रेलवे ने किए ऐसे बदलाव कि दलालों का कट गया पत्ता, रिजर्वेशन करने से पहले आप भी कर लें ये तैयारी
भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है. 12 जनवरी 2026 से आधार-वेरिफाइड IRCTC यूजर एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन आधी रात तक ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे. यह कदम दलालों पर लगाम लगाने और वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ाने के लिए उठाया गया है. जानिए नए नियम, यात्रियों को क्या तैयारी करनी चाहिए और इससे कैसे मिलेगा फायदा.;
भारतीय रेलवे ने ई-टिकटिंग सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया है. दलालों और फर्जी यूजरों पर लगाम कसने के लिए बुकिंग टाइमिंग में ऐसा संशोधन किया गया है, जो सीधे आम यात्रियों को राहत देगा. 12 जनवरी से लागू यह व्यवस्था टिकट पाने की जंग को ज्यादा निष्पक्ष बनाने की कोशिश है. खासकर वेटिंग और सर्वर एरर से जूझने वालों के लिए यह बदलाव मायने रखता है.
अब भारतीय रेलवे ने आधार-प्रमाणित IRCTC यूजरों के लिए बुकिंग विंडो को काफी बढ़ा दिया है. एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) खुलने के दिन, आधार-वेरिफाइड यात्री अब आधी रात तक सामान्य आरक्षित टिकट बुक कर सकेंगे. पहले यह सुविधा सीमित समय तक ही थी, जिससे शुरुआती घंटों में भीड़ और तकनीकी दिक्कतें बढ़ जाती थीं. नए नियम से टिकट बुकिंग का दबाव समान रूप से बंटेगा.
पहले क्या था, अब क्या बदला
इससे पहले आधार-वेरिफाइड यूजर ARP के दिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही टिकट बुक कर पाते थे. 12 जनवरी 2026 से यह समयसीमा बढ़ाकर 11:59 PM कर दी गई है. IRCTC के मुताबिक, अब पहले दिन की बुकिंग केवल आधार-प्रमाणित यूजर ही कर सकेंगे. इससे कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ने की उम्मीद है.
पीआरएस काउंटर पर कोई असर नहीं
यह बदलाव केवल ऑनलाइन ई-टिकटिंग तक सीमित है. कंप्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों पर टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी. रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि ऑफलाइन यात्रियों के लिए नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी डिजिटल और फिजिकल दोनों चैनलों को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से ऑप्टिमाइज़ किया गया है.
कदम-दर-कदम बढ़ाई गई समयसीमा
रेलवे ने यह बदलाव एक झटके में नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से लागू किया है. पहले 15 मिनट, फिर 8 से 10 बजे, फिर 8 से 12 बजे और उसके बाद 8 से शाम 4 बजे तक का स्लॉट दिया गया. अब इसे आधी रात तक बढ़ाया गया है. यह बताता है कि रेलवे डेटा और यूजर बिहेवियर के आधार पर फैसले ले रहा है, न कि अचानक नियम बदल रहा है.
दलालों पर लगाम, असली यात्रियों को फायदा
रेलवे की मंशा साफ है—आरक्षण का लाभ वास्तविक यात्रियों तक पहुंचे. इसी रणनीति के तहत आधार सत्यापन और तकनीकी निगरानी को मजबूत किया गया है. रेलवे के मुताबिक, 5.73 करोड़ संदिग्ध और निष्क्रिय IRCTC अकाउंट्स को निष्क्रिय या अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया है. इससे फर्जी बुकिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है.
यात्रियों को क्या तैयारी करनी चाहिए?
इस बदलाव का पूरा फायदा उठाने के लिए यात्रियों को पहले से अपनी तैयारी पूरी रखनी होगी. IRCTC अकाउंट का आधार वेरिफिकेशन समय रहते करा लें. यात्रा विवरण, पसंदीदा ट्रेन और भुगतान विकल्प पहले से सेव रखें. इससे देर रात तक खुली बुकिंग विंडो में बिना हड़बड़ी टिकट बुक करना आसान होगा.
पारदर्शिता की दिशा में एक और कदम
यह नया सिस्टम रेलवे की ई-गवर्नेंस सोच को मजबूत करता है. ज्यादा समय, कम भीड़ और बेहतर मॉनिटरिंग—तीनों मिलकर बुकिंग अनुभव को बेहतर बनाएंगे. यात्रियों को सलाह है कि वे केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें. आने वाले समय में ऐसे बदलाव यात्रा योजना को और सहज बनाने की दिशा में मददगार साबित होंगे.