Asha Bhosle ने कब गाया पहला हिंदी गाना, नाम पर हैं कौन-सा रिकॉर्ड और पंचम दा के साथ कैसे सुपरहिट हुई जोड़ी? जानिए सबकुछ

दिग्गज पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया. इससे भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. उन्होंने 80 साल से ज्यादा लंबे करियर में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए. उनका जाना भारतीय फिल्म और संगीत उद्योग के लिए एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है.

आशा भोसले

By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 12 April 2026 3:56 PM IST

Asha Bhosle Famous Songs, First Hindi Song: दिग्गज गायिका आशा भोसले का आज 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उनका जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. आशा ताई ने अब तक 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि उन्होंने पहला गाना कब और किस उम्र में गाया था. अगर नहीं तो आइए जानते हैं...

आशा भोसले ने अपना पहला गाना 1943 में मराठी फिल्म 'माझा बाल'के लिए गाया था. इस गाने के बोल थे-'चला चला नव

आशा भोसले ने पहला हिंदी गाना कब गाया?

आशा भोसले ने बॉलीवुड में पहला हिंदी गाना फिल्म 'चुनरिया' (1948) का 'सावन आया' गया था。उनका पहला सोलो हिंदी गाना 'रात की रानी' (1949) के लिए रिकॉर्ड किया。

आशा भोसले के नाम कौन-सा रिकॉर्ड है?

आशा भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में करीब 12,000 से 12,500 के बीच गाने गाए हैं. उनके नाम संगीत इतिहास में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी रहा है. आशा जी ने क्लासिकल, पॉप, गजल, भजन, कव्वाली और कैबरे जैसे हर तरह के गानों को अपनी आवाज दी है. उन्हें भारतीय संगीत जगत में उनकी बहुमुखी गायकी के लिए जाना जाता है.

आशा भोसले के 10 सबसे प्रसिद्ध गाने

आशा जी ने क्लासिकल गज़ल से लेकर पॉप और कैबरे स्टाइल तक हर तरह के गाने गाए हैं. उनके कुछ सदाबहार गाने इस प्रकार हैं:

  • इन आंखों की मस्ती (उमराव जान, 1981): यह गज़ल उनकी आवाज़ की गहराई को दर्शाती है.
  • पिया तू अब तो आजा (कारवां, 1971): इस गाने ने उन्हें 'कैबरे' गानों की रानी बना दिया.
  • दम मारो दम (हरे रामा हरे कृष्णा, 1971): यह उस समय का एक क्रांतिकारी यूथ एंथम था.
  • चुरा लिया है तुमने जो दिल को (यादों की बारात, 1973): मोहम्मद रफ़ी के साथ उनका यह सबसे लोकप्रिय रोमांटिक गाना है.
  • ये मेरा दिल प्यार का दीवाना (डॉन, 1978): एक बेहद ऊर्जावान और लोकप्रिय पार्टी सॉन्ग.
  • आओ हुज़ूर तुमको (किस्मत, 1968): अपनी खास अदायगी के लिए मशहूर यह गाना आज भी लोकप्रिय है.
  • जरा सा झूम लूं मैं (दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे, 1995): 90 के दशक का एक बहुत बड़ा हिट.
  • दो लफ्ज़ों की है दिल की कहानी (द ग्रेट गैम्बलर, 1979): एक खूबसूरत और शांत गाना.
  • दिल चीज़ क्या है (उमराव जान, 1981): संगीत की बारीकियों के लिए सराहा गया गाना.
  • उड़ें जब जब ज़ुल्फें तेरी (नया दौर, 1957): मोहम्मद रफ़ी के साथ एक लोक-आधारित ब्लॉकबस्टर गीत.

आशा भोसले को कौन-कौन से पुरस्कार और सम्मान मिले?

  • पद्म विभूषण (2008): भारत सरकार द्वारा दिया गया दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान.
  • दादा साहब फाल्के पुरस्कार (2000): भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए.
  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards): उन्होंने 2 बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का पुरस्कार जीता (1981 में 'उमराव जान' और 1987 में 'इजाज़त' के लिए).
  • फिल्मफेयर पुरस्कार: उन्होंने 7 बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का पुरस्कार जीता और बाद में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (2001) भी दिया गया.
  • गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के रूप में उनका नाम दर्ज रहा है.
  • महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार (2020): महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान.

क्या जिंदगी का सफर आसान था?

  • आशा भोंसले का जीवन और संगीत सफर जितना सुरीला रहा है, उतना ही संघर्षपूर्ण भी. उनके शुरुआती संघर्ष और आर.डी. बर्मन (पंचम दा) के साथ उनकी जोड़ी ने भारतीय संगीत को पूरी तरह बदल दिया.
  • आशा जी का शुरुआती जीवन काफी चुनौतियों से भरा रहा. जब वह केवल 9 वर्ष की थीं, तब उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया. परिवार की जिम्मेदारी उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर और उन पर आ गई.
  • 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर गणपतराव भोंसले (लता जी के सेक्रेटरी) से शादी कर ली. यह शादी सफल नहीं रही और उन्हें बहुत कम उम्र में अपने बच्चों के साथ घर छोड़ना पड़ा.
  • शुरुआत में आशा जी को वे गाने मिलते थे जिन्हें बड़ी गायिकाओं (जैसे लता जी या गीता दत्त) ने ठुकरा दिया होता था. उन्हें अक्सर 'सेकंड चॉइस' माना जाता था, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से अपनी एक अलग पहचान बनाई.

आर.डी. बर्मन (पंचम दा) के साथ जादुई सफर

  • 1960 और 70 के दशक में राहुल देव बर्मन और आशा भोंसले की जोड़ी ने संगीत की दुनिया में क्रांति ला दी. पंचम दा ने आशा जी की आवाज़ की रेंज को पहचाना. उन्होंने आशा जी से वे गाने गवाए जिनमें पश्चिमी संगीत (Jazz, Rock, Cabaret) का तड़का था, जैसे 'पिया तू अब तो आजा' और 'दम मारो दम'. काम के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और 1980 में उन्होंने शादी कर ली. यह दोनों की दूसरी शादी थी.
  • आर.डी. बर्मन हमेशा नए प्रयोग करते थे (जैसे कांच की बोतलों या कंघी से संगीत निकालना) और आशा जी उन प्रयोगों को अपनी आवाज़ से जीवंत कर देती थीं. 'इजाज़त' फिल्म का गाना 'मेरा कुछ सामान' आज भी संगीत प्रेमियों के लिए एक मिसाल है.
  • आशा जी और पंचम दा की जोड़ी ने बॉलीवुड को लगभग 800 से ज्यादा गाने दिए, जो आज भी हर पीढ़ी की पसंद हैं.

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