48 घंटों में 400 से अधिक हमले, इजरायल ने सीरिया के 80 फीसदी हथियारों को किया बर्बाद
इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, "पिछले 48 घंटों के अंदर, आईडीएफ ने सीरिया में हथियारों के भंडार पर हमला किया. सीरिया में नौसेना के दो केंद्रों पर अटैक किया है. पहला अल-बायदा बंदरगाह और दूसरा लताकिया बंदरगाह. यहां पर 15 नौसैनिक जहाज, राजधानी दमिश्क और अन्य प्रमुख शहरों में विमान रोधी बैटरियां और हथियार उत्पादन स्थल शामिल थे.;
Israel-Syria News: इजरायल पिछले साल अपने दुश्मन देशों पर हमला कर रहा है. हमास, हिजबुल्लाह और ईरान के बाद अब इजरायली सेना ने सीरिया पर हमला किया है. बुधवार को इजराइली सेना ने बताया कि उसने सीरिया में रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर पिछले 48 घंटों में 400 से अधिक हमले किए हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया में बशर अल-असद सरकार के तख्तापलट के बाद इजरायल ने सीरिया पर अटैक किया. इजराइली सेना ने कहा कि उसने सीरिया में 70-80 फीसदी प्रॉपर्टी को बर्बाद कर दिया है. सेना ने एक बयान में कहा, "पिछले 48 घंटों के भीतर, आईडीएफ ने सीरिया में हथियारों के भंडार पर हमला किया, जिससे वे आतंकवादी के हाथों में पड़ने से बच गए."
सीरिया पर 400 से अधिक हमले
इजराइली सेना ने सीरिया में नौसेना के दो केंद्रों पर अटैक किया है. पहला अल-बायदा बंदरगाह और दूसरा लताकिया बंदरगाह. यहां पर 15 नौसैनिक जहाज, राजधानी दमिश्क और अन्य प्रमुख शहरों में विमान रोधी बैटरियां और हथियार उत्पादन स्थल शामिल थे. सेना ने कहा, "80-190 किलोमीटर की क्षमता रखने वाली दर्जनों मिसाइलें नष्ट कर दिया है.
हर मिसाइल में भारी मात्रा में विस्फोटक थे, जिससे क्षेत्र में नागरिक और सैन्य समुद्री जहाजों को खतरा पैदा हो गया."
हमले ये हथियार हुए नष्ट
रिपोर्ट में बताया कि इन हमलों में "स्कड मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें, सतह से समुद्र, सतह से हवा और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, यूएवी, लड़ाकू जेट, हमलावर हेलीकॉप्टर, रडार, टैंक, हैंगर आदि सहित कई हथियारों को नष्ट कर दिया गया." आपको बता दें कि 2011 में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल ने सीरिया में सैकड़ों हमले किए हैं.
सीरिया में सरकार गिरने पर नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीरिया में सरकार गिरने पर बयान दिया है. नेतन्याहू ने कहा कि बशर अल-असद का पतन मध्य पूर्व में एक ऐतिहासिक दिन है और ईरान की बुराई की धुरी में एक केंद्रीय कड़ी का पतन है. उन्होंने कहा कि ये घटनाएं ईरान और हिजबुल्लाह जो कि असद के मुख्य समर्थक हैं, पर हमारे द्वारा किए गए हमले का प्रत्यक्ष परिणाम हैं. बता दें कि इजरायल ने हाल में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडरों और फिलिस्तीनी हमास और लेबनानी हिजबुल्लाह के वरिष्ठ नेताओं की हत्या की है, दोनों ही संगठन ईरान द्वारा समर्थित हैं.