असम से लेकर केरल तक कांग्रेस में जूतम-पैजार! भूपेन बोरा की कभी ना कभी हां, अय्यर ने खेड़ा को कहा -'तोता'
असम से केरल तक कांग्रेस में अंदरूनी कलह, भूपेन कुमार बोराह का इस्तीफा और मणि शंकर अय्यर के विवादित बयान पार्टी की चुनावी तैयारी और नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं.;
Congress internal crisis in
देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी, कांग्रेस, अब चार चुनावी राज्यों में अंदरूनी कलह के कारण सुर्खियों में है. तमिलनाडु में सत्ता साझेदारी को लेकर तनाव, तो वहीं असम में वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोरा का इस्तीफा (जिसे बाद में पार्टी ने वापस लेने का दावा किया) और केरल में मणि शंकर अय्यर के विवादित बयान. यह सभी संकेत दे रहे हैं कि पार्टी फिलहाल एक 'विभाजित घर' जैसी स्थिति में है.
इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा कि 'वफादार जो पूरी जिंदगी कांग्रेस में बिताई, अब राहुल गांधी के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं! जब आपके अपने नेता आपकी नेतृत्व क्षमता में विश्वास नहीं रखते, तो पार्टी की स्थिति का अनुमान लगाइए. मणि शंकर अय्यर- 'मैं राजीवियन हूं, राहुलियन नहीं'. कांग्रेस बनाम राहुल गांधी! कांग्रेस राहुल गांधी को खारिज करती है!
क्या है केरल में मणि शंकर अय्यर का विवाद?
केरल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर ने कहा कि पिनारयी विजयन तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे और उन्होंने LDF की पंचायत राज प्रणाली की भी सराहना की. कांग्रेस ने तुरंत स्पष्ट किया कि अय्यर के बयान उनके व्यक्तिगत विचार हैं और पार्टी की आधिकारिक राय नहीं. अय्यर ने कहा कि 'तो मुख्यमंत्री की उपस्थिति में, जो मुझे यकीन है कि अगले मुख्यमंत्री होंगे, मैं केरल को देश का सबसे बेहतरीन पंचायत राज राज्य बनाने का आग्रह दोहराता हूं.'
मणि शंकर अय्यर ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि आप पवन खेड़ा को एक संदेश दें. उन्होंने दिल्ली में एमए बेबी के साथ गठबंधन किया और यहां पिनरई विजयन के साथ मेरे गठबंधन पर वे असहज नजर आते हैं. ये किस तरह के कांग्रेसी हैं? सबसे बड़ी बात यह कि पवन खेड़ा को पार्टी प्रवक्ता बनाकर कांग्रेस ने कितनी बड़ी भूल की है. कांग्रेस में लाखों लोग हैं जो उनसे बेहतर प्रवक्ता हो सकते थे. वे केवल जयराम रमेश की बात दोहराते हैं; प्रवक्ता नहीं, तोता हैं.'
पार्टी के बड़े नेताओं का रिएक्शन?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि 'मणि शंकर अय्यर पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस से जुड़े नहीं हैं. वह केवल व्यक्तिगत रूप से बोलते और लिखते हैं.' वहीं जयराम रमेश ने कहा कि केरल में कांग्रेस-नेतृत UDF फिर से सत्ता में आएगी और लेफ्ट फ्रंट को हटाएगी. अय्यर ने अपने जवाब में कहा कि 'मैं चाहता हूं कि कांग्रेस जीते, लेकिन मुझे विश्वास नहीं है. कांग्रेस नेता एक-दूसरे से ज्यादा कम्युनिस्टों से नफरत करते हैं.' उन्होंने शशी थरूर पर भी तंज कसा कि वरिष्ठ नेता विदेश मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं.
असम में भूपेन कुमार बोरा ने क्यों दिया इस्तीफा?
असम में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा जब पूर्व राज्य अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने सोमवार सुबह इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की 'हाईहैंडेडनेस' को इसका कारण बताया. यह इस्तीफा प्रियंका गांधी के असम दौरे से कुछ ही दिन पहले आया. बोराह ने कहा कि 'मैंने कांग्रेस हाई कमांड को सुबह 8 बजे इस्तीफा भेजा और विस्तार से बताया कि मुझे यह कदम क्यों उठाना पड़ा. यह व्यक्तिगत निर्णय नहीं है. मैंने 1994 से पार्टी में 32 साल दिए हैं. यह केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पार्टी के भविष्य की चिंता से प्रेरित है.'
इस्तीफा वापस लेने का दावा
दोपहर तक, असम कांग्रेस ने दावा किया कि बोराह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. इस घटनाक्रम ने राज्य में कांग्रेस की अंदरूनी असहमति और नेतृत्व संकट को उजागर कर दिया.
चुनावी राज्यों में कांग्रेस की क्या स्थिति?
- तमिलनाडु: सत्ता साझेदारी को लेकर DMK के साथ विवाद.
- केरल: वरिष्ठ नेता अय्यर के बयान ने पार्टी को विवाद में डाल दिया.
- असम: भूपेन कुमार बोराह का इस्तीफा और नेतृत्व संकट.
- बंगाल: स्थानीय नेताओं के बीच टकराव और संगठनात्मक असहमति.
इन घटनाओं से पार्टी की चुनावी तैयारियों और गठबंधन रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं.