चोरी या खोया हुआ मोबाइल कैसे मिल रहा वापस? मुंबई पुलिस ने 8 महीने में 70 फीसदी फोन किया रिकवर

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पुलिस ने डिजिटल सिस्टम की मदद से 2023 से अब तक 44 हजार खोए मोबाइल बरामद किए हैं. शनिवार को 939 मोबाइल उनके असली मालिकों को लौटाए गए.

मुंबई पुलिस ने 44 हजार फोन रिकवर किए(Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 5 April 2026 5:08 PM IST

Mumbai Police Recover 44,000 Lost Phones: मुंबई में मोबाइल चोरी और गुम होने की बढ़ती घटनाओं के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. पुलिस ने 2023 से अब तक 44,000 से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं. यह सफलता संचार मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म Central Equipment Identity Register (CEIR) की मदद से संभव हुई है. साइबर पुलिस के मुताबिक, 2023 से बरामद हुए कुल फोन में से करीब 70 प्रतिशत मोबाइल सिर्फ पिछले 8 महीनों में ही रिकवर किए गए हैं.

जब कोई व्यक्ति अपना मोबाइल चोरी या गुम होने की शिकायत दर्ज कराता है, तो पुलिस उस फोन का IMEI number CEIR डेटाबेस में दर्ज करती है. इसके बाद 24 घंटे के अंदर मोबाइल देशभर के सभी नेटवर्क पर ब्लॉक हो जाता है. जैसे ही चोरी किए गए फोन में नया सिम डाला जाता है, सिस्टम तुरंत अलर्ट देता है और पुलिस फोन की लोकेशन ट्रैक कर लेती है.


यूपी के कितने जिलों में गई मुंबई पुलिस?

फोन ट्रैक करना आसान रहा, लेकिन उन्हें वापस लाना चुनौतीपूर्ण रहा. मुंबई पुलिस की 19 टीमों ने उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में जाकर कार्रवाई की और 1,650 मोबाइल बरामद किए. इन मोबाइल की कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई गई है. यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस के साइबर विंग और अन्य राज्यों की पुलिस के समन्वय से किया गया.

कितने मोबाइल लौटाए गए?

शनिवार को मुंबई पुलिस ने 939 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए. कई लोगों ने बताया कि फोन से उनकी भावनात्मक यादें जुड़ी थीं. एक व्यक्ति ने कहा कि मोबाइल तो मिल गया, लेकिन उसमें मौजूद मेमोरी कार्ड नहीं मिला, जिसमें उनकी दिवंगत मां की तस्वीरें और जरूरी दस्तावेज थे.


एक्सपर्ट ने क्या कहा?

साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट Ritesh Bhatia ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार को एक केंद्रीय एजेंसी बनानी चाहिए, जो राज्यों के बीच मोबाइल रिकवरी का समन्वय करे. उन्होंने कहा कि अभी पुलिस को सैकड़ों किलोमीटर यात्रा करनी पड़ती है, जबकि केंद्रीय एजेंसी होने पर फोन सीधे संबंधित राज्य में भेजे जा सकते हैं.

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