BITS Pilani Goa में 15 महीनों में 6 छात्रों की मौत, ज्यादातर केस आत्महत्या; क्या है बड़ी वजह

बीआईटीएस पिलानी के गोवा कैंपस में दिसंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच 6 छात्रों की मौत हुई है, जिनमें से 4 मामलों में आत्महत्या की पुष्टि हुई है. जांच में पढ़ाई का दबाव, मानसिक तनाव, रिश्तों की समस्याएं और अकेलापन जैसे कारण सामने आए हैं.

( Image Source:  AI Sora )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 9 March 2026 10:58 AM IST

बीआईटीएस पिलानी के गोवा कैंपस में पिछले करीब 15 महीनों से बहुत दुखद घटनाएं हो रही हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, दिसंबर 2024 से फरवरी 2026 तक यहां कुल छह छात्रों की मौत हुई है. इनमें से ज्यादातर मामलों में पुलिस जांच से पता चला है कि मौतें आत्महत्या से हुई हैं, और कई बार पढ़ाई का तनाव इसका बड़ा कारण रहा है.

कुल कितनी मौतें और क्या कारण?

दिसंबर 2024 से अब तक: 6 छात्रों की मौत 

इनमें से 4 मौतें आत्महत्या से हुईं 

1 मौत स्वाभाविक (प्राकृतिक) लगती है 

1 मौत की जांच अभी चल रही है.

कुछ रिपोर्ट्स में ड्रग ओवरडोज का जिक्र है 

गोवा सरकार ने विधानसभा में बताया था कि 2024 और 2025 में 5 अप्राकृतिक मौतें दर्ज हुईं. इनमें से 4 मामलों में आत्महत्या का कारण परीक्षा का तनाव बताया गया. एक मामले में छात्र अपने साथी की मौत के बाद डिप्रेशन में था. 

अब तक कितनी गई है जानें?

1. 10 दिसंबर 2024: उत्तर प्रदेश का 20 साल का छात्र (दोहरी डिग्री - एमएससी फिजिक्स और बीई कंप्यूटर साइंस) अपने हॉस्टल रूम में फंदे पर लटका मिला. पुलिस ने बहुत गहराई से जांच की फोन, गवाह, फोरेंसिक रिपोर्ट सब देखा. कोई हत्या या साजिश नहीं मिली.

कारण: पढ़ाई का बहुत तनाव, इमोशनल डिस्ट्रेस, रिश्तों की समस्या और माता-पिता का दबाव. 

2. 5 मार्च 2025: गोवा का ही 20 साल का छात्र हॉस्टल में मृत मिला. जांच में पता चला कि वह पढ़ाई की चिंता से बहुत परेशान था. बार-बार कहता था कि मेहनत करने के बाद भी अच्छे नंबर नहीं आ रहे. वह अपने साइंस और इंजीनियरिंग चुनने के फैसले पर भी पछता रहा था. 

3. 1 मई 2025: उत्तर प्रदेश का 20 साल का छात्र (इकोनॉमिक्स और कंप्यूटर साइंस) हॉस्टल में आत्महत्या कर ली. उसके माता-पिता ने पत्र लिखा कि पहले सेमेस्टर से ही उसका पढ़ाई का प्रदर्शन गिर रहा था. जांच अभी पूरी नहीं हुई, लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं दिखी. 

4. 16 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश का 20 साल का छात्र हॉस्टल में बेहोश मिला और मौत हो गई. पोस्टमार्टम से पता चला कि गंभीर गैस्ट्राइटिस, फेफड़ों और दिमाग में सूजन, और अग्नाशय की बीमारी थी. पुलिस ने इसे स्वाभाविक मौत माना. 

5. 4 सितंबर 2025: कर्नाटक का 19 साल का छात्र हॉस्टल में आत्महत्या कर ली. जांच में पता चला कि वह किसी रिश्ते की समस्या से परेशान था और उसकी 'निजी स्वास्थ्य समस्या' का इलाज चल रहा था. पोस्टमार्टम में गैस्ट्राइटिस और फेफड़ों की समस्या दिखी, जांच जारी है. 

6. 1 फरवरी 2026: एक और 20 साल का छात्र ने आत्महत्या की (यह छठी घटना है). जांच अभी चल रही है। कॉलेज ने कहा कि छात्र कोई निजी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा था.

कॉलेज और सरकार क्या कर रही है?

बीआईटीएस गोवा के प्रबंधन ने कहा कि आत्महत्या बहुत जटिल चीज है। इसमें कई कारण मिलकर काम करते हैं- जैसे पढ़ाई की अपेक्षाएं, माता-पिता का दबाव, रिश्तों की परेशानी, अकेलापन और डिप्रेशन. कुछ मौतें परीक्षा के समय हुईं, कुछ नहीं।कॉलेज ने कई कदम उठाए हैं:

  • पढ़ाई का सिलेबस आसान और व्यवस्थित किया 
  • ज्यादा प्रोफेशनल काउंसलर और मनोवैज्ञानिक रखे 
  • 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की 
  • छात्रों की बात सुनने के लिए फैकल्टी के साथ सेशन रखे
  • हर हफ्ते मनोचिकित्सक से मिलने की व्यवस्था 
  • मानसिक और शारीरिक सेहत पर नए कोर्स शुरू किए 

गोवा सरकार ने भी एक कमेटी बनाई, जिसने जांच की. कमेटी ने पाया कि एक आत्महत्या के बाद दूसरों पर 'संक्रामक प्रभाव' (copy-cat effect) पड़ सकता है, यानी एक के बाद दूसरी आत्महत्याएं हो सकती हैं. यह बहुत दुखद स्थिति है छात्रों की मानसिक सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, खासकर ऐसे बड़े संस्थानों में जहां पढ़ाई का दबाव बहुत ज्यादा होता है. उम्मीद है कि ये कदम आगे ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेंगे. 

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