कौन थे नेपाल के दिग्गज एक्टर Sunil Thapa? द फैमिली मैन 3 और मैरी कॉम फिल्म आए थे नजर
नेपाल के मशहूर एक्टर सुनील थापा का 7 फरवरी 2026 को काठमांडू में निधन हो गया. 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले थापा नेपाली सिनेमा का एक बड़ा नाम थे.;
नेपाल के मशहूर और दिग्गज एक्टर सुनील थापा का रविवार, 7 फरवरी 2026 को 68 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने काठमांडू के थापाथली इलाके में स्थित नॉर्विक अस्पताल में आखिरी सांस ली. डॉक्टरों को लगता है कि उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई. अस्पताल में सुबह करीब 7:44 बजे उनका ईसीजी (ECG) किया गया, जिसमें मौत की पुष्टि हुई. उनके परिवार ने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं, और बाद में एक मेडिकल बुलेटिन जारी होने की उम्मीद है. सुनील थापा नेपाल में रहते थे, जबकि उनके परिवार के कुछ सदस्य मुंबई में रहते हैं. अभी उनके अंतिम संस्कार और अन्य जानकारी का इंतजार है.
सुनील थापा नेपाल के डांग जिले में 19 मई 1960 को पैदा हुए थे. वे नेपाली फिल्म इंडस्ट्री के बहुत बड़े नाम थे और लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे. एक्टिंग शुरू करने से पहले वे एक अच्छे मॉडल थे. मुंबई में उन्होंने पेशेवर फुटबॉल भी खेला था और कई फुटबॉल क्लबों के लिए खेले. युवावस्था में उन्होंने 'जूनियर स्टेट्समैन' मैगजीन के लिए फोटो जर्नलिस्ट के तौर पर काम किया और 1974 में भूटान के राजा के राज्याभिषेक की तस्वीरें खींची थी.
कौन थे सुनील थापा?
उन्होंने 1981 में हिंदी फिल्म 'एक दूजे के लिए' से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसमें कमल हासन और रति अग्निहोत्री मुख्य भूमिका में थे. लेकिन नेपाली सिनेमा में वे बहुत ज्यादा पॉपुलर हुए. उन्होंने 300 से ज्यादा नेपाली फिल्मों में काम किया. वे खास तौर पर विलेन के रोल के लिए मशहूर थे. 1989 में आई नेपाली फिल्म 'चीनो' में उनका किरदार 'रेटे कैला' (Rate Kaila) बहुत हिट हुआ. इस रोल ने उन्हें नेपाली सिनेमा का सबसे बड़ा और यादगार विलेन बना दिया. लोग आज भी उन्हें इसी नाम से जानते हैं.
बॉलीवुड और हिंदी सिनेमा में भी छोड़ी छाप
बॉलीवुड में भी उन्होंने कई अच्छे रोल किए. सबसे ज्यादा चर्चा हुई प्रियंका चोपड़ा की फिल्म 'मैरी कॉम' (2014) में उनके कोच के रोल की. यह फिल्म बॉक्सर 'मैरी कॉम' की असली कहानी पर बनी थी, और सुनील थापा का किरदार काफी प्रभावशाली था. उनकी आखिरी फिल्म 'एकलो' थी. उन्होंने कुछ अन्य हिंदी फिल्मों में भी काम किया, जैसे: मानव हत्या (1981), अलबेला (1989), जीएसटी - गलती सिर्फ तुम्हारी (2017) हाल ही में वे अमेज़न प्राइम की वेब सीरीज 'द फैमिली मैन 3' में दिखे थे. इसमें उन्होंने डेविड खुजू नाम का किरदार निभाया, जो नागालैंड के एक स्थानीय नेता थे. मनोज बाजपेयी और दलीप ताहिल जैसे कलाकारों के साथ उन्होंने स्क्रीन शेयर किया. उनका किरदार कहानी में काफी महत्वपूर्ण था- वो पूर्वोत्तर में शांति और विकास के लिए काम करने वाले प्रोजेक्ट से जुड़े थे, लेकिन बाद में उनकी मौत हो जाती है.
फिल्म इंडस्ट्री में योगदान
सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, सुनील थापा ने नेपाली फिल्म जगत के लिए बहुत कुछ किया. वे एवरेस्ट फिल्म अकादमी के अध्यक्ष भी रहे. उन्होंने नेपाली सिनेमा को बेहतर बनाने में बड़ा हाथ बंटाया. उनकी कुछ प्रसिद्ध नेपाली फिल्में: मशाल (1982), चीनो (1989), तान ता सराय बिग्रिस नी बद्री (2000), गॉड लाइव्स इन द हिमालयाज (2009). सुनील थापा के अचानक जाने से नेपाली फिल्म इंडस्ट्री और उनके लाखों फैंस बहुत सदमे में हैं.