Shekhar Kapur का बड़ा दावा, AI एक्टर्स लेंगे बॉलीवुड स्टार्स की जगह; 2000 रुपये में बनेगी 300 करोड़ की फिल्म

मशहूर निर्देशक शेखर कपूर का मानना है कि जल्द ही AI से बने एक्टर्स बॉलीवुड में असली स्टार्स की जगह ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि AI क्रिएटिविटी को आम लोगों तक पहुंचा रहा है और फिल्म निर्माण का पूरा सिस्टम बदल सकता है.;

( Image Source:  ANI )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 19 Feb 2026 7:58 AM IST

शेखर कपूर (Shekhar Kapur), जो 'मिस्टर इंडिया' और 'बैंडिट क्वीन' जैसी मशहूर फिल्में बना चुके हैं, हाल ही में एक इंटरव्यू में बोले कि बॉलीवुड का भविष्य बहुत बदलने वाला है. उनका कहना है कि जल्द ही AI से बने एक्टर्स असली स्टार्स की जगह ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए अगला बड़ा हीरो या हीरोइन ऐसा होगा जो कभी बीमार नहीं पड़ेगा. वो कभी नखरे नहीं दिखाएगा, शूटिंग पर आने से मना नहीं करेगा और कभी फीस बढ़ाने की मांग भी नहीं करेगा क्यों? क्योंकि वो इंसान नहीं, बल्कि AI से बनाया गया होगा.

टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, 'स्टूडियो या प्रोड्यूसर खुद ही उसका मालिक होगा, तो सब कुछ उनके कंट्रोल में रहेगा. निर्माताओं के लिए ये बात बहुत अच्छी लग सकती है, क्योंकि आजकल फिल्मों में स्टार्स के बीमार पड़ने, डेट्स क्लैश होने या फीस बहुत बढ़ाने से बजट बेकाबू हो जाता है और शेड्यूल गड़बड़ हो जाता है. लेकिन साथ ही ये डरावना भी है, क्योंकि असली कलाकारों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं.

नए भारत की शुरुआत

शेखर कपूर ने ये भी कहा कि AI कोई छोटा-मोटा टूल नहीं है. ये एक नए भारत की शुरुआत है, जहां क्रिएटिविटी सबके लिए खुल जाएगी. उन्हें AI की ताकत का अहसास तब हुआ जब उनके घर के रसोइये ने उन्हें 'मिस्टर इंडिया 2' की स्क्रिप्ट दिखाई. 1987 वाली उनकी हिट फिल्म मिस्टर इंडिया जिसमें अनिल कपूर, श्रीदेवी और अमरीश पुरी थे, का सीक्वल. कपूर को लगा कि रसोइया ने बहुत अच्छी कहानी लिखी है. जब पूछा तो पता चला कि उसने चैटजीपीटी से वो स्क्रिप्ट बनवाई थी. मतलब, एक आम आदमी, जो पहले कहानी नहीं लिखता था, AI की मदद से इतनी अच्छी स्क्रिप्ट बना सकता है.

इन्फ्लुएंसर्स असली नहीं 

कपूर ने कहा, 'बड़ी-बड़ी फिल्में आज सर्टेन्टी पर टिकी हैं. AI आपको आइडिया दे सकता है और काम भी कर सकता है. अब वो छोटा बच्चा भी सिर्फ 2000 रुपये खर्च करके 300 करोड़ वाली फिल्म बना सकता है.' उन्होंने एक और चौंकाने वाली बात कही दुनिया भर में लगभग 50 प्रतिशत महिला इन्फ्लुएंसर्स असली नहीं हैं, बल्कि AI से बनी हुई हैं. उनका मानना है कि AI के लिए औरतों को बनाना आसान है क्योंकि मेकअप से स्किन का कलर और टेक्सचर ठीक-ठीक मैच किया जा सकता है, जबकि मर्द ज्यादातर मेकअप नहीं करते, इसलिए उन्हें बनाना थोड़ा मुश्किल है. 










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