कौन है Payal Gaming का अश्लील क्लिप वायरल करने वाला आरोपी? इस लड़की के नाम से चलाता है Instagram ID
आरोपी ने वीडियो में बताया कि मेरा नाम अभिषेक यादव है और मेरी इस्टाग्राम ID का नाम रुबिका है और मैंने अपने स्टोरी पर बिना पुष्टि के वीडियो का लिंक लगा दिया दी थी. जिसके बाद पायल गेमिंग की बदनामी हुई तो मैं पायल गेमिंग और महाराष्ट्र पुलिस से माफी मांगता हूं और आगे से ऐसा नहीं करुंगा.;
मशहूर इंडियन गेमिंग क्रिएटर पायल धरे उर्फ Payal Gaming से जुड़े डीपफेक मामले में महाराष्ट्र साइबर ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है. सोशल मीडिया पर वायरल किए गए आपत्तिजनक और फर्जी कंटेंट को लेकर चल रही जांच में अब दोषियों तक पहुंच बना ली गई है, जिससे इस केस ने निर्णायक मोड़ ले लिया है.
साइबर अपराध विभाग ने पुष्टि की है कि न सिर्फ डीपफेक कंटेंट फैलाने वालों की पहचान कर ली गई है, बल्कि उनमें से कई को हिरासत में लेकर कानूनी नोटिस भी थमाए जा चुके हैं. यह कार्रवाई ऑनलाइन फर्जीवाड़े और टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग के खिलाफ एक मजबूत संदेश मानी जा रही है.
पायल गेमिग का वीडियो वायरल करने वाला निकला अभिषेक
आरोपी ने वीडियो में बताया कि मेरा नाम अभिषेक यादव है और मेरी इस्टाग्राम ID का नाम रुबिका है और मैंने अपने स्टोरी पर बिना पुष्टि के वीडियो का लिंक लगा दिया दी थी. जिसके बाद पायल गेमिंग की बदनामी हुई तो मैं पायल गेमिंग और महाराष्ट्र पुलिस से माफी मांगता हूं और आगे से ऐसा नहीं करुंगा.
अपलोडर्स गिरफ्तार, नोटिस जारी
महाराष्ट्र साइबर की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 'महाराष्ट्र साइबर ने पायल गेमिंग डीपफेक मामले का सफलतापूर्वक पता लगाया है और उस पर कार्रवाई की है. कई अपलोडर्स को हिरासत में लिया गया है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है. जांच में सामने आया है कि जिन लोगों ने फर्जी डीपफेक कंटेंट अपलोड और शेयर किया था, उन्हें नोटिस दिए गए हैं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है.
पहले अपलोडर की पहचान, जल्द गिरफ्तारी
महाराष्ट्र साइबर ने यह भी स्पष्ट किया है कि डीपफेक वीडियो के पहले अपलोडर की पहचान कर ली गई है. विभाग के अनुसार 'महाराष्ट्र साइबर ने आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड करने वाले शुरुआती लोगों में से एक की पहचान कर ली है और उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की पूरी डिस्ट्रीब्यूशन चेन को ट्रैक किया जा रहा है ताकि किसी भी दोषी को छोड़ा न जाए.
महाराष्ट्र साइबर का वीडियो बयान
लिखित बयान के साथ-साथ महाराष्ट्र साइबर ने एक आधिकारिक वीडियो स्टेटमेंट भी जारी किया है. इसमें अधिकारियों ने साफ कहा कि डीपफेक, पहचान के दुरुपयोग और मानहानि जैसे मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. वीडियो में यह भी दोहराया गया कि जो लोग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल गलत मकसद से करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग पर सख्त चेतावनी
महाराष्ट्र साइबर ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि 'महाराष्ट्र साइबर कानून का उल्लंघन करने और तकनीक का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.' यह मामला खासतौर पर महिलाओं और पब्लिक फिगर्स को निशाना बनाने वाले डीपफेक अपराधों के खिलाफ एक अहम उदाहरण बनकर उभरा है.
पहले पायल धरे ने किया था खंडन
इससे पहले पायल धरे ने सार्वजनिक रूप से सफाई देते हुए वायरल वीडियो से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया था. उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की थी कि बिना पुष्टि के कंटेंट शेयर न करें और बताया था कि कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है. अब महाराष्ट्र साइबर की सक्रिय कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि डीपफेक और सोशल मीडिया दुष्प्रचार पर कानून का शिकंजा कसना शुरू हो चुका है.