LPG के लिए हो रहे परेशान! घर में ऐसे लें PNG कनेक्शन, प्रोसेस से लेकर खर्च तक, FAQ में सब जानें

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच रसोई गैस की सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में कई उपभोक्ता एलपीजी के विकल्प के तौर पर पीएनजी कनेक्शन लेने के बारे में सोच रहे हैं. अगर आप भी पीएनजी कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो इसकी आवेदन प्रक्रिया और जरूरी शर्तों को समझना जरूरी है.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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LPG and PNG Connection: मिडिल ईस्ट में ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति के रास्तों पर असर पड़ रहा है और इसका प्रभाव भारत की रसोई गैस व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है. कई घरों में गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है और एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) या एलपीजी (LPG) में से कौन ज्यादा भरोसेमंद विकल्प है. देखा जाए तो इस वॉर की वजह से पीएनजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा है, हालांकि एलपीजी सिलेंडर्स की किल्लत होने लगी है.

भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इनकी ज्यादातर खेपें Strait of Hormuz से होकर गुजरती हैं. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा रास्तों में से एक है, लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण इस पर असर पड़ रहा है.

एलपीजी और पीएनजी में क्या अंतर है?

एलपीजी और पीएनजी के बीच सबसे बड़ा अंतर इनके सप्लाई सिस्टम में है. एलपीजी सिलेंडर में भरकर घरों तक पहुंचाई जाती है. इसके लिए बॉटलिंग प्लांट, ट्रांसपोर्ट ट्रक और स्थानीय डीलरों का नेटवर्क काम करता है. उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने पर नया सिलेंडर बुक करना पड़ता है और डिलीवरी का इंतजार करना होता है.

दूसरी तरफ पीएनजी भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है. गैस उत्पादन केंद्रों या आयात टर्मिनलों से राष्ट्रीय गैस ग्रिड और सिटी गैस वितरण सिस्टम के जरिए यह सीधे घरों के मीटर तक पहुंचती है. इस व्यवस्था में सिलेंडर बुक कराने या डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत नहीं होती. उपभोक्ता बिजली या पानी के बिल की तरह मीटर के आधार पर इस्तेमाल के अनुसार भुगतान करते हैं.

वॉर की वजह से लोगों के मन में सवाल है कि आखिर वह पीएनजी कनेक्शन कैसे ले सकते हैं? वैसे से तो कई कंपनियां पीएनजी कनेक्शन मुहैया कराती हैं.लेकिन, इनमें सबसे ज्यादा खपत होने वाली आईजीएल के बारे में डिटेल देने वाले हैं, तो आइये जानते हैं.

प्रश्न: पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कैसे करें?

उत्तर: नया कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ता webonline.igl.co.in वेबसाइट पर जाकर कस्टमर जोन में PNG Domestic Customer विकल्प चुनें और Apply for New Connection Online पर क्लिक करें.

प्रश्न: आवेदन करते समय आवास के प्रकार में क्या चुनना होता है?

उत्तर: आवेदन प्रक्रिया में आवास के प्रकार में Private Property का विकल्प चुनना होता है. वेबसाइट पर एक पॉप-अप बॉक्स भी आता है, जिसमें चाहें तो उपभोक्ता अपनी बुनियादी जानकारी भरकर कंपनी की टीम से कॉल बैक ले सकता है.

प्रश्न: आवेदन फॉर्म में कौन-कौन सी जानकारी भरनी होती है?

उत्तर: फॉर्म में यूजरनेम, नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और घर का पता जैसी जानकारी भरनी होती है. कस्टमर टाइप में SD यानी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि पहले से जमा करने वाला विकल्प चुनना होता है. शर्तों को स्वीकार करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करना होता है.

प्रश्न: आवेदन के बाद अगला कदम क्या होता है?

उत्तर: आवेदन करने के बाद ईमेल पर एक वेरिफिकेशन लिंक भेजा जाता है. इस लिंक पर क्लिक करने के बाद उपभोक्ता वेबसाइट पर लॉगिन कर सकता हैय

प्रश्न: क्या कंपनी की टीम घर पर जांच करने आती है?

उत्तर: हां, इसके बाद कंपनी का तकनीशियन घर पर आकर यह जांच करता है कि वहां पीएनजी कनेक्शन देना संभव है या नहीं. इस प्रक्रिया में नगर निकाय से जरूरी अनुमति भी ली जाती है.

प्रश्न: पीएनजी कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया क्या होती है?

उत्तर: तकनीकी टीम घर में वर्टिकल पाइपिंग यानी एमडीपीई पाइप और गैस मीटर लगाती है. इंस्टॉलेशन के बाद गैस लीकेज और अन्य तकनीकी जांच की जाती है. इसके साथ ही रसोई के स्टोव का कनेक्शन एलपीजी से पीएनजी में बदल दिया जाता है.

प्रश्न: पीएनजी कनेक्शन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज देने होते हैं?

उत्तर: उपभोक्ता को बिजली बिल की कॉपी, हाउस टैक्स की रसीद या सेल्स डीड के पहले पांच पन्नों की कॉपी जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं.

प्रश्न: पीएनजी कनेक्शन के लिए कितनी फीस देनी होती है?

उत्तर: कनेक्शन के लिए 6000 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में और 1000 रुपये गैस खपत के लिए जमा करने होते हैं. यह भुगतान चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से Indraprastha Gas Limited के नाम पर किया जाता है.

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