ममता बनर्जी के खिलाफ HC पहुंची ED, क्या I-PAC दफ्तर में छापेमारी के दौरान फाइलें चुरा ले गईं CM? पढ़ें Top Updates
कोलकाता में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया. चुनावी रणनीतिकार संगठन I-PAC से जुड़े ठिकानों पर रेड के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद मौके पर पहुंचना और गुस्से में फाइलें हाथ में लेकर बाहर निकलना, सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया.;
कोलकाता में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया. चुनावी रणनीतिकार संगठन I-PAC से जुड़े ठिकानों पर रेड के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुद मौके पर पहुंचना और गुस्से में फाइलें हाथ में लेकर बाहर निकलना, सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया.
चुनावी माहौल की ओर बढ़ रहे बंगाल में इस घटनाक्रम ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव को और तेज कर दिया है. ममता बनर्जी ने ED की कार्रवाई को सीधे तौर पर राजनीतिक बदले की भावना करार दिया और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
I-PAC से जुड़े ठिकानों पर ED की एकसाथ रेड
ED की टीम ने गुरुवार को एक साथ दो जगहों पर छापेमारी शुरू की. I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन का कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और सॉल्ट लेक में I-PAC का दफ्तर. I-PAC लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के साथ काम करता रहा है और 2019 लोकसभा व 2021 विधानसभा चुनावों में पार्टी की रणनीति तैयार करने में इसकी अहम भूमिका रही थी. पहले इस संगठन का नेतृत्व प्रशांत किशोर करते थे, बाद में जिम्मेदारी प्रतीक जैन को सौंपी गई.
ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना
रेड की खबर मिलते ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल मौके पर पहुंचे. उनके कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के आवास पर पहुंच गईं. करीब कुछ मिनटों के भीतर ममता गुस्से में बाहर निकलीं, उनके हाथ में एक हरी फाइल थी. मीडिया से बातचीत में उन्होंने ED की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा.
सॉल्ट लेक ऑफिस तक पहुंचीं सीएम
लाउडन स्ट्रीट से निकलने के बाद ममता बनर्जी सीधे सॉल्ट लेक स्थित I-PAC ऑफिस पहुंचीं, जहां ED की दूसरी टीम तलाशी ले रही थी. वह पिछले दरवाजे से अंदर गईं और करीब 15–20 मिनट बाद बाहर आईं. इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी कई फाइलें लेकर बाहर निकलते दिखे, जिन्हें कार की पिछली सीट और डिक्की में रखा गया.
मनी लॉन्ड्रिंग जांच और कोयला घोटाले का कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक ED की जांच मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है. आरोप है कि कथित बंगाल कोयला घोटाले से जुड़े पैसे गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान TMC के लिए काम करने के बदले I-PAC को दिए गए थे. हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
फाइलों को लेकर बढ़ा विवाद
सबसे बड़ा सवाल उन फाइलों को लेकर खड़ा हो गया है, जिन्हें ममता बनर्जी अपने साथ बाहर ले जाती दिखीं. कुछ फाइलों पर फरवरी 2022 लिखा नजर आया, जबकि कुछ दस्तावेजों में तृणमूल नेताओं की यात्राओं से जुड़ी जानकारी होने की बात सामने आ रही है. एक कागज में महुआ मोइत्रा का नाम और यात्रा की तारीख दर्ज होने की भी चर्चा है. यह साफ नहीं है कि ये दस्तावेज ED की जब्ती का हिस्सा थे या छापेमारी के दौरान बाहर ले जाए गए.
ED ने हाईकोर्ट का रुख किया
ED ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने और I-PAC दफ्तर में तलाशी के दौरान जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है. इसी को लेकर ED कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गई है. इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है.
TMC का ED के खिलाफ प्रदर्शन
I-PAC ऑफिस पर ED की रेड के खिलाफ अब TMC नेता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. TMC नेता ईडी की इस कार्रवाई से नाखुश हैं और इसको केंद्र सरकार की साजिश बता रहे हैं. जिसको लेकर वे सीबीआई और ईडी के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं.
महुआ मोइत्रा का तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने भी केंद्र सरकार और ED पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा “बीजेपी की ऑफिशियल डराओ-धमकाओ विंग, ED 2026 बंगाल के लिए आखिरी कोशिश में @AITCofficial के स्ट्रेटेजी डॉक्यूमेंट्स, उम्मीदवारों की लिस्ट वगैरह तक गैर-कानूनी तरीके से पहुंचने के लिए कंसल्टेंट्स पर रेड कर रही है. हम आपसे लड़ेंगे और जीतेंगे @AmitShah आपको इसका पछतावा होगा.”