पैदा होते ही Tiger Shroff को मिल गया था 21,000 का साइनिंग अमाउंट, लगातार फ्लॉप ने दिया डिप्रेशन

टाइगर श्रॉफ के जन्म के समय सुभाष घई ने उन्हें 21,000 रुपये देकर हीरो बनाने की बात कही थी. आज वही बच्चा बॉलीवुड का टॉप एक्शन स्टार बन चुका है, हालांकि करियर में उतार-चढ़ाव भी आए.

( Image Source:  Instagram: tigerjackieshroff )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 2 March 2026 8:24 AM IST

बॉलीवुड के मशहूर एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) को लोग उनके जबरदस्त एक्शन सीन्स, शानदार डांस मूव्स और फिटनेस लेवल के लिए बहुत पसंद करते हैं. लेकिन उनके जीवन की एक बहुत ही इंटरेस्टिंग और खास बात बहुत कम लोगों को पता है. जब टाइगर का जन्म हुआ था, तब ही उन्हें एक तरह का 'साइनिंग अमाउंट' मिल गया था. दरअसल, मशहूर फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर सुभाष घई टाइगर के जन्म के समय उनके घर पहुंचे थे.

सुभाष घई टाइगर के पिता जैकी श्रॉफ के बहुत अच्छे दोस्त हैं. उन्होंने जैकी को फिल्म 'हीरो' में लीड रोल देकर स्टार बनाया था. टाइगर को नवजात बच्चे के रूप में देखकर सुभाष घई ने मजाक में या भावुक होकर उनके छोटे से हाथ में 21,000 रुपये रखे और कहा कि 'यह बच्चा बड़ा होकर मैं ही इसे हीरो बनाऊंगा' उस समय 1990 में 21,000 रुपये बहुत बड़ी रकम थी. यह किस्सा टाइगर के जीवन की सबसे यादगार और प्यारी कहानियों में से एक है.

कैसे नाम पड़ा टाइगर?

हालांकि बाद में सुभाष घई ने टाइगर के साथ कोई फिल्म नहीं बनाई, लेकिन यह बात आज भी फैंस को बहुत पसंद आती है. टाइगर श्रॉफ का पूरा नाम जय हेमंत श्रॉफ है. उनका जन्म 2 मार्च 1990 को मुंबई में हुआ था. वे बॉलीवुड के सुपरस्टार जैकी श्रॉफ और प्रोड्यूसर आयशा श्रॉफ के बड़े बेटे हैं. उनकी एक छोटी बहन कृष्णा श्रॉफ भी हैं. बचपन में टाइगर बहुत तेज और फुर्तीले थे, घरवाले उन्हें देखकर कहते थे कि 'यह तो टाइगर जैसा है' बस यहीं से उनका निकनेम 'टाइगर' पड़ गया और यही नाम आगे चलकर उनकी पहचान बन गया. आज कोई उन्हें जय हेमंत नाम से नहीं, बल्कि टाइगर श्रॉफ के नाम से ही जानता है.

कैसे शुरू हुआ था करियर?

टाइगर ने अपना बॉलीवुड सफर 2014 में फिल्म 'हीरोपंती' से शुरू किया. यह फिल्म साजिद नाडियाडवाला ने बनाई थी. फिल्म में टाइगर के एक्शन, डांस और स्टाइल की लोगों ने खूब तारीफ की. फिल्म सुपरहिट हुई और टाइगर को फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल डेब्यू भी मिला.  इसके बाद उन्होंने कई फिल्में कीं जैसे 'बागी', 'बागी 2', 'ए फ्लाइंग जट', 'मुन्ना माइकल', 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' और 'बागी 3'. इनमें से कुछ फिल्में बहुत सफल रहीं, खासकर एक्शन वालीं, लेकिन कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा नहीं कर पाईं.

डिप्रेशन में चले गए थे एक्टर 

कैरियर में उतार-चढ़ाव आए कुछ फिल्मों की असफलता ने टाइगर को काफी प्रभावित किया. 'कॉफी विद करण' शो में उन्होंने खुलकर बताया कि 'हीरोपंती 2' जैसी फिल्म फ्लॉप होने के बाद वे बहुत दुखी और डिप्रेशन में चले गए थे. उन्होंने कहा, 'मैं बॉक्स ऑफिस के नंबर्स बार-बार चेक करता रहता था. हर रिपोर्ट मुझे अंदर से तोड़ देती थी. मुझे लगता था कि मैं दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. एक समय ऐसा आया जब मैं बहुत डिप्रेस्ड फील करने लगा. मैं इमोशनल ईटर हूं, मतलब दुख में ज्यादा खाने लग जाता हूं.' लेकिन टाइगर ने हिम्मत नहीं हारी  उन्होंने खुद को संभाला, मेहनत जारी रखी और कहा कि असफलता ने उन्हें और मजबूत बनाया.

कैसे आया टर्निंग पॉइंट?

उन्होंने यह भी कहा कि बॉलीवुड में हर शुक्रवार एक परीक्षा की तरह होता है. फिल्म चली तो तारीफ, नहीं चली तो आलोचना. ऐसे में खुद पर भरोसा रखना बहुत जरूरी है और जमीन से जुड़े रहना सीखना पड़ता है. फिर आया टर्निंग पॉइंट 2019 में फिल्म 'वॉर'.  इसमें टाइगर के साथ ऋतिक रोशन थे, जिन्हें टाइगर अपना आइडियल मानते हैं. 'वॉर' सुपर डुपर हिट हुई, बॉक्स ऑफिस पर बहुत कमाई की और टाइगर की इमेज एक टॉप एक्शन हीरो के रूप में मजबूत हो गई. कम फिल्में करने के बावजूद आज टाइगर को युवा पीढ़ी का सबसे पॉपुलर एक्शन स्टार माना जाता है. उनकी फिटनेस, स्टंट्स और एनर्जी की हर कोई तारीफ करता है. 

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