अजित पवार ही नहीं, विमान हादसों में देश ने इन नेताओं को भी खोया
भारतीय राजनीति में कई ऐसे मौके आए हैं, जब सत्ता, संघर्ष और जिम्मेदारियों से भरी उड़ानें अचानक मौत के अंधेरे में समा गईं. कभी चुनाव प्रचार, कभी रणनीतिक बैठकों और कभी ऐतिहासिक मिशनों के दौरान विमान या हेलिकॉप्टर हादसों ने देश से ऐसे नेताओं को छीन लिया, जिनका असर संसद से लेकर सड़क तक दिखता था. ये हादसे सिर्फ दुर्घटनाएं नहीं थे, बल्कि ऐसे झटके थे जिन्होंने देश की राजनीति की दिशा तक बदल दी.;
भारत में विमानन हादसों ने सिर्फ जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि देश की राजनीति का संतुलन भी बदल दिया. इन हादसों में अब तक कई प्रमुख राजनीतिक नेता विमान या हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं में जान गंवा चुके हैं. इनमें आजादी के नायक सुभाष चंद्र बोस से लेकर इंदिरा गांधी युग के ताकतवर नेता संजय गांधी, कांग्रेस के दिग्गज मधवराव सिंधिया, लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू जैसे नाम शामिल हैं. इन हादसों के पीछे कभी खराब मौसम, कभी तकनीकी खामी तो कभी मानवीय चूक बताई गई. हर घटना के बाद देश में शोक की लहर दौड़ी और सुरक्षा मानकों पर बहस छिड़ी. जैसे आज भी हर बड़े वीवीआईपी मूवमेंट पर होती है. जानिए, अब तक देश कि किन-किन बड़े नेताओं की हवाई उड़ान के दौरान हादसे की वजह से मौतें हुई.
विमान और हेलिकॉप्टर हादसों का इतिहास
नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1940
23 अगस्त 1945 को आजादी की लड़ाई के सबसे बड़े नायकों में से एक नेताजी सुभाष चंद्र बोस ताइवान (तत्कालीन ताइहोकू) में हुए एक विमान हादसे में कथित तौर पर मारे गए. जापानी सैन्य विमान के क्रैश होने के बाद नेताजी की मौत की खबर आई. हालांकि, इसे लेकर दशकों तक विवाद बना रहा. जांच आयोग और साजिश के आरोप चलते रहे. यह भारत के इतिहास का सबसे रहस्यमयी विमान हादसा माना जाता है.
संजय गांधी 1980
23 जून 1980 को संजय गांधी, कांग्रेस के उभरते नेता और इंदिरा गांधी के पुत्र, दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास एक छोटे विमान के क्रैश में मारे गए. वे खुद विमान उड़ा रहे थे. इस हादसे ने न सिर्फ गांधी परिवार बल्कि पूरे देश की राजनीति को झकझोर दिया और इसके बाद राजीव गांधी की राजनीति में एंट्री का रास्ता खुला.
माधवराव सिंधिया 2001
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मध्वराव सिंधिया 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास एक निजी विमान दुर्घटना में मारे गए थे. वे कानपुर के एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए जा रहे थे जब उनका चार्टर्ड विमान क्रैश हो गया और उसके सभी सवारों की मौत हो गई.
जी. एम. सी. बालयोगी 2002
पूर्व लोकसभा के अध्यक्ष और तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी. एम. सी. बालयोगी 3 मार्च 2002 को आंध्र प्रदेश के कायकलुर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए. हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आई और यह जमीन पर गिर गया, जिसमें वे और साथ में अन्य भी मारे गए.
ओपी जिंदल 2005
प्रसिद्ध उद्योगपति-राजनेता और हरियाणा के हिसार से विधायक ओपी जिंदल की 31 मार्च 2005 को हेलिकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी. वे हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रचार के सिलसिले में चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे, तभी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पास उनका निजी हेलिकॉप्टर खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में ओपी जिंदल समेत हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जिंदल समूह के संस्थापक ओपी जिंदल उद्योग और राजनीति में एक प्रभावशाली नाम थे, और उनकी अचानक मौत को उस दौर की राजनीति में एक बड़ा झटका माना गया.
वाई. एस. राजशेखरा रेड्डी 2009
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखरा रेड्डी (YSR) 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर में उड़ान भरते हुए मौसम खराब होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे. इस हादसे में उनका निधन हो गया था. उनका शव एक दिन बाद दुर्घटनास्थल पर मिला और सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई.
2011 डोरजी खांडू
30 अप्रैल 2011 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री डोरजी खांडू का हेलिकॉप्टर तवांग से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया. कई दिनों की खोज के बाद उनका हेलिकॉप्टर क्रैश मिला और सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई. यह स्वतंत्र भारत में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी विमानन त्रासदी मानी जाती है.
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विजय रुपाणी 2025
गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी का भी प्लेन क्रैश में निधन हुआ था. एअर इंडिया की लंदन-बाउंड फ्लाइट AI-171 का क्रैश 12 जून 2025 को हुआ था, जब यह अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. हादसे में विमान में सवार अधिकांश यात्रियों की मौत हो गई थी.
अजित पवार 2026
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय राजनीति के प्रभावशाली नेता अजित पवार 28 जनवरी 2026 को बारामती, पुणे के पास एक चार्टर्ड विमान की लैंडिंग के दौरान दुर्घटना में मारे गए. उनके साथ विमान में सवार अन्य लोगों की भी मौत हुई. यह हादसा भारतीय राजनीति के लिए एक नया दुखद अध्याय जोड़ता है.
विमान हादसे सिर्फ दुर्घटना नहीं, सत्ता परिवर्तन की वजह भी
विमान और हेलिकॉप्टर हादसे केवल दुर्घटनाएं नहीं रहे. इन नेताओं की मौत ने देशों की राजनीति की दिशा भी बदली. निधन के बाद सत्ता संतुलन बदला और कई बार इतिहास की धारा मोड़ दी. भारत ही नहीं, दुनिया भर में ऐसे हादसे आज भी सबसे संवेदनशील और विवादित घटनाओं में गिने जाते हैं.