लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव या राजनीतिक नौटंकी, फिर होगा विपक्ष का मिशन इम्पॉसिबल?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अपोज़ीशन अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है. प्रस्ताव आने पर इस पर हाउस में चर्चा की जाएगी और फिर इसके बाद वोटिंग होगी.;
No Confidence Motion Against OM Birla: विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के प्लान में है. इससे पहले भी कांग्रेस 2023 में ऐसा कर चुकी है, हालांकि वह इस कोशिश में कामयाब नहीं हो पाई थी. ऐसा मालूम होता है कि एक बार फिर विपक्ष अपनी मिट्टी पलीत कराने वाला है.
दरअसल, बजट सेशन की शुरुआत काफी हंगामेदार रही. राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद हुई चर्चा में कई बार बाधा आई और स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. इसके बाद से ही विपक्ष आरोप लगा रहा है कि लोकसभा स्पीकर भेदभाल करते हैं.
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का क्या है नियम?
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम 198 के तहत निर्धारित की गई है. नियम 198 के मुताबिक, लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए किसी भी मेंबर को सदन के चालू सेशन के दौरान स्पीकर को लिखित नोटिस देना होता है. इस नोटिस में यह साफ करना होना चाहिए कि मेंबर सदन में स्पीकर के प्रति अपना विश्वास खो चुका है और इस पर चर्चा चाहता है.
हालांकि, केवल नोटिस देना ही पर्याप्त नहीं होता. नियम 198 यह भी साफ करता है कि अविश्वास प्रस्ताव को सदन में स्वीकार किए जाने के लिए कम से कम 50 लोकसभा सदस्यों का समर्थन अनिवार्य है. यदि प्रस्ताव को इतना समर्थन नहीं मिलता, तो उसे आगे की प्रक्रिया के लिए स्वीकार नहीं किया जाता.
जब स्पीकर को नोटिस प्राप्त होता है और यह सुनिश्चित हो जाता है कि न्यूनतम 50 सांसद प्रस्ताव के समर्थन में हैं, तब स्पीकर यह तय करते हैं कि प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए या नहीं. प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद स्पीकर इसके लिए चर्चा की तारीख और समय निर्धारित करते हैं. चर्चा के दौरान वह स्पीकर नहीं रहता है जिसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है.
नियम 198 के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में विस्तृत बहस होती है और इसके बाद इसे वोटिंग के लिए ले लिए रखा जाता है. अगर इस प्रस्ताव को बहुमत में वोट मिलते हैं तो प्रस्ताव पास हो जाता है और स्पीकर को अपना पद छोड़ना पड़ता है.
क्या हट जाएंगे स्पीकर ओम बिरला?
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए सदन में बहुमत यानी 50% से अधिक वोट की जरूरत होती है. फिलहाल लोकसभा में कुल 543 सीटों में से बहुमत का आंकड़ा 272 है. मौजूदा कंडीशन में विपक्षी दल इंडिया गठबंधन के पास कुल 235 सांसद हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी कम हैं. वहीं बात करें एनडीए की तो उसके लोकसभा में 293 सांसद हैं. ऐसा में कांग्रेस का मिशन इम्पोसिबल होता दिख रहा है.
इन आंकड़ों से साफ होता है कि कांग्रेस के जरिए लाए जाने वाला अविश्वास प्रस्ताव एकदम विफल होने वाला है और एक बार फिर से कांग्रेस हाथ मलती हुई दिखाई देने वाली है.