता है.

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( Image Source:  AI Grok )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Published on: 15 March 2026 6:18 PM

Navratri 2026: नवरात्रि का त्योहार पूरे भारत में बहुत ही उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. ये नौ खास दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा करने के लिए समर्पित होते हैं. इस दौरान लाखों लोग माता रानी की आराधना करते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और व्रत रखते हैं. व्रत रखने का मुख्य उद्देश्य सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होता, बल्कि ये शरीर को डेटॉक्स करने, मन को शांत रखने और आत्म-संयम सिखाने का भी एक बेहतरीन तरीका है. लेकिन व्रत के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी होती है खान-पान को लेकर.

लोग सोचते हैं कि क्या खाएं, क्या न खाएं, क्या पिएं और किन चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. खासकर चाय और कॉफी को लेकर सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन रहता है. कई लोग तो सुबह उठते ही सबसे पहले चाय की चुस्की लेते हैं, बिना चाय के उनका दिन शुरू ही नहीं होता. कुछ लोग कॉफी पीकर दिनभर एनर्जी महसूस करते हैं. लेकिन व्रत में इन दोनों को लेना सही रहेगा या नहीं? क्या इससे व्रत टूट जाएगा? आइए इस बारे में जानते हैं, ताकि आपकी सारी दुविधा दूर हो जाए.

क्या चाय या कॉफी पीने से व्रत टूट जाता है?

नवरात्रि के व्रत में खाने-पीने के नियम हर परिवार, हर क्षेत्र और हर व्यक्ति की परंपरा के अनुसार थोड़े अलग-अलग होते हैं. कोई सख्ती से सिर्फ फल, दूध, साबूदाना या आलू जैसी चीजें खाता है, तो कोई थोड़ा लचीला रहता है. धार्मिक नजरिए से देखें तो व्रत में अनाज (गेहूं, चावल आदि), नमक (सामान्य नमक), लहसुन-प्याज, मांसाहारी चीजें और तामसिक भोजन बिल्कुल वर्जित माने जाते हैं. लेकिन दूध, दही, फल, हल्की मिठाई (जैसे शहद या गुड़ से बनी चीजें) और सेंधा नमक का इस्तेमाल ज्यादातर जगहों पर सही माना जाता है.

अब चाय-कॉफी की बात करें तो:

  • दूध वाली चाय को ज्यादातर लोग व्रत में ले लेते हैं, क्योंकि ये दूध पर आधारित होती है और दूध व्रत में मान्य है. अगर आप इसमें कम चीनी या गुड़ डालकर पीते हैं, तो इसे व्रत का उल्लंघन नहीं माना जाता.
  • कॉफी को लेकर थोड़ी ज्यादा सख्ती है. कुछ लोग बिना चीनी और दूध के ब्लैक कॉफी पी लेते हैं, क्योंकि ये अनाज से नहीं बनी होती. लेकिन कई परंपराओं में इसे राजसिक या तामसिक पेय मानकर वर्जित रखा जाता है, क्योंकि कैफीन मन को उत्तेजित करता है और व्रत का मुख्य मकसद मन को शांत रखना होता है.

कुल मिलाकर, ये आपकी व्यक्तिगत आस्था, परिवार की परंपरा और क्षेत्रीय रिवाज पर निर्भर करता है. अगर आपके घर में चाय-कॉफी पीने की इजाजत है, तो बिना किसी गिल्ट के पी सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में.

सेहत के नजरिए से चाय-कॉफी कैसी हैं व्रत में?

स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो व्रत के दौरान चाय और कॉफी का ज्यादा सेवन बिल्कुल ठीक नहीं होता. व्रत में पेट ज्यादातर खाली या हल्का रहता है. ऐसे में कैफीन युक्त ड्रिंक्स पीने से कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे:

एसिडिटी और पेट में जलन

गैस और ब्लोटिंग की समस्या

सिरदर्द या चक्कर आना (अगर कैफीन की आदत है और अचानक कम हो जाए)

ज्यादा कैफीन से नींद न आना या बेचैनी महसूस होना

खासकर कॉफी ज्यादा एसिडिक होती है, इसलिए खाली पेट पीने से एसिड रिफ्लक्स या पेट दर्द की शिकायत बढ़ सकती है. चाय में अगर दूध और चीनी ज्यादा हो, तो वो भारी लग सकती है और पचाने में दिक्कत हो सकती है. इसलिए अगर आपकी आदत है, तो दिन में सिर्फ 1-2 कप ही लें. कोशिश करें कि चीनी बिल्कुल कम या न डालें, और दूध अच्छी क्वालिटी का इस्तेमाल करें.

व्रत में एनर्जी बनाए रखने के बेहतर और हेल्दी विकल्प

अगर आप चाय-कॉफी के बिना थकान महसूस करते हैं, तो घबराएं नहीं। व्रत में एनर्जी बनाए रखने के लिए कई शानदार और सेहतमंद ऑप्शन हैं, जो शरीर को हाइड्रेट भी रखते हैं और कोई साइड इफेक्ट भी नहीं देते:

  • नारियल पानी- सबसे बेस्ट, तुरंत एनर्जी देता है और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है
  • नींबू पानी (सेंधा नमक और शहद डालकर)- रिफ्रेशिंग और detox करने में मदद करता है
  • दूध- सादा या केसर-इलायची डालकर, बहुत अच्छा पोषण देता है
  • फलों का जूस (सेब, केला, संतरा आदि का ताजा जूस)- नैचुरल शुगर से एनर्जी मिलती है
  • छाछ या लस्सी (बिना नमक वाली या सेंधा नमक वाली)- पेट को हल्का रखती है
  • हर्बल टी (तुलसी, अदरक या पुदीने की)- अगर कैफीन से परहेज करना चाहें तो ये अच्छा विकल्प है

तो दोस्तों, नवरात्रि का व्रत आस्था का भी है और सेहत का भी. चाय-कॉफी लेना या न लेना आपकी अपनी पसंद और परिवार की परंपरा पर है। लेकिन याद रखें व्रत का असली मकसद है मन की शांति, शरीर की सफाई और मां के प्रति समर्पण. इसलिए जो भी चुनें, संयम के साथ चुनें. मां दुर्गा की कृपा से आपका व्रत सुखमय और सफल हो.

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