स्माइल, एक्सेंट, लुक्स सब फेक! ट्रोलर्स ने Alia Bhatt को बताया 'मोस्ट रेसिस्ट एक्ट्रेस इन इंडियन सिनेमा', जानें इसकी वजह
BAFTA 2026 में आलिया भट्ट ने ‘नमस्कार’ कहकर हिंदी में स्पीच दी और ग्लोबल स्टेज पर इंडिया को रिप्रेजेंट किया. हालांकि उनके ब्रॉन्ज्ड मेकअप और स्किन टोन को लेकर सोशल मीडिया पर कलरिज्म और रेसिज्म की बहस छिड़ गई.
आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने 2026 BAFTA अवॉर्ड्स में शिरकत की उनका नमस्कार सहित हिंदी बोलने का अंदाज सबको बेहद पसंद आया. यह उनका बाफ्टा डेब्यू था. अब उनका लुक चर्चा में बना हुआ है. आलिया भट्ट ने यहां प्रेजेंटर की भूमिका निभाई। वो कस्टम गोल्डन-सिल्वर शिमरी Gucci गाउन में आईं, जिसमें हाई नेकलाइन, सीक्वेंस और व्हाइट फर स्टोल था. ये लुक मारिलिन मॉनरो से इंस्पायर्ड था, लेकिन उन्होंने रेखा जैसी इंडियन ब्यूटी आइकन का भी जिक्र किया. स्टेज पर उन्होंने "नमस्कार" कहकर हिंदी में स्पीच शुरू की 'नमस्कार', अगला अवॉर्ड एक ऐसी फिल्म के लिए है जो अंग्रेजी में नहीं है.' ये पल इंडियंस के लिए बहुत प्राउड वाला था, क्योंकि ग्लोबल स्टेज पर हिंदी सुनकर फैंस खुश हुए.
लेकिन ट्रोलिंग की असली वजह उनका मेकअप और स्किन टोन था. वीडियो और फोटोज में आलिया की स्किन टोन उनकी नॉर्मल गोरी स्किन से काफी ब्रॉन्ज्ड और वार्मर दिख रही थी यानी ज्यादा गहरा, टैन जैसा. कई लोगों ने तुरंत आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर डार्क मेकअप या स्प्रे टैन यूज किया ताकि 'ज्यादा इंडियन' लगें. एक वायरल पोस्ट में लिखा गया, 'मोस्ट रेसिस्ट एक्ट्रेस इन इंडियन सिनेमा #AliaBhatt. उन्होंने नॉर्मल स्किन टोन से 5 शेड्स डार्कर मेकअप लगाया ताकि इंटरनेशनल रेड कार्पेट पर ज्यादा इंडियन दिखें. सब कुछ फेक है स्माइल, एक्सेंट, लुक्स.'
ये ट्रोलिंग क्यों इतनी तेज हुई?
इंडिया में कलरिज्म की समस्या बहुत गहरी है. यहां गोरी स्किन को ब्यूटीफुल माना जाता है, और डार्क स्किन को अक्सर कमतर समझा जाता है. बॉलीवुड में सालों से गोरी एक्ट्रेसेस को प्रमोट किया जाता है फेयरनेस क्रीम ऐड्स से लेकर हीरोइन्स के रोल तक. आलिया खुद बहुत गोरी हैं और बॉलीवुड में उनकी इमेज हमेशा फेयर स्किन वाली रही है. अब जब वो विदेशी अवॉर्ड शो में गईं और स्किन टोन थोड़ी डार्क दिखी, तो लोग बोले - ये तो हिपोक्रिसी है! घर में गोरी दिखती हैं, बाहर जाकर इंडियन लुक के लिए डार्क बन रही हैं.' मतलब, उन्हें लगता है कि आलिया कलरिज्म को प्रमोट करती हैं. लेकिन ग्लोबल ऑडियंस के लिए 'और ब्राउन' बनकर खुद को ऑथेंटिक दिखा रही हैं.
क्या फायदा उठा रही है आलिया?
कई ट्रोल्स ने इसे रेसिज्म कहा, 'वो इंडियन होने का फायदा उठा रही हैं, लेकिन असल में गोरी प्रिविलेज यूज करती हैं.' कुछ ने प्रियंका चोपड़ा के हॉलीवुड लुक्स से कंपेयर किया, जहां प्रियंका पर भी ऐसे ही आरोप लगे थे कि वो कभी ज्यादा ब्राउन बनती हैं, कभी वेस्टर्न. ट्रोल्स का कहना है कि ये सब PR स्टंट है इंडिया में पॉपुलैरिटी के लिए 'इंडियन' दिखना, लेकिन बॉलीवुड में गोरी इमेज बनाए रखना.
क्या बोल रहे है डिफेंडर्स?
दूसरी तरफ, आलिया के फैंस और डिफेंडर्स क्या कह रहे हैं? वो इसे बिल्कुल नॉर्मल रेड-कार्पेट मेकअप बताते हैं. गोल्डन या सिल्वर गाउन के साथ ब्रॉन्ज्ड लुक, कंटूरिंग, ब्रोंजर और हाइलाइटर यूज करना स्टैंडर्ड है. ये गाउन को कॉम्प्लिमेंट करने के लिए किया जाता है, न कि स्किन कलर चेंज करने के लिए. लाइटिंग, कैमरा एंगल और फोटोशॉप भी स्किन टोन को अलग दिखा सकते हैं. कई यूजर्स बोले- 'ये जलन है' आलिया ग्लोबल स्टेज पर इंडिया का नाम रोशन कर रही हैं, हिंदी में स्पीच दे रही हैं, तो ट्रोल्स को जलन हो रही है.' कुछ ने कहा, 'रेड कार्पेट पर हर कोई ब्रोंज्ड लुक ट्राई करता है, ये नया नहीं है.'