UGC के नियमों पर मचा बवाल, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला; देशभर में छात्रों का प्रदर्शन, यूपी में राष्ट्रपति शासन की मांग- TOP UPDATES

UGC के नए रेगुलेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लेकर सड़क तक विवाद गहरा गया है> बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे, निलंबन और ब्राह्मण विरोध के आरोपों ने इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया है.;

By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 27 Jan 2026 11:00 PM IST

केंद्र सरकार द्वारा UGC के नए रेगुलेशन लागू किए जाने के बाद देशभर में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर विवाद तेज हो गया है. जहां एक ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नियमों को लेकर भरोसा दिलाया है, वहीं दूसरी ओर इस कानून की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे और निलंबन ने पूरे मामले को और भड़का दिया है.

UGC के नए नियमों पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि इसमें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होगा और इस कानून का कोई भी दुरुपयोग नहीं कर सकेगा.” उन्होंने कहा कि कोई भी व्यवस्था संविधान के मुताबिक होगा. यह व्यवस्था तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई है.

सुप्रीम कोर्ट में UGC को दी गई चुनौती

UGC की ओर से 23 जनवरी 2026 को अधिसूचित University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 के रेगुलेशन 3(c) को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को बेहद संकीर्ण रूप से परिभाषित किया गया है. केवल SC, ST और OBC को ही कानूनी संरक्षण दिया गया है, जबकि जनरल और अपर कास्ट को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है. याचिकाकर्ता मृत्युंजय तिवारी की याचिका में कहा गया, “यह परिभाषा सामान्य वर्ग के खिलाफ शत्रुता को वैध बनाती है, जो संविधान और समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है.”

अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

इसी विवाद के बीच बरेली के सस्पेंडेड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि 6 राज्यों के ब्राह्मण संगठनों ने उनका समर्थन किया है, महाकुंभ मेले में शंकराचार्य और ब्राह्मण समाज के अपमान के मुद्दे पर सभी एकजुट हैं. UGC के नए नियम देश के लिए घातक साबित होंगे. अलंकार अग्निहोत्री ने यहां तक कहा कि संवैधानिक तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है. यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.

DM और प्रशासन ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

ADM देश दीपक सिंह ने अलंकार अग्निहोत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “कोई बंधक बनाने की घटना नहीं हुई. वे स्वयं बातचीत के लिए आए थे. चाय-कॉफी पर शालीन चर्चा हुई और उन्हें अवकाश लेने का सुझाव दिया गया था.”

अलंकार अग्निहोत्री को किया गया सस्पेंड

यूपी सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है. उन्हें शामली DM कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.

बरेली कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे अलंकार अग्निहोत्री

वहीं, अलंकार अग्निहोत्री बरेली कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए. उन्होंने पूरे मामले की SIT जांच की मांग की है.

डीएम के कैंप ऑफिस में फेल हो गई मिलीभगत वाली साजिश: अलंकार अग्निहोत्री

अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, "मैंने कल ही अपना इस्तीफा दे दिया था और यह मिलीभगत वाली साजिश कल डीएम के कैंप ऑफिस में फेल हो गई, जहां डीएम साहब को एक कॉल आया जिसमें कहा गया कि इस 'पंडित' को यहीं बिठाकर रखा जाए और उसे पूरी रात यहीं से जाने न दिया जाए... मैंने बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी दीपक पांडे को फोन किया और उनसे मीडिया को बताने के लिए कहा कि मुझे बंधक बनाने का आदेश जारी किया गया है... जब उन्हें पता चला कि मीडिया को मुझे बंधक बनाने की साजिश के बारे में पता चल गया है, तो मुझे जाने दिया गया.

अग्निहोत्री ने कहा कि यह एक मिलीभगत वाली साजिश थी जिसमें मैं एक बयान जारी करता और मुझे किसी और आरोप में सस्पेंड कर दिया जाता. हम इस सस्पेंशन ऑर्डर के बारे में कोर्ट जाएंगे. एक SIT बनाई जानी चाहिए और फोन पर हुई पूरी बातचीत की जांच होनी चाहिए. हम जल्द ही आगे की कार्रवाई तय करेंगे."

कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं अलंकार अग्निहोत्री: ADM सौरभ दुबे

अलंकार अग्निहोत्री के बारे में बरेली के ADM सौरभ दुबे ने कहा कि हमें सोशल मीडिया से पता चला कि सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दे दिया है. हम सब हैरान रह गए..हम उनसे बात करने उनके घर भी गए, लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. हमने उनसे कहा कि अगर कोई दिक्कत है तो हमें बताएं. कल से उनका बर्ताव ऐसा है कि उन्होंने हमारी बातों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया है.

एडीएम सौरभ दुबे ने कहा कि वे शायद कुछ लोगों के बहकावे में आ गए हैं. इसलिए हमारी सुन नहीं रहे हैं. कल उन्होंने कहा कि हमने उन पर दबाव डाला कि हमने उन्हें बंधक बनाया. यह बयान बिल्कुल अविश्वसनीय है. DM लगातार हमसे कह रहे हैं कि सिटी मजिस्ट्रेट से बात करके उन्हें समझाएं. यहां हर प्रशासनिक अधिकारी को यह यकीन करना मुश्किल लग रहा है कि सिटी मजिस्ट्रेट ऐसा कदम उठा सकते हैं.

UGC पर 10 बड़े अपडेट

  1. लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्रों ने UGC की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने इसे वापस लेने की मांग की.
  2. दिल्ली में यूजीसी ऑफिस के बाहर छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया. वहीं, रायबरेली में लोग नेताओं को चूड़ी भेजने की तैयारी कर रहे हैं.
  3. कांग्रेस की स्टूडेंट्स विंग NSUI ने UGC के नए नियमों का समर्थन किया है. अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि यूजीसी के नए नियम विश्वविद्यालय के परिसरों में भेदभाव को दूर करने की दिशा में जरूरी कदम है.
  4. आगरा नगर निगम के पूर्व उपसभापति ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा. उन्होंने यूजीसी नियमों में संशोधन करने की मांग की.
  5. बरेली के सस्पेंडेड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, "मैं डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से पूछना चाहता हूं कि कल रात उन्हें किसने फोन किया था और कौन मुझे पंडित होने की वजह से गाली दे रहा है और वह किस विचारधारा का है? संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए, सामान्य वर्ग सरकार के खिलाफ हो गया है."
  6. गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के गेट पर बड़ी संख्या में छात्र और छात्राओं ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की.
  7. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में यूजीसी कानून के खिलाफ केमिस्टों ने काली पट्टी बांधकर एसडीएम कोर्ट तक प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के नाम ज्ञापन भी सौंपा.
  8. यूपी बीजेपी के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो 2027 में जनता इसका जवाब देगी. यह कानून जातीय संघर्ष को बढ़ावा देगा.
  9. प्रयागराज जिले में सवर्ण आर्मी ने विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और यूजीसी एक्ट को वापस लेने की मांग की.
  10. यूपी के पीलीभीत जिले में यूजीसी के विरोध में चपरोआ कुइयां के बीजेपी बूथ अध्यक्ष कृष्ण तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इसे काला कानून बताया है.

UGC के जरिए लोगों को बांटने की कोशिश कर रही बीजेपी: अजय राय

UGC के नए नियम पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि जिस तरह बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए हिंदू-मुस्लिम किया, अब UGC के ज़रिए वे लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसा नहीं होने देगी. कांग्रेस के लिए सब एक हैं. जो सिस्टम हमारे समय में था, उसे अब और मज़बूती से लागू किया जाना चाहिए.

एक SC/ST/OBC का दर्द सिर्फ़ एक SC/ST/OBC ही समझ सकता है: चंद्रशेखर

आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा, "एक SC/ST/OBC का दर्द सिर्फ़ एक SC/ST/OBC ही समझ सकता है. ये गाइडलाइंस SC/ST/OBC सदस्यों ने नहीं बनाई हैं, बल्कि हायर एजुकेशन संस्थानों में ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या के आधार पर कमेटी ने बनाई हैं. जो लोग नई गाइडलाइंस का विरोध कर रहे हैं, उनमें से 90% ने तो उन्हें पढ़ा भी नहीं है. यह एक जाल है."

Similar News