Srinagar में क्यों भड़की हिंसा? Khamenei की मौत से खफा लोग सड़कों पर उतरे- जमकर हुई पत्थरबाज़ी, 14 घायल

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं. श्रीनगर में प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाज़ी और सुरक्षाबलों से झड़प में 14 लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 3 March 2026 8:11 AM IST

Kashmir Protest: कश्मीर में सोमवार को एक बार फिर झड़पें शुरू हो गईं. ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की संयुक्त अमेरिका-इजराइल हमले में मौत के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच यह हिंसा भड़क गई. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इन झड़पों में कम से कम 14 लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं.

स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं. कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज अगले दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं. मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई है और कई इलाकों में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है.

क्या है पूरा मामला?

28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की इजराइल के जरिए किए गए हमलों में मौत हो गई. इस बात की जानकारी देर रात सामने आई और 1 मार्च सुबह लोग श्रीनगर के लाल चौक पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे. उसी शाम प्रशासन ने ऐलान किया कि किसी तरह का कोई प्रदर्शन नहीं होगा और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी.

प्रशासन का ये फरमान लोगों को पसंद नहीं आया और इस दौरान कई सियासी बयान भी सामने आए. कई लोगों ने बोला कि लाल चौक पर नाच गाने की इजाजत है, लेकिन एक शांति पूर्वक विरोध करनी की इजाजत नहीं है.

श्रीनगर में कैसे शुरू हुई पत्थरबाज़ी?

श्रीनगर में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे. पुलिस ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को शहर के मुख्य चौक लाल चौक की ओर मार्च करने से रोक दिया. जब सुरक्षाबलों ने रास्ता बंद किया तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां चलाकर भीड़ को तितर-बितर किया.

श्रीनगर के अलग-अलग हिस्सों में भी छोटे समूह इकट्ठा हुए थे और चार अलग स्थानों पर सुरक्षाबलों के साथ झड़पें हुई हैं. सोमवार को बड़े जमावड़े को रोकने के लिए इलाके को पूरी तरह सील कर दिया था. सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लोहे की बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए थे.

श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर क्या हुआ?

श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर शालटेंग इलाके में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया और ट्रैफिक रोकने की कोशिश की. इस दौरान कुछ निजी वाहनों को नुकसान पहुंचा. प्रदर्शनकारी खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे थे. पुलिस ने कई घंटों की मशक्कत के बाद सड़क खाली कराकर यातायात बहाल किया.

श्रीनगर में भारत-पाकिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के दफ्तर के बाहर भी बड़ी भीड़ जमा हुई. वहां अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की गई. कई सालों बाद ये पहली घटना जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज़ी की ये घटना सामने आई है.

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