यमुना में कालिया नाग ही नहीं, पुराणों में वासुकी-शेष जैसे दिव्य नागों का भी है जिक्र, इनके बारे में कितना जानते हैं आप?

यमुना नदी में कालिया नाग जैसे विशाल नाग के दिखाई देने की खबर ने केवल सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि वेद-पुराणों की स्मृतियों को भी फिर जीवित कर दिया है. ब्रजभूमि, कृष्ण लीला और यमुना का रिश्ता जितना गहरा है, उतना ही रहस्यमयी है नागों का पौराणिक संसार. पुराणों में नाग केवल भय का नहीं, बल्कि संतुलन और संरक्षण का के प्रतीक भी हैं. यमुना में यह दृश्य लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि - क्या हम प्रकृति के साथ वही संतुलन बनाए रख पाए हैं, जो हमारे ग्रंथ सिखाते हैं?;

( Image Source:  ARUNESH PANDEY🔥💓 @THEAP__111 )
By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 20 Jan 2026 12:48 PM IST

यमुना नदी में दिखे कालिया नाग का वीडियो को लेकर तरह तरह के बहस सोशल मीडिया पर जारी है. लोग इसको लेकर अपने-अपने तर्क दे हैं. कुछ यूजर का कहना है कि यमुना में दिखा नाग सही वाला कालिया नाग नहीं, बल्कि एआई (AI) जनरेटेड है. अब इस बात की चर्चा टॉप में है कि हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ पुराणों में भी इसका जिक्र है. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग यह खोज रहे हैं कि आखिर हिंदू धर्म के किन-किन पुराणों में चर्चित व प्रसिद्ध नागों का जिक्र है, जिन्हें न केवल आज भी हिंदुस्तान में पूजा जाता है, बल्कि भगवान विष्णु औ महादेव ने उन्हें अपना आसन व आभूषण भी बनाया था. 

भारतीय सनातन परंपरा में नाग केवल सर्प नहीं, बल्कि शक्ति, चेतना और संरक्षण के प्रतीक माने गए हैं. इसलिए, जब यमुना में कालिया नाग का नाम उछला, तो लोगों ने सवाल किया - क्या पुराणों में सिर्फ कालिया नाग का ही जिक्र है, या और भी दिव्य नाग हैं, जिनका देवताओं से सीधा संबंध रहा है?

किन-किन पुराणों में नागों का जिक्र?

यमुना में कालिया नाग दिखने के बाद कालिया नाग की कथा मुख्य रूप से श्रीमद्भागवत पुराण में सबसे ज्यादा विस्तार से जिक्र है. इसके अलावा, विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में इसकी चर्चा है. इन ग्रंथों में कालिया नाग को अधर्म, अहंकार और अत्याचार का प्रतीक बताया गया है. जबकि कुछ नाग को मानव कल्याण का प्रतीक भी माना गया है. जानें, पुराणों में किन-किन नागों का वर्णण है.

1. शेषनाग

 

शेषनाग को अनंत के नाम से भी पहचाना जाता है. इस नाग की गिनती नाग वंश में सबसे बलशाली नागों में की जाती है. इसके पीछे मान्यता है कि भगवान नारायण क्षीरसागर में शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं.

2. वासुकि नाग

इसी तरह हिंदू धर्म ग्रंथों में वासुकि को सभी नागों का राजा बताया गया है. यह, वही नाग बताया जाता है, जिसे भगवान शिव अपने गले में धारण करके रखते हैं. पुराणों में वासुकी की पत्नी का नाम शतशीर्षा है.

3. तक्षक नाग

पाताल लोक में निवास करने वाले प्रमुख नागों में से एक तक्षक नाग है. पुराणों के मुताबिक श्रृंगी ऋषि के शाप की वजह से तक्षक ने एक बार राजा परीक्षित को डस लिया था. जिसके बाद राजा परीक्षित के पुत्र ने क्रोध में आकर सर्प यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन जैसे ही यज्ञ करने वाले ब्राह्मणों ने अग्नि में तक्षक के नाम की आहुति डाली, ऋषि आस्तिक के कहने पर इस यज्ञ को रोक दिया गया. इस तरह कहीं जाकर तक्षक नाग की जान बची.

4. खौफ का पर्याय कालिया नाग

यूपी के वृंदावन क्षेत्र के यमुना नदी में अपनी पत्नियों के साथ रहने वाले कालिया नाग के बारे में तो ज्यादातर सभी लोग जानते हैं. कालिया नाग के फन पर ही भगवान विष्णु ने नृत्य किया था. जबकि श्री कृष्ण ने इसी का मर्दन किया था. 

भारतीय धर्म परंपरा में आस्था रखने वाले कथाओं में कालिया नाग का नाम आते ही श्रीकृष्ण की बाल-लीलाएं, यमुना तट और विष से भरी नदी का दृश्य जेहन में आ जाता है. यह कथा आज भी नाग पंचमी, जन्माष्टमी, भागवत कथा और गांव–कस्बों की कथा वाचक परंपरा में उतनी ही जीवंत है. इन मौकों पर नाग को पूजने की भी पुरानी परंपरा है. हाल ही यमुना में निवास करने वाला कालिया नाग जैसा विशाल, काला और जहरीला नाग दिखा है.

कौन था कालिया नाग?

कालिया नाग एक जहरीला नाग था, जो यमुना नदी में रहता था. उसके विष के प्रभाव से यमुना का जल काला पड़ गया था. वैदिक काल से ही इसकी लोक कथाओं में चर्चा है. यानी कालिया नाग कोई अनजाना नाम नहीं है. कालिया नाग के पिता कश्यप ऋषि और माता कद्रू थी. कश्यप कद्रू वंश से ही शेषनाग, वासुकी, तक्षक जैसे प्रसिद्ध नाग उत्पन्न हुए. कालिया भी इसी नागवंश का सदस्य था.

5. कर्कोटक नाग

कर्कोटक नाग को भोले बाबा का ही गण माना जाता है. एक बार सभी सांपों को भस्म होने का श्राप मिला, जिससे बचने के लिए कर्कोटक नाग वन में जाकर शिवलिंग के सामने तप करने लगा. कर्कोटक नाग के तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने कर्कोटक को शिवलिंग में प्रवेश करवाकर उसकी जान बचाई थी.

6. पद्म और कुलिक नाग

इसे नागलोक का संरक्षक और ब्रह्मांडीय संतुलन  का प्रतीक माना जाता है. स्कंद और गरुड़ पुराण में इसका उल्लेख है.

क्या है कालिया नाग का मामला?

हाल ही में यमुना नदी में एक विशालकाय नाग/अजगर का वीडियो वायरल हुआ था. लोगों ने इसे कालिया नाग से जोड़ दिया. कुछ ने इसे आस्था से जोड़ दिया. कुछ ने पर्यावरण असंतुलन का संकेत बता दिया. इस घटना ने यमुना के प्रदूषण, जैव विविधता और धार्मिक महत्व पर बहस छेड़ दी.

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