Asha Bhosle Family Tree: 5 भाई बहन, 3 बच्चे, 5 पोते-पोतियां; जानिए 8 दशकों से संगीत से जुड़े मंगेशकर परिवार में कौन-कौन
आशा भोसले की जिंदगी सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें परिवार, प्यार और संघर्ष की गहरी कहानी छिपी है. मंगेशकर परिवार की यह विरासत आज भी भारतीय संगीत को नई पहचान देती है.
Asha Bhosle Family Tree: महाराष्ट्र के सांगली जिले के छोटे से गांव गोअर में, 8 सितंबर 1933 को एक संगीत-प्रेमी परिवार में एक बच्ची का जन्म हुआ. उसका नाम रखा गया आशा मंगेशकर. बाद में दुनिया उसे आशा भोसले (Asha Bhosle) के नाम से जानने लगी. भारतीय सिनेमा की वह स्वर-सम्राज्ञी, जिनकी आवाज़ ने हजारों गीतों को अमर बना दिया. लेकिन यह कहानी सिर्फ उनकी सिंगिंग की नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की है. उस मंगेशकर परिवार की, जिसमें संगीत हर सदस्य की रगों में दौड़ता था. मंगेशकर परिवार करीब 8 दशकों से संगीत से जुड़ा हुआ है.
आशा के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध मराठी रंगमंच के एक्टर और शास्त्रीय गायक थे. वे मराठी-कोकणी मूल के थे और संगीत की दुनिया में बड़े नाम थे. उनकी पत्नी, आशा की माता शेवंती मंगेशकर गुजराती परिवार से थीं. दीनानाथ संगीत की शिक्षा देते थे, लेकिन आशा महज 9 साल की थीं. जब पिता का निधन हो गया. परिवार पर संकट के बादल छा गए. पुणे से कोल्हापुर होते हुए वे मुंबई आ गए. अब परिवार की ज़िम्मेदारी बड़ी बहन लता मंगेशकर के कंधों पर आ पड़ी, जो खुद एक उभरती हुई सिंगर थीं.
संगीत के रंग में रंगे हुए मंगेशकर परिवार के पांच बच्चे:
सबसे बड़ी लता मंगेशकर- भारतीय सिनेमा की स्वर-कोकिला, जिन्होंने हज़ारों गीत गाए और दुनिया भर में ख्याति पाई
दूसरी आशा- जिनकी आवाज़ में जादू था, जो किसी भी भाषा, किसी भी राग में गा सकती थीं
तीसरी मीना मंगेशकर (बाद में मीना खड़कीकर)- वे भी संगीत से जुड़ी रहीं और परिवार की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाया
चौथी उषा मंगेशकर- वे भी प्लेबैक सिंगर बनीं और हिंदी-मराठी गीतों में अपनी पहचान बनाई
सबसे छोटे हृदयनाथ मंगेशकर- भाई, जो बाद में मशहूर संगीतकार और निर्देशक बने
पिता के बाद ली जिम्मेदारी
पिता के जाने के बाद लता और आशा दोनों ने फिल्मों में गाना-बजाना शुरू किया. आशा ने मात्र 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म 'माझा बाळ' में पहला गाना गाया. लेकिन उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब वे सिर्फ 16 साल की थीं. आशा ने लता की सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से प्यार कर लिया. गणपतराव 31 साल के थे. आशा से काफी बड़े. परिवार की मर्ज़ी के बिना दोनों ने 1949 में भाग कर शादी कर ली. यह फैसला परिवार के लिए सदमा था. लता दीदी नाराज़ हो गईं. शादी के बाद घरेलू कलह शुरू हुई. गणपतराव और उनके परिवार वालों ने आशा के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया. 1960 में, ग्यारह साल बाद, दोनों अलग हो गए. गणपतराव 1966 में चल बसे.
इस शादी से आशा को तीन बच्चे हुए:
सबसे बड़े बेटे हेमंत भोसले- हेमंत कुमार के नाम पर नाम रखा गया. वे पायलट बने, फिर संगीत निर्देशक. 2015 में कैंसर से उनका निधन हो गया
बेटी वर्षा भोसले- वे कॉलम राइटर थीं, 'संडे ऑब्ज़र्वर' और ‘रेडिफ’ के लिए लिखती थीं. लेकिन 2012 में मात्र 56 साल की उम्र में उन्होंने आत्महत्या कर ली. यह परिवार के लिए एक बड़ा सदमा था.
सबसे छोटे बेटे आनंद भोसले- उन्होंने बिजनेस और फिल्म डायरेक्शन पढ़ा. आज वे आशा जी के करियर की देखभाल करते हैं.
टूटी पहली शादी
पहली शादी के दर्द के बाद आशा ने अपनी आवाज़ को और भी तेज़ी से संगीत की दुनिया में उड़ान दी. फिर 1980 में उनके जीवन में दूसरा मोड़ आया. उन्होंने मशहूर संगीतकार आर.डी. बर्मन (पंचम) से शादी कर ली. पंचम उनकी उम्र से 6 साल छोटे थे. दोनों पहले से ही कई हिट गीतों पर साथ काम कर चुके थे. 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को', ‘दुनिया में लोगो को’ जैसे गाने उसी रिश्ते की देन थे. यह शादी दोनों के लिए खुशियों भरी रही, लेकिन 1994 में पंचम का निधन हो गया.
पांच पोते-पोतियां
आज आशा भोसले 90 के पार हैं. उनके परिवार में पांच पोते-पोतियां भी हैं. जिनमें हेमंत के बेटे चैतन्या भोसले (बॉय बैंड के सदस्य) और आनंद की बेटी जना (उभरती सिंगर और कथक डांसर) शामिल हैं. पूरा मंगेशकर परिवार आज भी संगीत की धरोहर है. लता, आशा, उषा, मीना, हृदयनाथ... सबकी आवाज़ें मिलकर एक यूनिक म्यूजिक-लेगेसी बनाती हैं. आशा भोसले सिर्फ एक सिंगर नहीं थीं. वे एक बहादुर औरत थीं, जिन्होंने परिवार की ज़िम्मेदारी, प्यार की खुशियां और दर्द दोनों को अपनी आवाज़ में समेट लिया.