'नॉर्थ इंडियन टेबल साफ करने आते हैं', DMK नेता पन्नीरसेल्वम का भड़काऊ बयान, चुनाव से पहले ध्यान भटकाने की राजनीति तो नहीं! ​

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर नॉर्थ बनाम साउथ की बहस तेज हो गई है. डीएमके नेता पन्नीरसेल्वम का बयान कि नॉर्थ इंडियन यहां टेबल साफ करने आते है, ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है.;

( Image Source:  dmk leader panneerselvam facebook )
By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 5 Feb 2026 1:08 PM IST

भारत की विविधता को अक्सर “एक थाली में इडली, डोसा और दाल-रोटी” से जोड़ा जाता है, लेकिन चुनावी मौसम आते ही यही थाली सियासत का अखाड़ा बन जाती है. तमिलनाडु में डीएमके नेता पन्नीरसेल्वम के एक कथित बयान ने उसी पुराने जख्म को फिर कुरेद दिया है, जिसमें उत्तर और दक्षिण भारत को आमने-सामने खड़ा किया जाता है.

डीएमके नेता पन्नीरसेल्वम ने कहा, 'नॉर्थ इंडियन यहां टेबल साफ करने आते हैं” जैसे शब्दों ने न सिर्फ राजनीतिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मेहनत और श्रम की गरिमा पर भी बहस छेड़ दी है.

विपक्ष इसे भड़काऊ और अपमानजनक बयान बता रहा है, वहीं समर्थक इसे संदर्भ से जोड़कर देखने की बात कह रहे हैं. ऐसे में सवाल यह है, क्या यह सिर्फ एक बयान है, या फिर आने वाले दिनों में नॉर्थ–साउथ राजनीति की नई स्क्रिप्ट?

ये बयान किस तरह का है?

तमिलनाडु के डीएमके नेता और कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने विवादित बयान दिया है कि नॉर्थ इंडियन यहां टेबल साफ करने के लिए आते है. उनका यह बयान नॉथ-साउथ डिवाइड ​को डिवाइड करने वाला है. साथ ही नॉर्थ इंडियंस को नीचा दिखाने वाला स्टीरियोटाइप तस्वीर पेश करता है. बता दें कि DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के नेताओं पर आरोप लगता रहा है कि वह हिंदी/उत्तर भारत विरोधी राजनीति करती है.

हकीकत क्या है?

तमिलनाडु में नॉर्थ इंडियंस हर तरह के काम करते हैं. जैसे IT, मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल, होटल, स्टार्टअप व अन्य. जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु मिनी इंडिया हैं, वैसे ही चेन्नई भी एक कॉस्मोपॉलिटन शहर है. टेबल साफ करने जैसी भाषा श्रम की गरिमा के भी खिलाफ है. भारत में तो सफाई को भी कर्मयोग कहा गया है.

DMK की असल राजनीति

DMK की लड़ाई हिंदी थोपे जाने और संघीय ढांचे को लेकर रही है, लेकिन विरोध, नफरत नहीं, पार्टी के मंच से कई बार भाषा को पहचान से जोड़ने वाली तीखी बातें आई हैं, जिन्हें विपक्ष बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है.

साउथ में क्यों उछलता है ऐसा बयान?

इस तरह के बयान डीएमके नेता चुनाव नजदीक देने पर आते हैं. इस तरह के बयान अमूमन जनता का यान महंगाई बेरोजगारी, किसान या शिक्षा से हटाने के लिए दिए जाते हैं.

 मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम का बयान क्या है?

तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने नॉर्थ इंडियंस को लेकर बयान दिया है कि उत्तर के लोग सिर्फ हिंदी जानते हैं, इसलिए उन्हें अच्छी नौकरियां नहीं मिलतीं और वे तमिलनाडु आकर टेबल साफ करने, मजदूरी करने या पानी पूरी बेचने जैसे काम करते हैं. वहीं, तमिलनाडु की दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) की वजह से यहां के बच्चे अमेरिका, लंदन जैसी जगहों पर करोड़ों कमा रहे हैं.

एमआरके पन्नीरसेल्वमपयह का यह बयान दो-भाषा बनाम त्रिभाषा की पुरानी बहस को फिर से भड़का रहा है. उनका यह बयान तब सामने आया है जब विधानसभा चुनाव बस कुछ हफ्तों दूर है.

Similar News