फिल्म Godaan 3 राज्यों में टैक्स फ्री, क्‍या है इसकी कहानी जिसपर हो रहा बवाल? जानें पूरी डिटेल

6 फरवरी 2026 को रिलीज हुई फिल्म 'गोदान' को यूपी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार ने टैक्स फ्री घोषित किया है. फिल्म गौ माता के सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व को सामने लाती है.;

( Image Source:  IMDB )
Edited By :  रूपाली राय
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हाल ही में सिनेमाघरों में एक नई फिल्म रिलीज हुई है, जिसका नाम है 'गोदान'. यह फिल्म 6 फरवरी 2026 को पूरे देश में आई है, और इसे बनाने वाले हैं विनोद कुमार चौधरी, जो न सिर्फ इसके डायरेक्टर हैं बल्कि कहानी भी उन्होंने खुद लिखी है. इस फिल्म को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है. उन्होंने इसे राज्य में टैक्स फ्री घोषित कर दिया है, यानी अब यूपी के लोगों को इस फिल्म के टिकट पर कोई भी एंटरटेनमेंट टैक्स नहीं देना पड़ेगा. इसका मुख्य मकसद है कि फिल्म का मैसेज हर आम आदमी तक पहुंचे और समाज में जागरूकता फैले. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि फिल्म गौ संरक्षण यानी गायों की रक्षा और उनके महत्व पर आधारित है.

यूपी के आलावा, ओडिशा के सीएम ने इसे टैक्स फ्री किया और कहा कि यह पूरी फैमिली फिल्म है, जो बच्चों को जड़ों से जोड़ती है. छत्तीसगढ़ में भी टैक्स फ्री है. फिल्म में गायों को भारतीय संस्कृति, विज्ञान और आध्यात्मिकता के नजरिए से दिखाया गया है, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देता है. बॉलीवुड के मशहूर एक्टर मनोज जोशी और उपासना सिंह इसमें मुख्य भूमिकाओं में हैं. मनोज जोशी ने मुकेश चाचा का रोल निभाया है, जबकि उपासना सिंह गीता चाची के किरदार में नजर आ रही हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ऐलान करते हुए कहा गया कि इस फिल्म के माध्यम से गायों की सुरक्षा और उनके प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलेगा, जो हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा है.

फिल्म किस पर आधारित है?

यह पूरी तरह से गौ संरक्षण और गायों की सांस्कृतिक, वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक महत्वता पर आधारित है. इसे 'सनातन की गर्जना' कहा जा रहा है, क्योंकि यह गायों को पूजने वाली आस्था और उन्हें नुकसान पहुंचाने वाली सोच के बीच के टकराव को दिखाती है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे गायें हमारी जिंदगी में करुणा, सेवा और प्रकृति से सामंजस्य का प्रतीक हैं. यह हिंदू धर्म में गायों की भूमिका को इमोशनल तरीके से पेश करती है, जहां एक नायक और एक गाय के बछड़े की यात्रा के जरिए इन विषयों को छुआ गया है. फिल्म का ट्रेलर देखने से पता चलता है कि यह न सिर्फ एंटरटेनमेंट है बल्कि एक मूवमेंट की तरह है, जो गौ रक्षा को बढ़ावा देती है. इसे पहली ऐसी फिल्म कहा जा रहा है जो पूरी तरह से 'गौ माता' पर केंद्रित है. 

लोगों का क्या कहना है?

फिल्म अभी-अभी रिलीज हुई है, इसलिए रिव्यूज और ओपिनियंस धीरे-धीरे आ रहे हैं. कुछ लोगों ने इसे सराहा है, खासकर वे जो गौ रक्षा और सनातन संस्कृति से जुड़े हैं. पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे ने फिल्म देखने के बाद कहा कि 'गोदान करके ही मोक्ष की प्राप्ति मिलती है', और इसे एक सोशल मैसेज वाली फिल्म बताया.

एक रिव्यू में कहा गया कि फिल्म की कहानी एंटरटेन नहीं करती, डायलॉग्स कमजोर हैं, और एडिटिंग में कमी है, इसे एक कमजोर फिल्म बताया. कुछ ने इसे असहज सच्चाइयों का आईना बताया, जैसे अतिवाद और ऐतिहासिक अत्याचार. वहीं, कुछ ने कहा कि कहानी खराब बताई गई, डायलॉग्स पुराने, एक्टिंग कमजोर, और बैकग्राउंड म्यूजिक परेशान करने वाला. फिल्म को लेकर कुछ विवाद भी है, जैसे मुसलमानों को इससे क्या दिक्कत है, पर कुल मिलाकर यह गौ रक्षा को बढ़ावा देने वाली फिल्म के रूप में देखी जा रही है.

क्या है फिल्म की कहानी?

अब बात करते हैं फिल्म 'गोदान' की कहानी की. यह फिल्म प्रेमचंद के मशहूर उपन्यास 'गोदान' से प्रेरित नहीं है, बल्कि एक पूरी तरह से नई और आधुनिक कहानी है, जो गौ माता यानी गायों के महत्व पर फोकस करती है. कहानी का केंद्र है एक भारतीय गाय का नाम 'सुरभी', जो एक मॉडर्न साइंटिस्ट की जिंदगी और सोच को पूरी तरह बदल देती है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सुरभी की मौजूदगी से पंचगव्य (गाय से मिलने वाले पांच उत्पादों जैसे दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र) पर आधारित दवाइयों की खोज होती है.साथ ही, यह सस्टेनेबल लिविंग यानी पर्यावरण के अनुकूल लाइफस्टाइल और गायों के प्रति आध्यात्मिक सम्मान के विज्ञान को भी एक्सप्लोर करती है. कहानी में भावनात्मक यात्रा है, जहां विज्ञान और परंपरा का मेल दिखाया गया है. यह फिल्म सिर्फ एंटरटेन नहीं देती, बल्कि समाज को एक मैसेज देती है कि गायें न सिर्फ हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और आध्यात्मिकता में भी उनका बड़ा योगदान है. फिल्म की लंबाई करीब 2 घंटे 12 मिनट है, और इसे कमधेनु इंटरनेशनल प्रोडक्शन ने बनाया है. इसमें असिस्टेंट डायरेक्टर अमीत प्रजापति हैं, और अन्य एक्टर्स जैसे साहिल आनंद, रोज सरदाना, साहर्श शुक्ला और राजेश जैस भी अहम भूमिकाओं में हैं. बजट करीब 20 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. 

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