Aaj ki Taaza Khabar: भारत के दौरे पर पहुंचे पुतिन, पीएम मोदी ने गले लगाकर किया WelCome- पढ़ें 4 दिसंबर की बड़ी खबरें
Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. गुरुवार 4 दिसंबर 2025 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्या-क्या खास रहा, साथ ही हर बड़ी खबर को जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.
पश्चिम बंगाल में 40 BLO की मौत के आरोप पर BJP MP का हमला - “ममता बनर्जी डर में झूठ फैला रही हैं”
पश्चिम बंगाल में 40 BLO के कथित तौर पर मौत के दावों पर BJP सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा, "ये बेबुनियाद आरोप डर की वजह से लगाए जा रहे हैं. हम ममता बनर्जी से आग्रह करते हैं कि वह सतर्क रहें और SIR प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग करें… ममता बनर्जी की विचारधारा तुष्टीकरण की है…".
पुतिन के भारत दौरे पर मोदी का ट्वीट, कहा– भारत-रूस दोस्ती समय की कसौटी पर खरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, “मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है. आज शाम और कल होने वाली हमारी बातचीत को लेकर उत्साहित हूं. भारत-रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है और इससे हमारे लोगों को बहुत लाभ मिला है.”
चार साल बाद भारत की धरती पर पुतिन ने रखा कदम, पीएम मोदी ने किया स्वागत
चार साल बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. यह हाई-प्रोफाइल यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने वाली मानी जा रही है. पुतिन के आगमन के साथ ही वार्ता, व्यापार और सहयोग समझौतों पर बड़े ऐलान की उम्मीद जताई जा रही है. एक ही गाड़ी में दोनों दोस्त निकले.
पुतिन की भारत यात्रा से क्या होंगे बड़े नतीजे? व्यापार, रोजगार और कनेक्टिविटी में मिलेगी नई रफ्तार- सरकारी सूत्र
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से बड़ी आर्थिक प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा भारत-रूस आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. पुतिन के साथ एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिससे उम्मीद है कि भारत रूस के साथ ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) को सुधार सकेगा.
भारत और रूस के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए कई नए विकल्प तलाशे जा रहे हैं. खासकर फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और समुद्री उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने की योजना है. इससे भारतीय उद्योगों और उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों को भी लाभ होगा. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कई अहम समझौतों और MoUs पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, शिपिंग, हेल्थकेयर, फर्टिलाइज़र, कनेक्टिविटी. इसके अलावा दोनों देशों के बीच पीपुल-टू-पीपुल रिलेशन, मोबिलिटी पार्टनरशिप, संस्कृति और साइंटिफिक सहयोग को भी और मजबूत करने पर जोर रहेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से दोनों देशों की ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी और मजबूत होगी
दिल्ली में आयोजित भारत-रूस सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर 22वीं अंतर-सरकारी आयोग बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “हम पिछले महीने मॉस्को में भारत-रूस व्यापार एवं आर्थिक सहयोग पर कार्य समूह की 26वीं बैठक के सफल आयोजन का स्वागत करते हैं. साथ ही रूस-नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए शुरू हुई वार्ताओं का भी स्वागत करते हैं. हम रूसी संघ के राष्ट्रपति माननीय व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, जो आज 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के रूप में पूरा हुआ है. मेरा विश्वास है कि यह नेतृत्व शिखर बैठक हमारे दोनों देशों के बीच की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी को और ज्यादा मजबूत करेगी.”
राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार का जवाब: विदेशी नेताओं से मिलने की परंपरा नहीं टूटी, देखें किस-किस ने की मुलाकात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के इस आरोप पर कि सरकार विदेशी प्रतिनिधियों को LoP से मिलने की परंपरा का पालन नहीं कर रही, सरकारी सूत्रों ने स्पष्टीकरण दिया है. सूत्रों के अनुसार, “किसी भी दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय (MEA) आने वाले विदेशी नेताओं की मुलाकात सरकारी अधिकारियों और सरकारी संस्थाओं से करवाता है. सरकार के बाहर होने वाली मुलाकातें संबंधित विदेशी प्रतिनिधिमंडल स्वयं तय करता है." सूत्रों ने बताया कि 9 जून 2024 के बाद से कई शीर्ष विदेशी नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है, जिनमें शामिल हैं-
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना – 10 जून 2024
वियतनाम के प्रधानमंत्री फ़ाम मिन्ह चिन्ह – 1 अगस्त 2024
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम – 21 अगस्त 2024
मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगूलाम – 16 सितंबर 2025
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन – 8 मार्च 2025
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह साबित करता है कि परंपरा जारी है और विपक्ष के साथ मुलाकातें विदेशी प्रतिनिधिमंडल की इच्छा के अनुसार होती रहती हैं.
मुंबई में हंगामा: कक्षा में बुर्का बैन के खिलाफ विवेक विद्यालय के छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन
मुंबई के विवेक विद्यालय और जूनियर कॉलेज में कक्षाओं के अंदर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में छात्रों ने आज विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों का कहना है कि यह फैसला उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और अधिकारों का उल्लंघन है. संस्था प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विरोध के कारण परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.
“कूटनीतिक परंपराएं भी बदली जा रही हैं” - राहुल के आरोपों पर बोलीं डिंपल यादव, BJP पर साधा निशाना
दिल्ली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस आरोप के बाद कि विपक्ष को विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने नहीं दिया जा रहा, समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र पर परंपराएं तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले जब भी कोई विदेशी नेता या राजनयिक भारत आता था, तो वह सरकार और विपक्ष दोनों से मिलता था, लेकिन अब BJP इन स्थापित लोकतांत्रिक और कूटनीतिक परंपराओं को बदल रही है.
विधानसभा में पहली बार बोलीं मैथिली ठाकुर - तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी खली
पटना में विधानसभा सत्र के दौरान MLA मैथिली ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पहली बार सदन की चर्चा को अनुभव किया और यह देखा कि किस तरह सदस्य अपनी बात रखते हैं. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी महसूस हुई और अगर वे मौजूद होते तो विपक्ष और प्रभावी तरीके से अपनी बात रख सकता था. ठाकुर ने यह भी कहा कि आज की बहस कुल मिलाकर सकारात्मक रही और सम्राट चौधरी ने सदन में अवैध कब्जा, शराब माफिया और बालू माफिया पर की जा रही कार्रवाई को विस्तार से समझाया.
केंद्र के आदेश के बाद बड़ा बदलाव: हरियाणा के ‘राज भवन’ का नाम अब ‘लोक भवन’
केंद्र सरकार के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ स्थित ‘राज भवन’ का नाम बदलकर ‘लोक भवन’ कर दिया. सरकार का कहना है कि यह कदम शासन को जनता के और करीब लाने की दिशा में उठाया गया है. वहीं विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ऐतिहासिक और संवैधानिक संस्थानों के मूल स्वरूप को बदलकर राजनीतिक उद्देश्य साध रही है. नाम परिवर्तन को लेकर राज्य की राजनीति में तेज बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में विवाद बढ़ने की संभावना है.