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याद है 'मुन्ना भाई' की Mumaith Khan, 30 की उम्र में फटी सिर की 5 नसें; कोमा से बाहर आकर अब यूं शुरू किया नया करियर

'देख ले' गाने से रातों-रात स्टार बनीं मुमैत खान का करियर एक गंभीर हादसे के बाद ठहर गया. कोमा, सर्जरी और 7 साल के ब्रेक के बाद उन्होंने खुद को एक सफल बिजनेसवुमन के रूप में दोबारा खड़ा किया.

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( Image Source:  Instagram: mumait )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Updated on: 7 Feb 2026 2:31 PM IST

राजकुमार हिरानी की 'मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.' हर किसी को याद होगी एक रोमांटिक कॉमेडी जिसमें संजय दत्त, जिमि शेरगिल, अरशद वारसी, ग्रेसी सिंह और बोमन ईरानी लीड रोल में नजर आए. फिल्म में एक आइटम सॉन्ग भी था 'देख ले' जिसमें नजर आईं थी मुमैत खान (Mumaith Khan). उस वक्त सोशल मीडिया के आभाव में शायद लोगों को उनका नाम न मालूम हो लेकिन मुमैत खान कहां है और क्या कर रही है इसका पता जरूर लग गया है. 'देख ले' के अलावा मुमैत एक का और डांस नंबर बेहद हिट रहा. 'राउडी राठौर' का 'आ रे प्रीतम प्यारे'. इसके बाद वह लंबे समय तक कहीं नजर नहीं आईं. लेकिन अब उनकी अनकही कहानी हमें जरूर मिली है. फिल्म एक्ट्रेस मुमैत खान जिन्होंने बहुत कम उम्र में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में धूम मचाई, लेकिन जिंदगी ने उन्हें एक बड़े हादसे के जरिए सब कुछ बदल दिया.

सबसे पहले बात करते है उनकी मशहूर पहचान की. मुमैत खान को लोग सबसे ज्यादा 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' फिल्म के सुपरहिट आइटम सॉन्ग 'देख ले' से जानते हैं. इस गाने में उनका डांस और स्टाइल देखते ही बनता था. जैसे ही यह गाना हिट हुआ, मुमैत की लोकप्रियता आसमान छूने लगी. उनके पास हिंदी, तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में आइटम सॉन्ग और छोटी-मोटी भूमिकाओं की भरमार हो गई. 'हलचल', 'लकी: नो टाइम फॉर लव', 'राउडी राठौर' जैसी हिंदी फिल्मों के अलावा साउथ की ब्लॉकबस्टर फिल्में जैसे 'छत्रपति' और 'पोकिरी' में भी उन्होंने काम किया. उस समय वे आइटम नंबर के लिए सबसे ज्यादा मांग वाली एक्ट्रेस बन गई थीं.

पकिस्तान से रिश्ता

मुमैत का जन्म एक पाकिस्तानी पिता और साउथ इंडियन मां के घर हुआ था. वे ज्यादातर मुंबई में बड़ी हुईं. उनका असली नाम मुमताज अब्दुल राशिद खान था. उनकी बहन जबीन खान ने भी फिल्म इंडस्ट्री में काम किया. बचपन से ही परिवार आर्थिक तंगी से जूझता रहा. मुमैत ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके माता-पिता ने कभी उनसे पैसे कमाने को नहीं कहा, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़ी हुईं, उन्हें और उनकी बहन को घर की मुश्किलें समझ आने लगीं. वे स्कूल पैदल जाती थीं ताकि बस का किराया 1.50 रुपये बच सके. वह पैसे गुल्लक में डालकर पापा को दे देती थी. उन्हें यह काम अच्छा लगता था, भले ही पापा ने कभी मांगा नहीं.

फटी दिमाग की 5 नसें

मुमैत ने सिर्फ 13 साल की उम्र से काम शुरू कर दिया था. 18 साल की उम्र में 'देख ले' गाने से वे रातों-रात स्टार बन गईं. सब कुछ अच्छा चल रहा था, लेकिन अचानक जिंदगी ने एक बहुत बड़ा और दर्दनाक मोड़ ले लिया. 30 साल की उम्र में मुमैत के घर पर एक गंभीर हादसा हो गया. वे चलते-चलते फिसल गईं और सिर बेड के किनारे पर जोर से लग गया. इस हादसे में उनके दिमाग की 5 नसें फट गईं. वे 15 दिनों तक कोमा में रही. कोमा से बाहर आने के बाद उन्हें बार-बार दौरे पड़ने लगे. डॉक्टरों ने सर्जरी की और इलाज चलाया. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उनके दिमाग में 9 टाइटेनियम वायर्स और प्लेट्स लगाए गए हैं. डॉक्टरों ने उन्हें सख्त सलाह दी कि कम से कम 7 साल तक कोई काम न करें, कोई एक्सरसाइज न करें, यहां तक कि कोई भारी चीज भी न उठाएं. यह उनके करियर के लिए बहुत बड़ा झटका था.

बुरे वक्त में सहारा बानी मां

मुमैत कहती हैं कि उन्होंने इंडस्ट्री खुद नहीं छोड़ी, बल्कि यह हादसा हुआ और डॉक्टरों की सलाह के कारण उन्हें रुकना पड़ा. उन 7 सालों में उनका जीवन पूरी तरह बदल गया. इस दौरान उनकी मां ने उनका पूरा ख्याल रखा. मां ने उन्हें खुश रखा और उनकी लाइफस्टाइल को वैसा ही बनाए रखा जैसा पहले था. आज भी मुमैत कोई बड़ी खरीदारी करने से पहले मां से बात करती हैं और बिना सोचे-समझे पैसे खर्च नहीं करती. इन सात सालों में मुमैत को बहुत समय मिला खुद को समझने का. उन्हें एहसास हुआ कि एक्टिंग के अलावा भी वे कुछ कर सकती हैं. फिल्मों और गानों में वे हर बार अलग-अलग लुक और मेकअप ट्राई करती थी. उन्हें मेकअप, हेयरस्टाइल और स्टाइलिंग बहुत पसंद थी. इसी सोच से उन्होंने फैसला किया कि अब वे इस फील्ड में कुछ करें.

शुरू की अपनी खुद की एकेडमी

इसके बाद मुमैत ने हैदराबाद में अपनी खुद की मेकअप और हेयर ट्रेनिंग एकेडमी शुरू की, जिसका नाम है 'वेलाइक एकेडमी' (Welyke Academy). उन्होंने बताया कि साउथ इंडियन मेकअप इंडस्ट्री में अच्छे स्तर का सम्मान और ट्रेनिंग नहीं मिलती. वे मुंबई से अपनी टीम लाती थीं, इसलिए वे चाहती थीं कि यहां भी वही क्वालिटी अवेलेबल हो. शुरुआत आसान नहीं थी, काफी मेहनत लगी, लेकिन आज यह एकेडमी चल रही है. यहां छात्रों को प्रोफेशनल मेकअप, हेयर स्टाइलिंग, ब्राइडल मेकअप, एडिटोरियल मेकअप जैसी ट्रेनिंग दी जाती है. कोर्स की फीस 20,000 से 50,000 रुपये तक होती है और कुछ हफ्तों से लेकर 8 हफ्तों तक के कोर्स चलते हैं. मुमैत कहती हैं कि ऊपर वाले ने उन्हें नीचे धकेल दिया, लेकिन शायद यही उनकी नई शुरुआत थी. आज वे एक सफल बिजनेसवुमन हैं और अपनी एकेडमी के जरिए दूसरों को ट्रेनिंग देकर नई पीढ़ी को तैयार कर रही हैं. उनकी जिंदगी का यह सफर बताता है कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों, इंसान अगर हिम्मत रखे तो नई राहें खुद बना सकता है.

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