Dindori: शाम को स्कूल में इन 6 बच्चों ने किया परफॉर्म और रात में सभी की हो गई मौत, कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?

डिंडोरी में स्कूल के एनुअल डे से लौट रहे 6 मासूम बच्चों समेत 9 लोगों की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. ये हादसा रोड पर बने खुले कुएं की वजह से हुआ. खुशियों से भरी रात पलभर में मातम में बदल गई, अब इस हादसे ने सिस्टम और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

( Image Source:  X- @Omkarugale2811 )
Edited By :  समी सिद्दीकी
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Maharashtra: महाराष्ट्र के नासिक जिले के डिंडोरी में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार रात स्कूल के एनुअल डे में छह बच्चों ने डांस परफॉर्मेंस दी थी, लेकिन आधी रात तक वही छह बच्चे और उन्हें देखने आए तीन जवान अब इस दुनिया में नहीं रहे. दरअसल, कार्यक्रम से लौटते समय जिस वाहन में वे सवार थे, वह डिंडोरी में नासिक से करीब 20 किलोमीटर दूर एक कुएं में गिर गया. इस हादसे में एक ही परिवार के कुल नौ लोगों की मौत हो गई.

तीन एंबुलेंस के जरिए दुर्गाडे परिवार के शवों को डिंडोरी के इंदौर गांव लाया गया, जहां परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया. इस हादसे से चार परिवार प्रभावित हुए हैं. 14 साल के अजय दुर्गाडे, जो उस बच्ची के चचेरे भाई हैं जिसने डांस में हिस्सा लिया था, गहरे सदमे में हैं.

क्या बोले अजय?

उन्होंने बताया कि बच्चों ने 'लई भारी' फिल्म के लोकप्रिय गाने "माउली माउली" और सेना से जुड़े अन्य गानों पर परफोर्मेंस दिया था. अजय ने कहा, "हम सभी डांस के बाद साथ बैठे थे. हम बहुत खुश थे और सुनील की बेटी राखी को क्लास में टॉप करने पर सम्मानित किया गया था." अजय ने बताया वे सभी लोग प्रोग्राम से जल्दी निकल गए और मैंने बस उसी वक्त आखिरी बार उन्हें देखा.

हरे-भरे खेतों से घिरे इंदौर गांव में दुर्गाडे परिवार के ज्यादातर सदस्य किसान हैं. उन्होंने अपने सभी बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा दिलाने की कोशिश की थी और उनकी पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन पर गर्व करते थे. एक अन्य रिश्तेदार सचिन दुर्गाडे ने कहा, "जब अंतिम संस्कार हो जाएगा और परिवार इस सदमे से थोड़ा उबर जाएगा, तो हम पुलिस से जवाब मांगेंगे कि उन्होंने क्या किया. हम प्रशासन से भी सवाल करेंगे कि पहले शिकायतों के बावजूद इस कुएं को भरने में इतनी देरी क्यों हुई."

हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं

राखी (गुनवती)- सुनील और रेशमा की बेटी थी और जनता इंग्लिश स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा थी. उसने अपनी कक्षा में टॉप किया था और एनुअल डे में सम्मानित की जा रही थी.

  • श्रद्धा- अनिल और आशा की बेटी, कक्षा 7 में पढ़ती थी और एक अच्छी डांसर थी. उसने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था.
  • श्रावणी- अनिल दुर्गाडे की बेटी, कक्षा 5 की छात्रा थी और डांस परफॉर्मेंस का हिस्सा थी.
  • सुनील और रेशमा- सुनील किसान थे और बच्चों को कार्यक्रम में ले जाने के लिए गाड़ी चला रहे थे. इस हादसे में उनका पूरा परिवार खत्म हो गया.
  • आशा- अनिल दुर्गाडे की पत्नी, जो बच्चों के साथ कार्यक्रम में गई थीं.
  • श्रिष्टि- कक्षा 8 की छात्रा, जिसने कार्यक्रम में डांस किया था.
  • समृद्धि- सबसे छोटी बच्ची, जो नासिक शहर में कक्षा 1 में पढ़ती थी.
  • श्रेयस- कक्षा 5 का छात्र, जिसे क्रिकेट का शौक था.

कैसे हुआ हादसा?

यह हादसा एक ऐसे कुएं की वजह से हुआ, जिसे पहले से ही खतरनाक माना जा रहा था. करीब 40 फीट गहरा यह कुआं कंक्रीट रोड के आखिर में स्थित था और खुला पड़ा था, जिसकी चारदीवारी भी बहुत कम ऊंची थी. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह कुआं कई दशकों से वहां मौजूद है, लेकिन उसके आसपास का इलाका पूरी तरह बदल गया है. पहले यह जमीन खेती के लिए इस्तेमाल होती थी, जहां कुएं होना सामान्य बात थी, लेकिन बाद में इसे नॉन-एग्रीकल्चरल जमीन में बदल दिया गया और वहां घर और बंगले बनने लगे.

स्थानीय निवासी संदीप बोरास्टे ने बताया कि पहले यहां ज्यादा आवाजाही नहीं होती थी, क्योंकि सड़क नहीं बनी थी और लोग जानते थे कि वहां कुआं है. उस समय यह ढका हुआ था और इसकी चारदीवारी भी ऊंची थी. करीब चार-पांच साल पहले जब इलाके में सुविधाएं बढ़ीं और ‘राजे बैंक्वेट हॉल’ जैसे स्थान बने, तो वहां तक पहुंचने के लिए एक कंक्रीट सड़क बनाई गई, जिससे वाहनों की आवाजाही बढ़ गई. इसी हॉल से लौटते समय यह हादसा हुआ.

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